Hardoi: कछुआ तालाब संरक्षण को लेकर डीएम अनुनय झा सख्त, प्रदूषण व जलीय जीवों के स्वास्थ्य पर मांगी विस्तृत रिपोर्ट।
तहसील बिलग्राम के ग्राम ककराखेड़ा में स्थित कछुआ तालाब के संरक्षण और पुनर्स्थापन के संबंध में एक बैठक जिलाधिकारी
बैठक मे जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि कछुआ तालाब के आसपास जल गुणवत्ता में गिरावट, सीवेज और नालियों के प्रवाह, ठोस और प्लास्टिक अपशिष्ट प्रदूषण, जलकुंभी के फैलाव, दुर्गंध और अतिक्रमण से संबंधित आकलन करें एवं प्रदूषित जल के कछुओं के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों की जांच, जिसमें संक्रमण और खोल संबंधी रोगों का बढ़ता जोखिम, कम घुलित ऑक्सीजन के कारण श्वसन तनाव, विषाक्त पदार्थों के संपर्क में आना, रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी, मृत्यु दर का जोखिम और कछुओं तथा अन्य जलीय जीवों के शारीरिक स्वास्थ्य और जीवित रहने की दर में समग्र गिरावट की भी जांच की जाये।
बैठक में डीएम ने कछुआ तालाब के लिए शमन और पारिस्थितिक पुनर्स्थापन रणनीतियों पर चर्चा की तथा कहा कि अल्पकालिक, मध्यम अवधि और दीर्घकालिक उपायों के तहत चरणबद्ध संरक्षण योजना के तहत कछुआ तालाब का कार्य पूरा किया जायेगा और शीघ्र संबंधित विभाग के अधिकारियों के साथ स्वयं कछुआ तालाब का निरीक्षण करेगें। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी नेहा व्याडबाल, डीएफओ, जिला पंचायत राज अधिकारी विनय कुमार सिंह, प्रभारी जिला सूचना अधिकारी दिव्या निगम सहित अन्य संबंधित विभाग के अधिकारी आदि उपस्थित रहे।
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