UP Politics: पूर्व आईएएस डॉ. दिनेश चंद्र की सीएम योगी से मुलाकात, सहारनपुर से भाजपा टिकट मिलने की चर्चाएं तेज
UP Politics: सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के बाद सहारनपुर से चुनाव लड़ने की अटकलें तेज हो गई हैं।
UP Politics: पूर्व आईएएस डॉ. दिनेश चंद्र की सीएम योगी से मुलाकात, सहारनपुर से भाजपा टिकट मिलने की चर्चाएं तेज
उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक गलियारों से निकलकर सियासत के मैदान में उतरने वाले चेहरों की फेहरिस्त में एक और बड़ा नाम जुड़ने की संभावना जताई जा रही है. सहारनपुर में उपजिलाधिकारी, सिटी मजिस्ट्रेट और अपर जिलाधिकारी जैसे महत्वपूर्ण पदों पर लंबे समय तक अपनी सेवाएं देने वाले सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र सिंह की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हाल ही में हुई मुलाकात के बाद राजनीतिक हलचल काफी तेज हो गई है. इस मुलाकात के बाद से ही कयास लगाए जा रहे हैं कि वे जल्द ही सक्रिय राजनीति में अपनी नई पारी की शुरुआत कर सकते हैं.
डॉ. दिनेश चंद्र ने सहारनपुर जिले सहित प्रदेश के कई अन्य हिस्सों में अपनी तैनाती के दौरान आम जनता के बीच एक बेहद ईमानदार और काम करने वाले अधिकारी के रूप में अपनी पहचान बनाई थी. सहारनपुर में लगभग आठ सालों के अपने लंबे सेवाकाल के दौरान उन्होंने स्थानीय जनता की समस्याओं को सुलझाने और सरकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसकी वजह से स्थानीय लोगों के बीच उनकी काफी अच्छी पकड़ मानी जाती है. यही कारण है कि अब राजनीतिक दल भी उनके इस अनुभव और लोकप्रियता को भुनाने की कोशिश में जुट गए हैं.
लखनऊ में हुई इस अहम मुलाकात के बाद से राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा बहुत आम हो गई है कि डॉ. दिनेश चंद्र भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर सकते हैं और उन्हें सहारनपुर देहात विधानसभा सीट से मैदान में उतारा जा सकता है. इन चर्चाओं के सामने आने के बाद जिले के व्यापारियों, किसानों और आम नागरिकों के बीच भी इस बात को लेकर काफी उत्सुकता देखी जा रही है. लोगों का मानना है कि यदि वे चुनावी मैदान में उतरते हैं, तो जिले के राजनीतिक समीकरणों में बड़ा फेरबदल देखने को मिल सकता है.
हालांकि, चुनावी टिकट मिलने या राजनीति में शामिल होने की इन तमाम अटकलों पर अभी तक न तो भारतीय जनता पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने आया है और न ही स्वयं डॉ. दिनेश चंद्र ने इस संबंध में कोई पुष्टि की है. राजनीतिक मामलों के जानकारों का कहना है कि किसी भी बड़े पूर्व प्रशासनिक अधिकारी का राजनीति में आना किसी भी दल के लिए फायदेमंद साबित होता है, लेकिन टिकट मिलने या न मिलने का अंतिम फैसला पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की चुनावी रणनीति, क्षेत्रीय समीकरणों और खुद प्रत्याशी के निर्णय पर ही निर्भर करेगा. फिलहाल, इस संभावित राजनैतिक बदलाव पर जिले के सभी प्रमुख दलों की नजरें टिकी हुई हैं.
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