मिलावटखोरों पर एफएसडीए का प्रहार- 'शुद्ध ही शुभ है' अभियान में 54 क्विंटल खाद्य सामग्री जब्त, 27 लाइसेंस निलंबित
दीपावली से पहले यूपी एफएसडीए के 'शुद्ध ही शुभ है' अभियान के तहत 1,133 स्थानों पर छापेमारी हुई। ₹1.32 करोड़ की खाद्य सामग्री जब्त और 27 दुकानों के लाइसेंस निलंबित।
दीपावली एवं भाई दूज के पावन पर्व पर प्रदेशवासियों को शुद्ध, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने मिलावटखोरों और अस्वच्छ परिस्थितियों में काम करने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध व्यापक स्तर पर प्रवर्तन कार्रवाई शुरू की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर संचालित 'शुद्ध ही शुभ है' महाभियान के अंतर्गत अब तक प्रदेश के विभिन्न जनपदों में 1,133 व्यापारिक व निर्माण प्रतिष्ठानों का सघन निरीक्षण किया गया है। इस दौरान विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थों के 935 विधिक नमूने संग्रहित किए गए, जबकि गंभीर अनियमितताओं और जनस्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले 27 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए हैं। विभाग ने लगभग 1.32 करोड़ रुपये मूल्य की 54 क्विंटल संदूषित एवं अधोमानक खाद्य सामग्री को जब्त करने में सफलता हासिल की है।

अभियान के अंतर्गत बरेली और मुरादाबाद में 32 खाद्य सचल दलों ने संयुक्त रूप से विशेष जांच अभियान चलाया। इसके साथ ही कासगंज, इटावा, हमीरपुर, महोबा, कुशीनगर और शाहजहांपुर में गठित अंतर्जनपदीय प्रवर्तन टीमों ने सघन छापे मारे। निरीक्षण के दौरान कई नामी प्रतिष्ठानों में स्वच्छता और गुणवत्ता मानकों की घोर अनदेखी उजागर हुई। बरेली के सुभाष नगर स्थित 'न्यू बाजपेई स्वीट्स' में भट्ठी के निकट शौचालय संचालित पाए जाने, परिसर में जलभराव और भारी गंदगी के कारण उसका लाइसेंस निलंबित कर दिया गया। वहीं कैलाशपुरी स्थित 'धीरज स्वीट्स एंड कन्फेक्शनरी' में फफूंद लगा घेवर और अस्वच्छ परिवेश मिलने पर निलंबन की कार्रवाई की गई।

मुरादाबाद जनपद के डिलारी स्थित 'हुकूमत मिल्क केक' की निर्माणशाला में अत्यंत असुरक्षित और संदूषित परिस्थितियों में रसगुल्ले बनते पाए जाने पर इकाई का लाइसेंस रद्द किया गया। इसी प्रकार कोहिनूर तिराहे स्थित 'मदनी स्वीट्स' में एक्सपायरी सामग्री, अखाद्य रंगों के उपयोग और चूहों की मौजूदगी जैसी गंभीर खामियों पर प्रतिष्ठान को बंद कराया गया। मुरादाबाद की बड़ी सब्जी मंडी के निकट स्थित 'बीना मिष्ठान भंडार' बिना वैध खाद्य लाइसेंस और भारी गंदगी के बीच संचालित मिला, जिसे सील कर उसका कारोबार बंद करा दिया गया। इसके अलावा कासगंज के 'पवन स्वीट्स' पर भी अस्वच्छता के चलते दंडात्मक कदम उठाए गए।

एफएसडीए की टीमें कच्चे माल की गुणवत्ता, सुरक्षित भंडारण, श्रमिकों की व्यक्तिगत स्वच्छता से लेकर अनुमन्य खाद्य रंगों के प्रयोग की सघन पड़ताल कर रही हैं। विभाग द्वारा विशेष रूप से केवल त्योहारों पर संचालित होने वाली अस्थायी दुकानों, दूरदराज के गोदामों और थोक भंडारण केंद्रों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अभियान का ध्येय छोटे और खुदरा व्यापारियों का उत्पीड़न करना नहीं है, बल्कि सुधार योग्य सामान्य कमियों पर नियमानुसार नोटिस देकर उन्हें व्यवस्थाएं ठीक करने का पर्याप्त अवसर दिया जा रहा है। हालांकि, अखाद्य रासायनिक रंगों के इस्तेमाल, प्रतिबंधित मिलावट और गंभीर लापरवाही बरतने वाले मिलावटखोरों के विरुद्ध सख्त विधिक व दंडात्मक कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।
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