हाथरस- बाल संरक्षण समिति की बैठक में बालिकाओं की शिक्षा और बाल विवाह रोकथाम पर जोर, योजनाओं की दी गई जानकारी
हाथरस के मुरसान ब्लॉक में बाल संरक्षण समिति और टास्कफोर्स की बैठक आयोजित। कन्या सुमंगला, बाल सेवा योजना और बाल विवाह रोकथाम पर अधिकारियों ने दिए दिशा-निर्देश।
हाथरस जनपद के विकासखंड मुरसान स्थित सभागार में 'ब्लॉक बाल संरक्षण समिति', 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' तथा 'बाल विवाह टास्कफोर्स' की संयुक्त समीक्षा बैठक एवं उन्मुखीकरण प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बैठक में बाल अधिकारों के संरक्षण, बालिकाओं की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और शासन द्वारा संचालित लोककल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक पहुंचाने पर विस्तृत चर्चा की गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सहायक विकास अधिकारी (एडीओ) ज्ञानदीप शर्मा ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) सहित अन्य विभागीय योजनाओं की रूपरेखा साझा की। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों व कर्मचारियों को निर्देशित किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में चिन्हित जरूरतमंद बच्चों और महिलाओं को प्राथमिकता के आधार पर इन योजनाओं से आच्छादित किया जाए। खंड शिक्षा अधिकारी गिर्राज सिंह ने अभिभावकों और समाज से शत-प्रतिशत बालिकाओं का विद्यालयों में नामांकन कराने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने बच्चों को मोबाइल व टेलीविजन के अत्यधिक उपयोग से दूर रखकर उनमें सकारात्मक संस्कार रोपित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
महिला कल्याण विभाग की जिला मिशन समन्वयक (डीएमसी) मोनिका दीक्षित ने विभाग द्वारा संचालित 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ', 'मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना', 'मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना', 'स्पॉन्सरशिप' एवं 'फोस्टर केयर' योजनाओं के पात्रता नियमों व आवेदन प्रक्रिया से अवगत कराया। उन्होंने 'बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम', 'घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम', 'बाल श्रम निषेध कानून' तथा 'किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम' के प्रमुख विधिक प्रावधानों की जानकारी दी। इसके अतिरिक्त उन्होंने आपातकालीन परिस्थितियों के लिए संचालित महिला हेल्पलाइन 181, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और एकीकृत आपात सेवा 112 के उपयोग के प्रति जागरूक करते हुए लिंग आधारित सामाजिक भेदभाव समाप्त करने की अपील की।
मुरसान थाने के बाल कल्याण पुलिस अधिकारी ने संकटग्रस्त बच्चों के संरक्षण में पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली समझाई। विशेष दत्तक ग्रहण इकाई की सामाजिक कार्यकर्ता प्रीती गोयल ने बाल दत्तक ग्रहण (अडॉप्शन) की वैधानिक व पारदर्शी प्रक्रिया पर प्रकाश डाला। बैठक के दौरान सुपरवाइजर हेमलता ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को योजनाओं के समयबद्ध आवेदन कराने और ग्राम बाल संरक्षण समिति की बैठकों का नियमित कार्यवृत्त तैयार करने के निर्देश दिए। कार्यक्रम में महिला कल्याण विभाग से बंटी कुशवाहा सहित विकासखंड मुरसान की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सुपरवाइजर उपस्थित रहीं।
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