बॉलीवुड गॉसिप: फिल्म 'गदर' के डायरेक्टर का चौंकाने वाला बयान, गोविंदा के दावों को बताया 'बेमतलब की बात'
Gadar Tara Singh Role: डायरेक्टर अनिल शर्मा ने एक पॉडकास्ट में खुलासा किया है कि सनी देओल ही गदर के लिए पहली पसंद थे, गोविंदा को लेकर चल रही बातें बेबुनियाद हैं।
- Gadar Tara Singh Role Controversy: 'गदर' के डायरेक्टर अनिल शर्मा का बड़ा खुलासा, क्या गोविंदा को लेकर फैली अफवाहें थीं झूठी?
- Gadar Movie Cast Secret: सनी देओल ही थे 'तारा सिंह' के लिए पहली पसंद, डायरेक्टर अनिल शर्मा ने गोविंदा के दावों पर तोड़ी चुप्पी
- क्या 'गदर' में तारा सिंह के रोल के लिए गोविंदा थे पहली पसंद? डायरेक्टर अनिल शर्मा के नए खुलासे से इंटरनेट पर मचा हड़कंप
भारतीय सिनेमा इतिहास की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में शुमार साल 2001 की कल्ट क्लासिक 'गदर: एक प्रेम कथा' एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गई है। फिल्म में सनी देओल द्वारा निभाया गया 'तारा सिंह' का किरदार आज भी मील का पत्थर माना जाता है। हालांकि, सिनेमाई गलियारों में सालों से यह दावा किया जाता रहा है कि मेकर्स की पहली पसंद सनी देओल नहीं बल्कि मशहूर अभिनेता गोविंदा थे। अब इस पूरे विवाद और दावों पर फिल्म के निर्देशक अनिल शर्मा ने एक इंटरव्यू में बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा किया है, जिससे इंटरनेट पर हलचल मच गई है। अनिल शर्मा ने इन पुरानी चर्चाओं को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें 'बेमतलब फैलाई हुई बात' करार दिया है। बुधवार को सामने आए इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर फैंस और समीक्षकों के बीच एक नई बहस छिड़ गई है कि आखिर इतने सालों से चल रही इस थ्योरी का सच क्या है।
यह पूरा मामला फिल्म 'गदर' की कास्टिंग और उसमें मुख्य किरदार को लेकर किए गए दावों से जुड़ा हुआ है। अभिनेता गोविंदा ने अतीत में कई साक्षात्कारों में संकेत दिया था कि उन्हें 'गदर' जैसी बड़ी फिल्मों की स्क्रिप्ट ऑफर की गई थी लेकिन विभिन्न कारणों से वे इसे नहीं कर पाए। कई फैंस और मीडिया रिपोर्ट्स ने मान लिया कि तारा सिंह का आइकॉनिक किरदार पहले गोविंदा के पास गया था। अब निर्देशक अनिल शर्मा ने एक डिजिटल पॉडकास्ट में खुलकर इस पर अपनी बात रखी है और साफ किया है कि फिल्म की पटकथा लिखते समय उनके दिमाग में सनी देओल के अलावा कभी कोई दूसरा नाम आया ही नहीं था।
अनिल शर्मा के अनुसार, फिल्म 'गदर' का निर्माण एक बेहद भव्य पैमाने पर किया जा रहा था और इसके लिए एक ऐसे अभिनेता की जरूरत थी जिसके चेहरे पर मासूमियत भी हो और एक्शन दृश्यों में उतना ही भारीपन नजर आए। डायरेक्टर ने बताया कि उन्होंने फिल्म की कहानी की पहली लाइन लिखने से लेकर इसके क्लाइमेक्स तक, सिर्फ और सिर्फ सनी देओल को ही ध्यान में रखा था।
गोविंदा का नाम इस फिल्म से कैसे जुड़ा, इस पर प्रकाश डालते हुए सिनेमा विशेषज्ञों का कहना है कि अनिल शर्मा और गोविंदा ने साल 1998 में फिल्म 'महाराजा' में साथ काम किया था। उसी दौरान शायद 'गदर' की कहानी के कुछ विचारों पर अनौपचारिक चर्चा हुई होगी, जिसे बाद में गलत तरीके से यह समझ लिया गया कि उन्हें फिल्म ऑफर हुई थी। अनिल शर्मा ने वर्तमान इंटरव्यू में इस बात पर गहरा आश्चर्य जताया कि लोग कैसे बिना किसी आधिकारिक पुष्टि के इस तरह की बातें फैला देते हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि गोविंदा एक बेहतरीन अभिनेता हैं, लेकिन तारा सिंह का किरदार कभी उन्हें ध्यान में रखकर लिखा ही नहीं गया था।
इस सनसनीखेज खुलासे के बाद सोशल मीडिया दो गुटों में बंट गया है। सनी देओल के प्रशंसकों का कहना है कि सनी पाजी के बिना 'गदर' की कल्पना करना भी असंभव है। हैंडपंप उखाड़ने वाले सीन से लेकर भारी-भरकम संवाद अदायगी तक, जो प्रभाव सनी देओल ने छोड़ा, वह कोई और नहीं कर सकता था।
दूसरी ओर, गोविंदा के करीबियों या उनकी टीम की तरफ से इस ताजा बयान पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कुछ पुराने जानकारों का मानना है कि अक्सर बड़ी फिल्मों के निर्माण के समय कई अभिनेताओं से शुरुआती बातचीत होती है, जिसे बाद में 'ऑफर ठुकराने' का नाम दे दिया जाता है। अनिल शर्मा के इस बयान ने अब सालों पुरानी इस गॉसिप पर पूर्णविराम लगाने की कोशिश की है।
इस खुलासे का असर बॉलीवुड की पुरानी क्लासिक फिल्मों के इतिहास और उनकी कास्टिंग से जुड़ी बहसों पर पड़ेगा। अक्सर सोशल मीडिया पर 'व्हाट इफ' (अगर ऐसा होता तो क्या होता) जैसे ट्रेंड चलते रहते हैं, जिनमें गोविंदा को गदर का हिस्सा न होने पर अफसोस जताते हुए दिखाया जाता था। अनिल शर्मा के स्पष्टीकरण के बाद अब इन थ्योरीज की विश्वसनीयता कम हो गई है। यह मामला दिखाता है कि डिजिटल युग में डायरेक्टर्स और मेकर्स अब पुरानी भ्रांतियों को दूर करने के लिए अधिक मुखर हो रहे हैं ताकि उनकी फिल्मों का प्रामाणिक इतिहास दर्शकों के सामने रहे।
अनिल शर्मा के इस बयान के बाद अब फिल्म समीक्षक और फैंस यह देखने को उत्सुक हैं कि क्या गोविंदा भविष्य में किसी मंच पर इस भ्रम को लेकर अपनी स्थिति साफ करेंगे। 'गदर 2' की ऐतिहासिक सफलता के बाद अनिल शर्मा इस समय अपने आगामी प्रोजेक्ट्स की तैयारियों में जुटे हुए हैं। बॉलीवुड कास्टिंग के इस अनसुने सच के बाहर आने के बाद, पुरानी फिल्मों के ओरिजिनल ड्राफ्ट और कास्टिंग नोट्स को लेकर दर्शकों की दिलचस्पी एक बार फिर बढ़ गई है।
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