Gurugram Road Rage: 5 गाड़ियों को रौंदने और महिला से बदसलूकी करने वाले स्कॉर्पियो चालक को थाने से मिली जमानत, पुलिस की कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल
गुरुग्राम के सेक्टर-83 में 5 गाड़ियों को टक्कर मारने और महिला से अभद्रता करने वाले स्कॉर्पियो चालक को थाने से जमानत मिलने पर विवाद खड़ा हो गया है। पीड़िता ने पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं।
- गैर-जमानती धारा के बावजूद थाने से बेल: गुरुग्राम में नशे में धुत स्कॉर्पियो चालक पर मेहरबानी का आरोप, पीड़िता ने जताई जान के खतरे की आशंका
- गुरुग्राम के सेक्टर-83 में रॉन्ग साइड से गाड़ियों को टक्कर मारने वाला आरोपी हिरासत के तुरंत बाद रिहा, पीड़िता ने पूछा— ऐसे कैसे मिलेगी सुरक्षा?
- गुरुग्राम हिट एंड रन केस में विवाद: पांच वाहन क्षतिग्रस्त और महिला पत्रकार से हाथापाई, पुलिस ने गिरफ्तारी के कुछ देर बाद ही दे दी जमानत
हरियाणा के साइबर सिटी गुरुग्राम में सड़क सुरक्षा और पुलिसिया कार्रवाई को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। सेक्टर-83 इलाके में रॉन्ग साइड से आ रही एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने पांच वाहनों को जोरदार टक्कर मार दी। इस दुर्घटना के बाद जब क्षतिग्रस्त कार सवार महिला ने चालक से विरोध जताया, तो आरोप है कि शराब के नशे में धुत चालक ने महिला के साथ मारपीट, कपड़े खींचने और गंभीर अभद्रता की। मामले में गैर-जमानती धारा सहित विभिन्न संगीन धाराओं में प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने आरोपी चालक को हिरासत में लेने के कुछ ही देर बाद थाने से जमानत पर छोड़ दिया, जिससे कानून व्यवस्था और पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
यह घटना सेक्टर-83 से जयमल चौक को जोड़ने वाले मार्ग पर घटी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कई गाड़ियां बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं और चलने की स्थिति में नहीं रहीं। दुर्घटना के वक्त महिला अपनी कार में पति और सास के साथ जा रही थीं। पीड़िता के अनुसार, दुर्घटना और उसके बाद हुई झूमाझटकी में उनके चेहरे, हाथ और सीने पर चोटें आई हैं, जबकि कार में सवार उनके पति और बुजुर्ग सास भी घायल हुए हैं।
विरोध करने पर अभद्रता और हाथापाई का आरोप
प्राथमिकी में दर्ज विवरण के अनुसार, दुर्घटना के तुरंत बाद जब पीड़िता ने आरोपी चालक से लापरवाही को लेकर सवाल किया, तो उसने फोन पर बात करते हुए दरवाजा खोलने से मना कर दिया। बाहर आने पर उसने अपशब्द कहे और महिला पर हाथ उठाने की कोशिश की। आरोप है कि जब महिला ने बचाव किया तो आरोपी ने उनसे बदतमीजी करते हुए जान से मारने की धमकी दी।
घटना के दौरान मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई थी और इस पूरे विवाद का वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया, जिसमें दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक और खींचतान दिखाई दी। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने दोनों क्षतिग्रस्त वाहनों को कब्जे में लिया और आरोपी को थाने ले जाया गया।
गैर-जमानती धारा के बावजूद थाने से जमानत पर उठे सवाल
खेड़की दौला थाना पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 281 (लापरवाही से वाहन चलाना), धारा 125(ए) (जीवन संकट में डालना), धारा 324(4) (सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान) और धारा 74 (महिला की लज्जा भंग करने के इरादे से हमला या बल प्रयोग) के तहत मुकदमा दर्ज किया।
कानूनी जानकारों के अनुसार, महिला की लज्जा भंग करने से जुड़ी धारा 74 गैर-जमानती श्रेणी में आती है। इसके बावजूद आरोपी को अदालत में पेश किए बिना थाने से ही बेल दे दी गई। इस फैसले पर पीड़िता ने कड़ा ऐतराज जताते हुए अपनी और अपने परिवार की जान को खतरा बताया है। पीड़िता का कहना है कि इतने गंभीर मामले में जब आरोपी प्रत्यक्ष रूप से कानून तोड़ता पकड़ा गया, तब उसे तत्काल थाने से छोड़ दिया जाना आम नागरिकों की सुरक्षा व्यवस्था को कटघरे में खड़ा करता है।
पुलिस के अनुसार, दुर्घटना में शामिल वाहनों की यांत्रिक जांच कराई जा रही है और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। वहीं पीड़िता ने उच्च पुलिस अधिकारियों से मिलकर इस मामले में सख्त कार्रवाई और थाने से दी गई जमानत प्रक्रिया की निष्पक्ष समीक्षा करने की मांग की है।
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