हरदोई में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना की समीक्षा: लोन खारिज करने पर बैंकों को फटकार, आरबीआई को जाएगा पत्र
हरदोई में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना की समीक्षा बैठक। भारी संख्या में ऋण आवेदन निरस्त करने और शून्य प्रगति पर डीएम ने बैंकों को लगाई कड़ी फटकार।
स्वामी विवेकानंद सभागार में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना की प्रगति को लेकर समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी राहुल पाण्डेय ने विभिन्न बैंकों के स्तर पर लंबित प्रकरणों, प्राप्त आवेदनों की स्थिति और ऋण स्वीकृति की जमीनी प्रगति की गहन समीक्षा की। युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने वाली इस महत्वाकांक्षी योजना में बैंकों द्वारा बड़े पैमाने पर आवेदन खारिज किए जाने और अत्यधिक देरी बरतने पर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई।
समीक्षा के दौरान भारतीय स्टेट बैंक और बैंक ऑफ इंडिया की धीमी प्रगति पाए जाने पर जिलाधिकारी ने संबंधित बैंक प्रबंधकों से स्पष्टीकरण मांगा। उन्होंने दोनों बैंकों में लंबित आवेदनों की भरमार और ऋण निरस्त किए जाने के बढ़ते आंकड़ों पर असंतोष व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि पात्र अभ्यर्थियों के अभिलेखों का नियमानुसार पुनः परीक्षण किया जाए और तय समय सीमा में ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी की जाए। इसके साथ ही एक्सिस बैंक और एचडीएफसी बैंक की कार्यप्रणाली पर भी नाराजगी जताते हुए लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।

बैठक में आईडीबीआई बैंक द्वारा लगभग 90 प्रतिशत, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया द्वारा करीब 88 प्रतिशत और बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा लगभग 80 प्रतिशत ऋण आवेदन निरस्त किए जाने का गंभीर तथ्य सामने आया। इतनी बड़ी तादाद में आवेदनों को खारिज किए जाने पर जिलाधिकारी ने संबंधित बैंक प्रतिनिधियों से कारण पूछते हुए समूची प्रक्रिया की समीक्षा की। उन्होंने दो टूक कहा कि बिना किसी ठोस आधार के युवाओं के स्वरोजगार से जुड़े आवेदनों को निरस्त करना स्वीकार नहीं किया जाएगा।
योजना के तहत एक भी ऋण स्वीकृत न करने और बैठक से गैरहाजिर रहने पर आईसीआईसीआई बैंक के रवैये को अत्यंत गंभीरता से लिया गया। जिलाधिकारी ने इस घोर लापरवाही पर कड़ा संज्ञान लेते हुए बैंक के जोनल कार्यालय और भारतीय रिजर्व बैंक को आधिकारिक पत्र प्रेषित कर कार्रवाई सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
दस्तावेजों में कमियों के संबंध में बैंकों की ओर से उठाए गए बिंदुओं पर जिलाधिकारी ने उपायुक्त उद्योग हर्ष प्रताप सिंह को निर्देशित किया कि जिन आवेदकों के प्रपत्र अधूरे हैं, उन्हें बैंकों के साथ समन्वय स्थापित कर अविलंब दुरुस्त कराया जाए, ताकि तकनीकी कारणों से किसी का ऋण न रुके। उन्होंने सभी बैंक अधिकारियों को ताकीद की कि योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए पात्र युवाओं को समय पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाए। बैठक में अग्रणी जिला प्रबंधक तथा विभिन्न वाणिज्यिक बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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