हाथरस में बाल श्रम और भिक्षावृत्ति पर बड़ा प्रहार, संयुक्त टीम ने 6 बच्चों को कराया मुक्त
हाथरस के सासनी क्षेत्र में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट और श्रम विभाग ने छापेमारी कर आधा दर्जन बाल श्रमिकों को मुक्त कराया। दुकानदारों पर विधिक कार्रवाई शुरू।
हाथरस। जनपद में बाल श्रम और भिक्षावृत्ति की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे सघन अभियान के तहत पुलिस व श्रम विभाग के संयुक्त दल ने सासनी क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा के दिशा-निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक के पर्यवेक्षण में गठित टीम ने विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर औचक निरीक्षण कर करीब आधा दर्जन कामकाजी बच्चों को मुक्त कराया। आवश्यक औपचारिकताओं के बाद सभी बच्चों को सुरक्षित उनके परिजनों को सौंप दिया गया, जबकि बाल श्रम कराने वाले सेवायोजकों के विरुद्ध विधिक प्रक्रिया प्रारंभ की गई है।
एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट के प्रभारी निरीक्षक रवि भूषण शर्मा के नेतृत्व में उपनिरीक्षक सुनील कुमार, आरक्षी अनुज कुमार, श्रम प्रवर्तन अधिकारी दिनेश कुमार सिंह, सहायक कर्मी प्रेमपाल सिंह और सहयोगी संगठन के योगेश पचौरी व अमरीश कुमार राय की संयुक्त टीम ने सासनी चौराहा, जलेसर मार्ग, भोलू मार्केट, गांधी चौक, कमला बाजार तथा रूदायन अड्डा क्षेत्र में व्यापक तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान विभिन्न दुकानों, ढाबों और वाणिज्यिक केंद्रों की गहन पड़ताल की गई, जहां काम करते मिले बच्चों को तत्काल प्रभाव से अपने संरक्षण में लिया गया।
छापेमारी की कार्रवाई के साथ ही अधिकारियों ने व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों को बच्चों से मजदूरी अथवा भिक्षावृत्ति कराने के गंभीर कानूनी परिणामों से अवगत कराया। उपस्थित लोगों को संकटग्रस्त बच्चों और महिलाओं की सहायता के लिए संचालित आपातकालीन संपर्क नंबरों जैसे 1090, 1098, 1076, 112 और साइबर अपराध से जुड़े 1930 की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से बताया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बच्चों का स्थान काम के प्रतिष्ठान नहीं बल्कि विद्यालय हैं और जिले में बाल श्रम पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए यह जांच अभियान लगातार चलाया जाएगा।
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