गेहूं और आलू के वाजिब दाम न मिलने पर सासनी में भाकियू का प्रदर्शन, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

हाथरस के सासनी में भाकियू अराजनीतिक ने गेहूं समर्थन मूल्य और आलू अनुदान बढ़ाने की मांग को लेकर तहसील पर प्रदर्शन किया। एसडीएम को ज्ञापन सौंप दी आंदोलन की चेतावनी।

By INA News Desk
Oct 5, 2026 - 22:58
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गेहूं और आलू के वाजिब दाम न मिलने पर सासनी में भाकियू का प्रदर्शन, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

फसलों की लागत के अनुपात में उचित लाभकारी मूल्य न मिलने से आक्रोशित भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) के कार्यकर्ताओं ने हाथरस जनपद की सासनी तहसील परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने आरोप लगाया कि बढ़ती महंगाई के दौर में कृषि उपजों के सरकारी दाम नाकाफी हैं, जिससे खेती घाटे का सौदा बनती जा रही है। संगठन के पदाधिकारियों ने गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य में पर्याप्त वृद्धि करने और आलू उत्पादक किसानों को बिना शर्त सीधा अनुदान देने की मांग को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। प्रधानमंत्री, केंद्रीय कृषि मंत्री, मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी को संबोधित यह मांग पत्र उपजिलाधिकारी शिव प्रकाश यादव तथा तहसीलदार डौली यादव को सौंपा गया।

तहसील परिसर में आयोजित धरना-प्रदर्शन की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष चौधरी उमाशंकर कांत ने की और मंच का संचालन अधिवक्ता संजय शर्मा ने किया। धरने को संबोधित करते हुए किसान नेताओं ने कहा कि वर्तमान में महंगाई की दर लगभग साढ़े चौदह प्रतिशत के स्तर पर पहुंच चुकी है, जबकि इसके सापेक्ष गेहूं के सरकारी खरीद मूल्य में मात्र 25 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है, जो सीधे तौर पर किसानों के परिश्रम की अनदेखी है। किसान नेताओं ने मांग उठाई कि बढ़ती लागत को ध्यान में रखते हुए गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य में कम से कम 252 रुपये प्रति क्विंटल की तत्काल वृद्धि की जानी चाहिए।

आलू की खेती के संकट पर चर्चा करते हुए किसान प्रतिनिधियों ने मौजूदा अनुदान व्यवस्था को छलावा करार दिया। उन्होंने कहा कि कागजों में आलू पर 500 रुपये प्रति क्विंटल अनुदान का दावा किया जाता है, किंतु जमीनी हकीकत यह है कि 50 किलोग्राम के एक बैग पर केवल 50 रुपये ही किसानों के हाथ लगते हैं। यह सहायता अत्यधिक कम है और किसानों की लागत निकालने में भी असमर्थ है। यूनियन ने मांग रखी कि बिचौलियों और जटिल शर्तों से परे हटकर प्रत्येक पंजीकृत व वास्तविक आलू उत्पादक किसान को 100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से सीधा वित्तीय अनुदान बैंक खातों में उपलब्ध कराया जाए।

यूनियन के पदाधिकारियों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि किसानों की इन जायज मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा। संगठन की पूर्व निर्धारित रणनीति के अनुसार आने वाले दिनों में अलीगढ़ के उद्यान पार्क, राजधानी लखनऊ के ईको गार्डन और हाथरस कलेक्ट्रेट पर विशाल प्रदर्शन आयोजित कर सरकार तक किसानों की आवाज पहुंचाई जाएगी। इस विरोध प्रदर्शन में राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह, राजकुमार कौशिक, मुन्नीलाल शर्मा, कुलदीप सिराही, रामवीर सिंह, अजय गुप्ता, महेंद्र उपाध्याय, मनीष कुमार तथा रानेश सिंह सोलंकी सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

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