यूपी में पशुधन डिजिटल मिशन की उच्चस्तरीय समीक्षा, तीन दिन में नोडल अधिकारियों की तैनाती के कड़े निर्देश

उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय पशुधन डिजिटल मिशन की उच्चस्तरीय समीक्षा। मुख्य सचिव ने तीन दिन में नोडल अफसरों की तैनाती और भारत पशुधन ऐप पर डेटा फीडिंग के निर्देश दिए।

By INA News Desk
Oct 5, 2026 - 23:00
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यूपी में पशुधन डिजिटल मिशन की उच्चस्तरीय समीक्षा, तीन दिन में नोडल अधिकारियों की तैनाती के कड़े निर्देश
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उत्तर प्रदेश में पशुधन के डिजिटल रिकॉर्ड को वैज्ञानिक और आधुनिक रूप से सुरक्षित करने तथा आवारा पशुओं के प्रभावी प्रबंधन के लिए राष्ट्रीय पशुधन डिजिटल मिशन (एनडीएलएम) के कार्यों को गति देने का निर्णय लिया गया है। राजधानी लखनऊ में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने मिशन के क्रियान्वयन की गहन पड़ताल की। इस दौरान भारत पशुधन ऐप पर पशुओं के डिजिटल डाटा का शत-प्रतिशत संधारण, निराश्रित श्वानों का पंजीकरण और नगर निगमों में संचालित एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) कार्यक्रम की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रदेश में पशुधन से जुड़े सभी विवरणों को व्यवस्थित, अद्यतन और पारदर्शी बनाने के लिए मिशन के तहत संचालित गतिविधियों में तेजी लाई जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत पशुधन ऐप पर डाटा अपलोड करने के कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में नोडल अधिकारियों के नामांकन की प्रक्रिया को तीन दिन के भीतर अनिवार्य रूप से पूरा करने का समय दिया गया है। इसके साथ ही नामित कर्मियों की डिजिटल पहचान पत्र (आईडी) तैयार कर त्वरित डाटा फीडिंग सुनिश्चित करने और नोडल व्यवस्था बनते ही आवारा पशुओं की व्यापक मैपिंग शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।

योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए राज्य, जिला और विकास खंड स्तर पर प्रशासनिक तालमेल को मजबूत करने पर बल दिया गया। मुख्य सचिव ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में पशुधन और सड़कों पर घूमने वाले श्वानों की प्रभावी निगरानी के लिए प्रत्येक वार्ड में स्थानीय नोडल अधिकारी की तैनाती प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। उन्होंने लंबित कार्यों की लगातार समीक्षा करने और तय समय-सीमा के भीतर परिणाम देने पर जोर दिया, ताकि शहरी व ग्रामीण दोनों स्तरों पर पशु नियंत्रण और स्वास्थ्य प्रबंधन का वास्तविक लाभ दिख सके।

बैठक में प्रस्तुत प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश के सभी 17 नगर निगमों में एनिमल बर्थ कंट्रोल कार्यक्रम लगातार सक्रिय है। चालू वित्तीय सत्र के दौरान 75,006 से अधिक श्वानों की नसबंदी और टीकाकरण का कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है। प्रशासनिक ढांचे की बात करें तो राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर पर नोडल अधिकारियों की तैनाती का कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण हो चुका है, जबकि ग्राम पंचायत स्तर पर 99.85 प्रतिशत और शहरी वार्डों में 92.28 प्रतिशत अधिकारियों के गठन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। शेष कार्य को भी तत्काल पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। समीक्षा बैठक में अपर मुख्य सचिव पशुधन मुकेश कुमार मेश्राम सहित अन्य वरिष्ठ विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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