सम्भल में नेजा मेला स्थल पर निर्माण को लेकर विवाद- कोर्ट में मामला विचाराधीन, कमेटी ने ईओ को सौंपा ज्ञापन
सम्भल में प्राचीन नेजा मेला स्थल पर निर्माण की आशंका पर कमेटी ने नगरपालिका को ज्ञापन सौंपा। मामला सिविल कोर्ट में विचाराधीन होने का हवाला देकर काम रोकने की मांग।
Report : उवैस दानिश, सम्भल
- सम्भल में नेजा मेला स्थल पर निर्माण को लेकर घमासान! कोर्ट में मुकदमा विचाराधीन, कमेटी ने नगरपालिका को सौंपा ज्ञापन
सम्भल में दरगाह, प्राचीन नेजा मेला स्थल का आयोजन को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है। नगर पालिका मैदान के पास स्थित मेले की जमीन पर निर्माण कराए जाने की आशंका के बीच धार्मिक नेजा मेला कमेटी ने मोर्चा खोल दिया है। कमेटी के पदाधिकारियों ने नगर पालिका परिषद पहुंचकर अधिशासी अधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपा और न्यायालय में मुकदमा विचाराधीन होने का हवाला देते हुए निर्माण कार्य रोकने की मांग की।
कमेटी का दावा- सैकड़ों वर्षों से लगता आ रहा है नेजा मेला
एडवोकेट खुर्शीद अहमद ने कहा कि इस स्थान पर वर्षों से नेजा मेला लगता आ रहा है। यहां दरगाह के पास दुकानें लगती हैं और रामलीला का आयोजन भी होता है। मेले में आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से लोग पहुंचते हैं, जबकि दुकानदारों को रोजगार मिलता है।

कमेटी को आशंका है कि प्रस्तावित कार्यालय भवन के निर्माण से मेले के आयोजन, वाहनों की पार्किंग और लोगों के बैठने की जगह प्रभावित होगी। कमेटी ने दरगाह की जगह सुरक्षित रखने की मांग भी उठाई है।
ज्ञापन में मुकदमे का हवाला, निर्माण रोकने की मांग
27 अक्टूबर 2026 को दिए गए ज्ञापन में धार्मिक नेजा मेला कमेटी ने मुकदमा संख्या 1667/2018 का उल्लेख करते हुए कहा है कि नगरपालिका मैदान और गेट से संबंधित मामला सम्भल की सिविल अदालत में विचाराधीन है। कमेटी ने मांग की है कि मामले में न्यायालय के निर्णय और कानूनी स्थिति को ध्यान में रखते हुए संबंधित स्थल पर निर्माण कार्य न कराया जाए। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि निर्माण होने से धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के लिए जगह की कमी हो सकती है।
अधिकारियों पर लगाए आरोप, हाईकोर्ट जाने की तैयारी
कमेटी के अध्यक्ष शाहिद मसूदी ने आरोप लगाया कि नगरपालिका के अधिकारी शासन के आदेश का हवाला दे रहे हैं, जबकि कमेटी का कहना है कि कार्यालय भवन के लिए दूसरी जगह भी उपलब्ध हो सकती है।

उन्होंने बताया कि ज्ञापन की प्रतिलिपि मंडलायुक्त को भी भेजी गई है। वहीं, एडवोकेट खुर्शीद अहमद ने कहा कि कमेटी ने प्रशासन को सहयोग देने की पेशकश की है और जरूरत पड़ने पर टेंट, लाउडस्पीकर व पानी के टैंकर जैसी व्यवस्थाओं का खर्च उठाने को भी तैयार है। उन्होंने मेले के आयोजन की अनुमति के लिए दोबारा हाईकोर्ट जाने की बात कही। अब इस मामले में नगरपालिका प्रशासन का रुख महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल कमेटी की मांग है कि न्यायालय में मामला लंबित रहने के दौरान विवादित स्थल पर निर्माण न कराया जाए और नेजा मेले की परंपरा को बनाए रखने के लिए जगह सुरक्षित रखी जाए।
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