IMD Rain Alert: दिल्ली, यूपी, बिहार समेत 18 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी

IMD Rain Alert Update: मौसम विभाग ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और बिहार समेत देश के 18 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सावधान किया है।

Jul 10, 2026 - 13:14
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IMD Rain Alert: दिल्ली, यूपी, बिहार समेत 18 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी
Monsoon 2026 India Update
  • Monsoon 2026 Update: आफत की बारिश! देश के 18 राज्यों में मौसम विभाग का अलर्ट, जलभराव और लैंडस्लाइड का बढ़ा खतरा
  • देशभर में मानसून का रौद्र रूप: दिल्ली-यूपी से लेकर उत्तराखंड तक 18 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, पहाड़ों पर भूस्खलन की चेतावनी
  • मौसम का महासंकट: देश के 18 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, उत्तराखंड में भूस्खलन और आकाशीय बिजली का बड़ा खतरा

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के एक बड़े हिस्से में सक्रिय मानसून के चलते मौसम की स्थिति को लेकर एक बेहद गंभीर चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और बिहार समेत देश के कुल 18 राज्यों में अगले 48 से 72 घंटों के भीतर अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है। शुक्रवार को जारी इस प्रशासनिक अलर्ट के तहत कई मैदानी इलाकों में गंभीर जलभराव (Waterlogging) और पर्वतीय राज्यों, विशेषकर उत्तराखंड में खतरनाक भूस्खलन (Landslide) व आकाशीय बिजली का हाई अलर्ट जारी किया गया है। बदलते मौसम के इस मिजाज को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए चौबीसों घंटे मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं।

देशभर में मानसूनी हवाओं की तीव्र सक्रियता और पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के आपसी मेल के कारण भारत के एक बड़े भूभाग पर आफत की बारिश का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एक साथ 18 राज्यों को येलो और ऑरेंज अलर्ट के दायरे में रखा है। इस मानसूनी स्पेल के कारण मैदानी इलाकों के शहरी ड्रेनेज सिस्टम पर भारी दबाव देखा जा रहा है, जिससे सामान्य जनजीवन और परिवहन व्यवस्था अस्त-व्यस्त हो रही है। वहीं, हिमालयी राज्यों में यह बारिश पहाड़ों के खिसकने और अचानक आने वाली बाढ़ (Flash Flood) के रूप में एक बड़े सुरक्षा जोखिम का कारण बनती नजर आ रही है।

दक्षिण-पश्चिमी मानसून के तेजी से आगे बढ़ने और मध्य भारत से लेकर उत्तर-उत्तरपूर्वी भारत तक कम दबाव का क्षेत्र बनने से बारिश का दायरा काफी बढ़ गया है।

मैदानी राज्यों का हाल: दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और बिहार के कई जिलों में पिछले 24 घंटों से रुक-रुक कर मूसलाधार बारिश हो रही है। उत्तर प्रदेश के तराई वाले इलाकों और बिहार के सीमावर्ती जिलों में नदियां उफान पर हैं, जिससे निचले इलाकों में पानी भरने लगा है। शहरी क्षेत्रों में मुख्य सड़कें और अंडरपास जलमग्न हो चुके हैं, जिससे सुबह के समय वाहनों की आवाजाही पर सीधा असर पड़ा है।

उत्तराखंड और पहाड़ी क्षेत्रों की स्थिति: उत्तराखंड के पहाड़ी अंचलों में स्थिति अधिक संवेदनशील बनी हुई है। मौसम विभाग ने पहाड़ों पर तीव्र आकाशीय बिजली गिरने और बादलों के गरजने की चेतावनी दी है। लगातार हो रही वर्षा के कारण केदारनाथ, बद्रीनाथ और गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्गों के समीप कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ है, जिससे सड़कों पर भारी मलबा आ गया है। इस वजह से चारधाम यात्रा के मार्गों पर ट्रैफिक को एहतियातन रोका गया है और यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर ठहरने की सलाह दी गई है।

इस गंभीर मौसम संबंधी स्थिति को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा अनुक्रिया बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDRF) की टीमों को तुरंत प्रभावित और संवेदनशील हॉटस्पॉट्स पर तैनात कर दिया गया है।

मौसम विभाग के महानिदेशक ने एक प्रेस वार्ता में बताया, "मानसून की ट्रफ लाइन इस समय अपने सामान्य स्थान से दक्षिण की ओर झुकी हुई है, जिसके कारण बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाएं उत्तर भारत में भारी नमी ला रही हैं। 18 राज्यों में रहने वाले नागरिकों को हमारी सलाह है कि वे गरज-चमक के दौरान ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों और कच्चे ढांचों से दूर रहें। पहाड़ी राज्यों में अनावश्यक यात्रा करने से बचें।"

विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी अपने-अपने जिलाधिकारियों के साथ आपातकालीन समीक्षा बैठकें की हैं और जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी निकालने के लिए हैवी पंप लगाने तथा फंसे हुए लोगों तक भोजन व राहत सामग्री पहुंचाने के कड़े निर्देश दिए हैं।

इस मूसलाधार और व्यापक बारिश का प्रभाव बहुआयामी रूप से देखा जा रहा है:

परिवहन और उड़ानें बाधित: दृश्यता (Visibility) कम होने और रनवे पर पानी जमा होने की आशंका के कारण दिल्ली, लखनऊ और पटना हवाई अड्डों पर कई घरेलू उड़ानों के समय में बदलाव किया गया है। इसके अलावा, उत्तर रेलवे की कई ट्रेनें भी अपने निर्धारित समय से देरी से चल रही हैं।

कृषि पर असर: जहाँ एक तरफ धान की बुआई करने वाले किसानों के लिए यह बारिश जीवनदायिनी साबित हो रही है, वहीं दूसरी तरफ जलभराव के कारण सब्जी की फसलों और निचले खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका भी बढ़ गई है।

चारधाम यात्रा आंशिक रूप से प्रभावित: उत्तराखंड में भूस्खलन के मलबे के कारण हजारों तीर्थयात्री विभिन्न पड़ावों पर फंसे हुए हैं, जिससे स्थानीय पर्यटन और लॉजिस्टिक्स व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव आ गया है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, मानसून का यह आक्रामक रुख आगामी तीन से चार दिनों तक इसी तरह बने रहने की संभावना है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के स्थानीय प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे मौसम पूरी तरह साफ होने तक नदी-नालों के किनारे जाने या ट्रेकिंग करने की योजना को स्थगित रखें। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की मशीनें युद्धस्तर पर पहाड़ों से मलबा हटाने के कार्य में जुटी हुई हैं ताकि बंद पड़े रास्तों को जल्द से जल्द दोबारा खोला जा सके। मैदानी इलाकों में नगर निगमों को हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि बारिश रुकते ही जलजमाव की समस्या से निजात दिलाई जा सके।

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