New Delhi: ‘जाणता राजा’ महानाट्य के आयोजन की तैयारियां तेज, दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रबुद्ध सम्मेलन; शिवाजी महाराज के आदर्शों पर हुआ मंथन

दिल्ली विश्वविद्यालय में गूंजा छत्रपति शिवाजी महाराज का शौर्य, 22 से 28 अक्टूबर तक होगा ऐतिहासिक महानाट्य ‘जाणता राजा’ का भव्य आयोजन

By INA News Desk
Oct 19, 2026 - 21:16
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New Delhi: ‘जाणता राजा’ महानाट्य के आयोजन की तैयारियां तेज, दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रबुद्ध सम्मेलन; शिवाजी महाराज के आदर्शों पर हुआ मंथन

नई दिल्ली। दिव्य प्रेम सेवा मिशन की ओर से छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन पर आधारित ऐतिहासिक महानाट्य 'जाणता राजा' के आयोजन की तैयारियों के क्रम में सोमवार को दिल्ली विश्वविद्यालय के विश्वविद्यालय अतिथि गृह (यूनिवर्सिटी गेस्ट हाउस) में प्रबुद्ध सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह बैठक श्रद्धेय आशीष भैया जी के मार्गदर्शन और गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुई।

मुख्य अतिथि आशीष भैया जी ने अपने बीज वक्तव्य में छत्रपति शिवाजी महाराज के चरित्र के विविध पक्षों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज का जीवन राष्ट्रबोध, स्वाभिमान और संगठन शक्ति का अद्वितीय उदाहरण है। हिंदवी स्वराज्य की उनकी परिकल्पना केवल एक राजनीतिक लक्ष्य नहीं, बल्कि जनकल्याण और सुशासन का आदर्श थी। वर्तमान परिप्रेक्ष्य में उनके आदर्शों की प्रासंगिकता पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को शिवाजी महाराज के चरित्र से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
कार्यक्रम में दिल्ली विश्वविद्यालय के चीफ विजिलेंस ऑफिसर एवं प्रोवोस्ट ग्वायर हाल प्रो. गजेंद्र सिंह, सत्यवती कॉलेज के डॉ. आशुतोष तिवारी सहित अनेक शिक्षाविदों ने अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि 'जाणता राजा' जैसे महानाट्य इतिहास को जन-जन तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम हैं।

.कार्यक्रम आयोजक बौद्ध अध्ययन विभाग, दिल्ली विश्वविद्यालय के विभागाध्यक्ष डॉ. कामाख्या नारायण तिवारी ने बताया कि यह महानाट्य दिव्य प्रेम सेवा मिशन के सेवा प्रकल्पों को समर्पित है और 22 से 28 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होगा। उन्होंने सभी प्रबुद्धजनों से इस ऐतिहासिक आयोजन में सहभागिता का आह्वान किया। कार्यक्रम संयोजक आई.पी. कॉलेज के डॉ. जे.पी. सिंह ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समन्वय एवं मंच संचालन राहुल सिंह ने किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के अनेक शिक्षक, शोधार्थी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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