Kangana Ranaut Statement: फिल्म इंडस्ट्री के दोहरे रवैये पर भड़कीं कंगना रनौत, कहा- 'बॉलीवुड केवल घड़ियाली आंसू बहाता है'

Kangana Ranaut Bollywood Statement: कंगना रनौत ने एक बार फिर बॉलीवुड पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री के लोग केवल घड़ियाली आंसू बहाते हैं।

Aug 13, 2026 - 12:37
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Kangana Ranaut Statement: फिल्म इंडस्ट्री के दोहरे रवैये पर भड़कीं कंगना रनौत, कहा- 'बॉलीवुड केवल घड़ियाली आंसू बहाता है'
  • Kangana Ranaut Statement: 'बॉलीवुड बहाता है घड़ियाली आंसू', कंगना रनौत का फिल्म इंडस्ट्री पर तीखा हमला
  • Kangana Ranaut vs Bollywood: 'दोहरे मापदंड अपनाती है इंडस्ट्री', नसीरुद्दीन शाह के बयान के बाद बोलीं कंगना रनौत
  • कंगना रनौत ने फिर साधा बॉलीवुड पर निशाना, कहा- 'गंभीर मुद्दों पर केवल घड़ियाली आंसू बहाती है फिल्म इंडस्ट्री'

मंडी से भारतीय जनता पार्टी की सांसद और प्रसिद्ध अभिनेत्री कंगना रनौत ने एक बार फिर हिंदी फिल्म उद्योग की कार्यप्रणाली और सामाजिक रुख पर तीखा प्रहार किया है। कंगना रनौत ने हालिया बयानों और सामाजिक-राजनीतिक घटनाक्रमों के संदर्भ में बॉलीवुड के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह इंडस्ट्री वास्तविक संवेदनशील मुद्दों पर केवल घड़ियाली आंसू बहाती है। दिग्गज अभिनेता नसीरुद्दीन शाह और बॉलीवुड के कुछ अन्य वर्ग द्वारा उठाए गए मुद्दों का जिक्र करते हुए कंगना ने आरोप लगाया कि फिल्म जगत के लोग अपनी सुविधानुसार स्टैंड लेते हैं। कंगना के इस बयान के बाद सोशल मीडिया से लेकर फिल्मी गलियारों तक एक बार फिर बॉलीवुड के 'दोहरे मापदंडों' को लेकर बहस छिड़ गई है।

अभिनेत्री से राजनीतिज्ञ बनीं कंगना रनौत अपने बेबाक अंदाज और फिल्म इंडस्ट्री के प्रति आक्रामक बयानों के लिए जानी जाती हैं। हाल ही में दिग्गज अभिनेता नसीरुद्दीन शाह और फिल्म जगत से जुड़े कुछ अन्य कलाकारों के सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों पर आए बयानों के बाद कंगना रनौत ने मीडिया व सोशल प्लेटफॉर्म्स के जरिए बॉलीवुड की मानसिकता पर सीधा हमला बोला है।

कंगना रनौत ने कहा कि बॉलीवुड की हस्तियां गंभीर और राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर वास्तविक निष्ठा दिखाने के बजाय केवल दिखावे की सहानुभूति व्यक्त करती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी कोई राष्ट्रीय मुद्दा या देशहित से जुड़ा विषय सामने आता है, तो फिल्म उद्योग का एक बड़ा धड़ा खामोश रहता है या फिर चुनिंदा मामलों में अपनी सुविधा के अनुसार 'घड़ियाली आंसू' बहाने आ जाता है।

बॉलीवुड और कंगना रनौत के बीच का यह टकराव नया नहीं है, लेकिन हाल के दिनों में वरिष्ठ अभिनेता नसीरुद्दीन शाह द्वारा देश के सामाजिक माहौल और फिल्म उद्योग की वर्तमान स्थिति पर दी गई टिप्पणियों के बाद यह विवाद एक बार फिर गहरा गया। नसीरुद्दीन शाह ने अपने बयानों में भारतीय सिनेमा में आ रहे बदलावों और राजनीतिक प्रभाव को लेकर चिंता जताई थी।

इसी संदर्भ में जवाब देते हुए कंगना रनौत ने कहा कि जब देश में किसी संवेदनशील मुद्दे पर एकजुटता दिखाने की जरूरत होती है, तब फिल्म इंडस्ट्री के शीर्ष सितारे खामोशी अख्तियार कर लेते हैं। कंगना के मुताबिक, इंडस्ट्री के कुछ लोग विशेष एजेंडे के तहत चुनिंदा घटनाओं पर ही बोलते हैं और जनता के सामने ऐसे पेश आते हैं मानो वे बहुत संवेदनशील हैं, जबकि हकीकत में वे केवल घड़ियाली आंसू बहाकर अपनी छवि चमकाने का काम करते हैं। कंगना ने यह भी कहा कि बॉलीवुड में बाहरी कलाकारों को दबाने और अपनी विचारधारा थपने का दौर लंबे समय से चला आ रहा है, जिसके खिलाफ उन्होंने हमेशा आवाज उठाई है।

कंगना रनौत के इस कड़े बयान पर मनोरंजन जगत और राजनीतिक हलकों से मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कंगना का समर्थन करने वाले प्रशंसकों और विचारकों का कहना है कि उन्होंने एक बार फिर बॉलीवुड के पाखंड और छद्म संवेदनशीलता का पर्दाफाश किया है। उनका मानना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक सद्भाव के मुद्दों पर फिल्म जगत का रुख अक्सर पक्षपातपूर्ण रहता है।

दूसरी ओर, फिल्म उद्योग के कुछ निर्देशकों और कलाकारों ने कंगना के बयान का विरोध किया है। उनका तर्क है कि पूरे फिल्म जगत को एक ही तराजू में तोलना सही नहीं है। सिनेमा से जुड़े लोगों का कहना है कि हर कलाकार का अपना व्यक्तिगत दृष्टिकोण होता है और किसी को भी राष्ट्रभक्ति या संवेदनशीलता का प्रमाण पत्र देने का अधिकार नहीं है। वहीं नसीरुद्दीन शाह के समर्थकों का कहना है कि उन्होंने देश के वर्तमान परिवेश पर एक अनुभवी नागरिक और कलाकार के रूप में अपनी बात रखी थी।

कंगना रनौत द्वारा 'घड़ियाली आंसू' बहाने वाले बयान ने एक बार फिर हिंदी सिनेमा के भीतर मौजूद वैचारिक मतभेदों और ध्रुवीकरण को उजागर कर दिया है। पिछले कुछ वर्षों में सुशांत सिंह राजपूत मामले से लेकर नेपोटिज्म, आउटसाइडर बनाम इनसाइडर की बहस और राजनीतिक विचारधाराओं तक, बॉलीवुड दो गुटों में बंटा हुआ स्पष्ट नजर आता है।

इस तरह के जुबानी हमलों का सीधा असर हिंदी फिल्मों की सार्वजनिक स्वीकार्यता और बॉक्स ऑफिस पर भी देखने को मिलता है। जब भी इस तरह का वैचारिक टकराव सामने आता है, सोशल मीडिया पर 'बॉयकॉट' या समर्थन के ट्रेंड चलने लगते हैं। कंगना के इस बयान से आम जनता के बीच फिल्म जगत के सितारों की सामाजिक जिम्मेदारी और उनकी वास्तविक निष्ठा को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

कंगना रनौत वर्तमान में अपनी बहुचर्चित आगामी फिल्म 'इमरजेंसी' और अपनी राजनीतिक जिम्मेदारियों को लेकर चर्चा में बनी हुई हैं। जैसा कि पूर्व में भी देखा गया है, बॉलीवुड के दोहरे रवैये पर कंगना का यह बयान लंबे समय तक सुर्खियों में रहने वाला है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या फिल्म जगत से जुड़े अन्य बड़े सितारे या निर्माता-निर्देशक कंगना के इस सीधे हमले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया देते हैं या फिर वे हर बार की तरह खामोशी की रणनीति अपनाते हैं। हालांकि, इस घटनाक्रम ने यह साफ कर दिया है कि बॉलीवुड और कंगना रनौत के बीच जारी यह वैचारिक जंग इतनी आसानी से थमने वाली नहीं है।

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