कानपुर सीएसजेएमयू का 41वां दीक्षांत समारोह: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बांटी डिग्रियां, बेटियों ने जीते सबसे ज्यादा मेडल

कानपुर के छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय का 41वां दीक्षांत समारोह संपन्न हुआ। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने 1 लाख से अधिक छात्रों को डिग्रियां और मेडल प्रदान किए।

Jul 9, 2026 - 21:46
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कानपुर सीएसजेएमयू का 41वां दीक्षांत समारोह: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बांटी डिग्रियां, बेटियों ने जीते सबसे ज्यादा मेडल
कानपुर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में मेधावियों पर बरसे पदक, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने 1 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को सौंपी डिग्रियां

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल और राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर का 41वां दीक्षांत समारोह गरिमामयी माहौल में संपन्न हुआ। इस ऐतिहासिक शैक्षणिक उत्सव के दौरान विभिन्न विषयों के कुल 1,07,713 विद्यार्थियों को उनकी मुख्य उपाधियां और डिग्रियां प्रदान की गईं। इस बार के समारोह में बेटियों का दबदबा साफ तौर पर देखने को मिला। कुल 51 मेधावी विद्यार्थियों को मंच पर 96 मुख्य पदक दिए गए, जिनमें 42 छात्राएं और केवल 9 छात्र शामिल रहे। इसके अलावा शिक्षा के क्षेत्र में उच्च अनुसंधान करने वाले 92 शोधार्थियों को पीएचडी की मानद उपाधि से नवाजा गया, जिसमें भी 50 महिला शोधार्थी और 42 पुरुष शोधार्थी शामिल रहे। इस अवसर पर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय और उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

समारोह के सामाजिक सरोकारों को बढ़ाते हुए कानपुर नगर के आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए 300 और कानपुर देहात के लिए 200 को मिलाकर कुल 500 आधुनिक आंगनबाड़ी लर्निंग किट का वितरण किया गया। साथ ही स्वास्थ्य सुरक्षा के तहत क्षेत्र की कुल 800 किशोरियों का गर्भाशय कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी टीकाकरण कराया गया, जिसमें पुलिस लाइन में तैनात पुलिसकर्मियों की बेटियां भी शामिल रहीं। अपने मुख्य संबोधन में राज्यपाल ने इस स्वास्थ्य और सामाजिक पहल की सराहना की और अधिकारियों को निर्देश दिया कि एक वर्ष के भीतर पूरे जिले में पात्र बालिकाओं का शत-प्रतिशत टीकाकरण पूरा कराया जाए। उन्होंने बच्चों के सुंदर हस्तलेखन (हैंडराइटिंग) की जमकर तारीफ की और प्राथमिक स्कूलों के शिक्षकों व जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि हर जिले में सुंदर लेखन की प्रतियोगिताएं आयोजित कर कमजोर बच्चों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाए।

कुलाधिपति ने युवा पीढ़ी में बढ़ती डिजिटल निर्भरता के बीच पढ़ने की आदत को जीवित रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हर विद्यार्थी को रोजाना कम से कम एक घंटा विश्वविद्यालय के पुस्तकालय (लाइब्रेरी) में बैठकर गंभीर अध्ययन करना चाहिए और पढ़े गए विषयों पर अपने मौलिक विचार लिखकर दूसरों के साथ साझा करने चाहिए। उन्होंने परिसर की व्यवस्थाओं को और आधुनिक बनाने के लिए जनभवन सचिवालय की टीम द्वारा दी गई रिपोर्ट का हवाला देते हुए छात्रावासों में शुद्ध पेयजल, कपड़े सुखाने की उत्तम व्यवस्था और मेस के भोजन को अधिक पौष्टिक बनाने के निर्देश दिए। पानी की बर्बादी रोकने का संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को पीने के लिए गिलास में उतना ही पानी लेना चाहिए जितनी उसे वास्तव में प्यास हो।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि और दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर योगेश सिंह ने छात्र-छात्राओं से अपने अर्जित ज्ञान का उपयोग विकसित भारत के निर्माण में करने की अपील की। उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि इस बड़ी सफलता के पीछे युवाओं के कड़े परिश्रम के साथ उनके माता-पिता का बड़ा त्याग और समर्पण छुपा है। उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने विद्यार्थियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि जीवन की चुनौतियों से कभी घबराना नहीं चाहिए, क्योंकि जीवन में मेहनत का कोई दूसरा विकल्प नहीं होता।

दीक्षांत समारोह की औपचारिक शुरुआत से पहले राज्यपाल ने परिसर की लॉबी में सजे भव्य स्टार्टअप एक्सपो का बारीकी से निरीक्षण किया और 5 मुख्य परियोजनाओं का लोकार्पण करने के साथ ही 10 नई विकास योजनाओं का शिलान्यास किया। इस मंच से परंपरागत कच्छ चर्म शिल्प के संरक्षण और विकास में अद्वितीय योगदान देने वाले प्रख्यात उद्यमी अंचल पी. बिजलानी को मानद डी.लिट. की उपाधि से सम्मानित किया गया।

इसके साथ ही राज्यपाल ने ऑनलाइन माध्यम से सस्टेनेबिलिटी डैशबोर्ड और नेवर अलोन मोबाइल ऐप को लॉन्च किया। खेल जगत में विश्वविद्यालय का नाम रोशन करने वाले राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को भी मंच से प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर विनय कुमार पाठक ने संस्थान की वार्षिक प्रगति रिपोर्ट पेश की और सभी अतिथियों का आभार जताया।

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