Lucknow : राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की बैठक में वार्षिक रिपोर्ट पुस्तिका का विमोचन, शिक्षक भर्ती और जातियों के मुद्दों पर हुई चर्चा
इस बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। कहार और कश्यप जातियों के साथ धीवर जाति को भी एक ही नंबर पर शामिल करने की प्रक्रिया अभी अधूरी है, इसलिए यह मामला फिलहाल विचार के तहत है। इसके अलावा सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा-2018 में आरक्षित वर्ग की पिछड़ी
उत्तर प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष राजेश वर्मा की अध्यक्षता में लखनऊ के इंदिरा भवन में आयोग की मासिक बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान अध्यक्ष राजेश वर्मा ने सभी सदस्यों से कहा कि वे हर गांव और जिला स्तर पर पिछड़ा वर्ग मोर्चा इकाई के साथ मिलकर काम करें। उन्होंने सकारात्मक सोच के साथ बैठकें और लोगों की समस्याएं सुनने के लिए जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। साथ ही, आयोग द्वारा किए गए कामों का सही तरीके से प्रचार-प्रसार करने की बात भी कही। इस बैठक में अध्यक्ष के साथ उपाध्यक्ष सोहन लाल श्रीमाली और अन्य सदस्य मौजूद रहे। सभी ने मिलकर आने वाले समय की कार्ययोजना तैयार की और आयोग की मौजूदा स्थिति से मुख्यमंत्री को अवगत कराने के लिए उनसे मुलाकात करने का फैसला लिया।
इस बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। कहार और कश्यप जातियों के साथ धीवर जाति को भी एक ही नंबर पर शामिल करने की प्रक्रिया अभी अधूरी है, इसलिए यह मामला फिलहाल विचार के तहत है। इसके अलावा सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा-2018 में आरक्षित वर्ग की पिछड़ी जातियों को पासिंग मार्क्स में 5 प्रतिशत की छूट देने पर सभी ने सहमति जताई और इस फैसले को लागू करने के लिए सरकार को पत्र भेजने का निर्णय लिया। मासिक समीक्षा बैठक की शुरुआत में अध्यक्ष ने आयोग की वार्षिक रिपोर्ट पुस्तिका (वर्ष 2020 से 2025 तक) का विमोचन किया। इस पुस्तिका में पिछले पांच सालों में आयोग द्वारा किए गए कामों की छोटी रिपोर्ट के साथ-साथ आयोग की भूमिका, उसके अलग-अलग विभागों और पिछड़ा वर्ग से जुड़े जरूरी सरकारी आदेशों को शामिल किया गया है, जिससे यह काफी उपयोगी बन गई है। बैठक में अन्य पिछड़े वर्गों के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं का पूरा लाभ जनता तक पहुँचाने पर भी गंभीर बातचीत हुई।
बैठक में उपाध्यक्ष सोहन लाल श्रीमाली ने एक जरूरी मुद्दा उठाते हुए कहा कि सुनवाई के समय बड़े अधिकारी मौजूद नहीं रहते हैं, जिससे काम में पूरी सफलता नहीं मिल पाती। इस समस्या को लेकर शासन को पत्र लिखकर जानकारी देने की बात कही गई। इसके अलावा, गांवों और जिलों में होने वाली बैठकों में अन्य विभागों के बड़े अधिकारियों की उपस्थिति कैसे पक्की की जाए, इस पर भी विचार किया गया ताकि लोगों की समस्याओं को सुनने और बैठकों को बिना किसी रुकावट के पूरा करने में मदद मिले। अंत में उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग राज्य आयोग के सचिव मनोज कुमार सागर ने आयोग से मिले सभी निर्देशों पर सही तरीके से काम करने का भरोसा दिया।
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