Lucknow : उत्तर प्रदेश के 8 जिलों में 33 पर्यटन परियोजनाओं पर काम शुरू, सरकार की प्राथमिकता में आस्था और विकास
जयवीर सिंह ने बजट का ब्योरा देते हुए बताया कि लखनऊ के मोहनलालगंज स्थित हुलासखेड़ा के पर्यटन विकास के लिए 1199.7 लाख रुपए और सीतापुर के प्रसिद्ध नैमिषारण्य धाम में बेदारण्यम की स्थापना के लिए 149.35 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। इसके अलावा मिर्जापुर की 7 परियोज
उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने बुनियादी ढांचे के विकास से जुड़ी कई नई परियोजनाओं पर तेजी से काम शुरू करा दिया है। सरकार की तरफ से इन कामों के लिए जरूरी आदेश और बजट जारी कर दिया गया है। निर्माण करने वाली संस्थाओं को साफ निर्देश दिए गए हैं कि वे तय समय के भीतर और पूरी गुणवत्ता के साथ काम पूरा करें। राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य धार्मिक आस्था के साथ-साथ विकास को बढ़ावा देना और पर्यटन के क्षेत्र में निवेश लाकर धार्मिक अर्थव्यवस्था को बड़ा रूप देना है। इसी सोच के साथ प्रदेश के लगभग सभी जिलों में ऐतिहासिक, धार्मिक और प्राचीन महत्व के स्थलों का नए सिरे से सुंदरीकरण किया जा रहा है ताकि आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
यह जानकारी प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम को 8 जिलों की 33 परियोजनाओं की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिनकी कुल अनुमानित लागत 7917.93 लाख रुपए है। इन परियोजनाओं के तहत लखनऊ और सीतापुर में 1-1, मिर्जापुर में 7, भदोही में 4, सोनभद्र में 2, हमीरपुर में 2, महोबा में 3, बांदा में 6 और चित्रकूट में 6 विकास कार्य शामिल हैं।
जयवीर सिंह ने बजट का ब्योरा देते हुए बताया कि लखनऊ के मोहनलालगंज स्थित हुलासखेड़ा के पर्यटन विकास के लिए 1199.7 लाख रुपए और सीतापुर के प्रसिद्ध नैमिषारण्य धाम में बेदारण्यम की स्थापना के लिए 149.35 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। इसके अलावा मिर्जापुर की 7 परियोजनाओं के लिए अलग-अलग किस्तों में कुल बजट जारी हुआ है। इसी तरह भदोही, सोनभद्र, महोबा और हमीरपुर के विभिन्न धार्मिक स्थलों व मंदिरों के जीर्णोद्धार के लिए भी लाखों रुपए की वित्तीय मंजूरी दी गई है।
बांदा जिले की 6 परियोजनाओं के लिए अलग-अलग बजट स्वीकृत किया गया है। वहीं चित्रकूट जिले की 6 बड़ी विकास योजनाओं के लिए भी भारी-भरकम राशि जारी की गई है। पर्यटन मंत्री ने बताया कि इन सभी विकास कार्यों को जमीन पर उतारने के लिए टेंडर की प्रक्रिया तेजी से चल रही है और तकनीकी मंजूरी के लिए विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है। पर्यटन के क्षेत्र में बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए सरकार हर धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल पर बुनियादी सुविधाएं जुटाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
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