Lucknow : नव भारत साक्षरता अभियान- योगी सरकार ने 11.68 लाख से अधिक लोगों को बनाया साक्षर
नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदेश में अब तक सात साक्षरता मूल्यांकन परीक्षाएं आयोजित की जा चुकी हैं। इन परीक्षाओं में कुल 13,81,530 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिनमें से 11,68,292 प्रतिभागी सफल घोषित हुए। वर्ष 2022-23 में आयोजित परीक्षा में 1
- 15 वर्ष से अधिक आयु के असाक्षरों को साक्षर बनाने के लिए प्रदेशभर में चलाया जा रहा नव भारत साक्षरता कार्यक्रम
- वर्ष 2022-23 से 2025-26 तक 13.81 लाख प्रतिभागियों ने दी साक्षरता परीक्षा
- 11.68 लाख से अधिक नव साक्षरों ने सफलतापूर्वक हासिल की साक्षरता
- वर्ष 2026-27 में भी व्यापक अभियान चलाकर निरक्षरता उन्मूलन को दी जाएगी नई गति
लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षा को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और निरक्षरता मुक्त प्रदेश के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। इसी क्रम में संचालित नव भारत साक्षरता कार्यक्रम लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन रहा है। 15 वर्ष से अधिक आयु के असाक्षर व्यक्तियों को साक्षर बनाने के उद्देश्य से संचालित इस अभियान के तहत वर्ष 2022-23 से 2025-26 तक प्रदेश में 11.68 लाख से अधिक लोगों को साक्षर बनाया जा चुका है। यह अभियान शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भरता, जागरूकता और सामाजिक सशक्तीकरण को नई मजबूती दे रहा है।
प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वंतत्र प्रभार) संदीप सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत 15 वर्ष से अधिक आयु के असाक्षर नागरिकों को चिह्नित कर वालंटियर्स और प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स के सहयोग से साक्षर बनाया जा रहा है। कार्यक्रम के अन्तर्गत लाभार्थियों को पढ़ना, लिखना और गणना करना सिखाने के साथ-साथ दैनिक जीवन में उपयोगी बुनियादी ज्ञान से भी जोड़ा जा रहा है, जिससे वे सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों में अधिक प्रभावी भागीदारी कर सकें। लाखों लोगों को साक्षर बनाकर सरकार न केवल निरक्षरता के खिलाफ लड़ाई को मजबूती दे रही है, बल्कि आत्मनिर्भर, जागरूक और सशक्त उत्तर प्रदेश के निर्माण की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
अभियान के अंतर्गत चिह्नित वालंटियर्स को प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। इसके बाद वालंटियर्स ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से साक्षरता कक्षाओं का संचालन करते हैं। प्रदेशभर में संचालित ये कक्षाएं हजारों लोगों के जीवन में नया आत्मविश्वास पैदा कर रही हैं। सरकार का उद्देश्य केवल अक्षर ज्ञान उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि नागरिकों को जागरूक, सक्षम और आत्मनिर्भर बनाना भी है।
नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदेश में अब तक सात साक्षरता मूल्यांकन परीक्षाएं आयोजित की जा चुकी हैं। इन परीक्षाओं में कुल 13,81,530 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिनमें से 11,68,292 प्रतिभागी सफल घोषित हुए। वर्ष 2022-23 में आयोजित परीक्षा में 1.46 लाख से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया, जबकि वर्ष 2025-26 में आयोजित नवीनतम परीक्षा में 4.01 लाख से अधिक प्रतिभागियों की सहभागिता दर्ज की गई। यह आंकड़े अभियान की बढ़ती पहुंच और प्रभावशीलता के गवाह हैं।
योगी सरकार नव भारत साक्षरता कार्यक्रम को वर्ष 2026-27 में और अधिक व्यापक एवं परिणामोन्मुख बनाने की तैयारी कर चुकी है। भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रदेश के सभी जनपदों को 15 वर्ष से अधिक आयु के असाक्षर व्यक्तियों को चिह्नित कर उन्हें साक्षर बनाने का लक्ष्य सौंपा गया है। इसके अंतर्गत चिह्नित असाक्षरों को वालंटियर्स से जोड़ा जाएगा, जिन्हें प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स द्वारा विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इसके बाद वालंटियर्स ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से साक्षरता कक्षाओं का संचालन करेंगे। अभियान की प्रगति का नियमित अनुश्रवण होगा तथा भारत सरकार के निर्देशानुसार वर्ष में दो बार साक्षरता मूल्यांकन परीक्षाएं आयोजित कर नव साक्षरों की उपलब्धियों का आकलन किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक लोगों को शिक्षा से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर, जागरूक और समाज की मुख्यधारा का सक्रिय भागीदार बनाना है।
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