Lucknow : नव निर्माण के नौ वर्ष - शिक्षा से सशक्त उत्तर प्रदेश का संकल्प, बजट 2026-27 में ज्ञान व  कौशल पर सबसे बड़ा निवेश

प्राविधिक शिक्षा के बजट में 72 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए 2,365 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। प्रदेश में डिप्लोमा स्तरीय 195 संस्थाओं में प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। 23 राजकी

By INA News Desk
Feb 11, 2026 - 23:49
23 Views
Lucknow : नव निर्माण के नौ वर्ष - शिक्षा से सशक्त उत्तर प्रदेश का संकल्प, बजट 2026-27 में ज्ञान व  कौशल पर सबसे बड़ा निवेश
Lucknow : नव निर्माण के नौ वर्ष - शिक्षा से सशक्त उत्तर प्रदेश का संकल्प, बजट 2026-27 में ज्ञान व  कौशल पर सबसे बड़ा निवेश

  • बेसिक से माध्यमिक तक मजबूत नींव, हर बच्चे को समान अवसर और आधुनिक सुविधाएं
  • उच्च शिक्षा में विस्तार और सशक्तिकरण, नए विश्वविद्यालय और छात्राओं के लिए विशेष प्रोत्साहन
  • तकनीकी शिक्षा में ऐतिहासिक वृद्धि, उद्योगों की जरूरत के अनुरूप कुशल युवा तैयार करने की पहल
  • कौशल विकास पर फोकस रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण से आत्मनिर्भर युवाओं की नई पीढ़ी तैयार

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तुत बजट में योगी आदित्यनाथ सरकार ने शिक्षा क्षेत्र को विकास की धुरी के रूप में स्थापित करते हुए व्यापक और दूरगामी प्रावधान किए हैं। सरकार ने स्पष्ट संकेत दिया है कि नया उत्तर प्रदेश मजबूत शैक्षिक आधार पर ही खड़ा होगा। बेसिक से लेकर उच्च और तकनीकी शिक्षा तक हर स्तर पर बजट में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है, जो प्रदेश को ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ाने का रोडमैप प्रस्तुत करती है।

बेसिक शिक्षा
बेसिक शिक्षा के लिए 77622 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित कर सरकार ने प्राथमिक ढांचे को सशक्त करने का बड़ा संदेश दिया है। कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को निःशुल्क यूनिफार्म स्कूल बैग, जूता, मोजा और स्टेशनरी उपलब्ध कराने के लिए 650 करोड़ रुपये का प्रावधान समान अवसर की नीति को मजबूत करता है। सभी 75 जनपदों में 2-2 मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय विकसित किए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच की खाई कम होगी। आवासीय बालिका विद्यालयों के विस्तार के लिए 580 करोड़ रुपये की व्यवस्था बालिका शिक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाती है। परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करने के लिए नयी योजना लायी जा रही है। इसके लिए लगभग 358 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। स्मार्ट स्कूल योजना के लिए 300 करोड़ रुपये का प्रावधान शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सहायता प्राप्त अशासकीय विद्यालयों की सुरक्षा ऑडिट में अधो मानक पाए जाने वाले विद्यालयों के अनुरक्षण की नयी योजना के अंतर्गत 300 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। 

माध्यमिक शिक्षा

माध्यमिक शिक्षा के लिए 22,167 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 15 प्रतिशत अधिक है। राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण हेतु 520 करोड़ रुपये और सहायता प्राप्त विद्यालयों के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं। साथ ही अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के लिए 10 करोड़ रुपये प्रस्तावित किये गए हैं। संस्कृत पाठशालाओं के छात्रों की छात्रवृत्ति के लिए 20 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। माध्यमिक विद्यालयों में ड्रीम स्किल लैब क्लस्टर की स्थापना से गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धा दोनों को बढ़ावा मिलेगा। इसके लिए 150 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान किये जाने के लिए नयी योजना के अंतर्गत 89.25  करोड़ रुपये प्रस्तावित किये गए हैं। गोरखपुर में पूर्वांचल के पहले और प्रदेश के दूसरे सैनिक स्कूल की स्थापना एवं संचालन आरंभ किया गया है। छात्राओं के स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए निःशुल्क सेनेटरी नैपकिन की सुविधा प्रदान करने की सुविधा प्रदान करने की योजना हेतु 300 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं।

उच्च शिक्षा
उच्च शिक्षा के लिए लगभग 6,591 करोड़ रुपये की व्यवस्था कर सरकार ने युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने का संकल्प दोहराया है। यह आवंटन पिछले बजट की तुलना में 7 प्रतिशत अधिक है। मेधावी छात्राओं के लिए रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना हेतु 400 करोड़ रुपये का प्रावधान महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम है। मुख्यमंत्री शिक्षुता प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत 40 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। विन्ध्याचल मंडल में मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय मिर्जापुर की स्थापना के लिए 50 करोड़ रुपये, मुरादाबाद मंडल में गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय मुरादाबाद की स्थापना के लिए 50 करोड़ रुपये और देवीपाटन मंडल में मां पटेश्वरी विश्वविद्यालय बलरामपुर की स्थापना के लिए 50 करोड़ रुपये का आवंटन प्रस्तावित है। स्वामी शुकदेवानन्द विश्वविद्यालय शाहजहांपुर और काशी नरेश विश्वविद्यालय भदोही की स्थापना योजना के अंतर्गत 21-21 करोड़ रुपये का आवंटन प्रस्तावित है। प्रदेश के उच्च शिक्षण संस्थानों के छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण के लिए 14 करोड़ 50 लाख रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। स्नातक/स्नातकोत्तर क्षात्रों के लिए एआई प्रमाणन शुल्क प्रतिपूर्ति प्रस्तावित की गई है। इसके अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसके लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री विद्यालक्ष्मी योजना के अंतर्गत मेधावी छात्र-छात्रओं के शिक्षा ऋण पर अतिरिक्त ब्याज सब्सिडी प्रस्तावित की गई है। इस योजना के लिए 30 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

प्राविधिक शिक्षा
प्राविधिक शिक्षा के बजट में 72 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए 2,365 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। प्रदेश में डिप्लोमा स्तरीय 195 संस्थाओं में प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। 23 राजकीय पालीटेक्निक निर्माणाधीन/अवस्थापना की प्रक्रिया में है। राजकीय पालीटेक्निकों में नवीन टेक्नोलॉजी से सुसज्जित उन्नयान तथा एक्सीलेंस सेन्टर की स्थापना किये जाने पर लगभग 714 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। राजकीय पालीटेक्निकों में 251 स्मार्ट क्लास रूम की स्थापना की जा चुकी है तथा 143 स्मार्ट क्लास रूम स्थापित किये जाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। राजकीय पॉलीटेक्निकों के उन्नयन तथा अवस्थापना सुविधाओं के विकास की योजना हेतु 254 करोड़ रुपये तथा राजकीय पालीटेक्निकों की स्थापना हेतु 50 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। यह प्रावधान उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप कुशल मानव संसाधन तैयार करने में सहायक होगा।

व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास

व्यावसायिक शिक्षा और कौशल विकास के बजट में 88 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए 3,349 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। प्रदेश में 286 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान संचालित हैं, जिनमें विभिन्न व्यवसायों की 1,90,272 सीटें युवाओं के प्रशिक्षण हेतु उपलब्ध हैं। प्रदेश के विभिन्न राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में से 47 में महिलाओं के प्रशिक्षण को लेकर महिला शाखा संचालित कराई जा रही है। महिलाओं के लिए 12 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान स्वतंत्र रूप से संचालित हैं। प्रदेश में 2,963 से अधिक निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान संचालित हैं, जिनमें 4.58 लाख से अधिक सीटें उपलब्ध हैं।

टाटा टेक्नोलॉजीज लिमिटेड के सहयोग से फेज-1 के अन्तर्गत चयनित 149 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों का उन्नयन कर प्रशिक्षण प्रारम्भ किया जा चुका है। फेज-2 के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2025-2026 में टाटा टेक्नोलॉजीज लिमिटेड के सहयोग से 62 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के उन्नयन कार्य प्रगति पर हैं। कौशल विकास मिशन के संचालन हेतु प्रशिक्षण व्यय के लिये 1,000 करोड़ रुपये तथा दस्तकार प्रशिक्षण योजना के अंतर्गत लगभग 836 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। प्रोजेक्ट प्रवीण के लिये 500 करोड़ रुपये और मुख्यमंत्री शिक्षुता प्रशिक्षण योजना के लिए 20 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

You May Read : Hardoi : हरदोई में आयुक्त ने विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान की समीक्षा की

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

Advertisement
Advertisement