Lucknow : वाराणसी में शुक्रवार से प्रारंभ होगा 'सम्राट विक्रमादित्य' महानाट्य 

भारतीय काल गणना की समृद्ध विरासत को पुनर्जीवित करने के इस प्रयास के अंतर्गत वाराणसी में सर्वप्रथम बाबा विश्वनाथ को वैदिक घड़ी समर्पित की जाएगी। इस घड़ी की विशेषता न केवल इसकी पारंपरिक गणना पद्धति है, बल्कि

By INA News Desk
Apr 2, 2026 - 22:32
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Lucknow : वाराणसी में शुक्रवार से प्रारंभ होगा 'सम्राट विक्रमादित्य' महानाट्य 
Lucknow : वाराणसी में शुक्रवार से प्रारंभ होगा 'सम्राट विक्रमादित्य' महानाट्य 
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  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे शुभारंभ
  • धर्म व अध्यात्म की नगरी काशी में 3 से 5 अप्रैल तक होगा मंचन, बाबा विश्वनाथ को समर्पित होगी विक्रमादित्य वैदिक घड़ी 
  • शनिवार को बाबा विश्वनाथ व काशी कोतवाल काल भैरव मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगे मुख्यमंत्री

वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को दो दिवसीय दौरे पर वाराणसी पहुंचेंगे। सीएम योगी व मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ बीएलडब्ल्यू में सम्राट विक्रमादित्य  की जीवनी पर आधारित महानाट्य का शुभारंभ करेंगे। 3 से 5 अप्रैल तक मंचन वाले इस महानाट्य का उद्देश्य देश के गौरवशाली इतिहास, विक्रम संवत की वैज्ञानिकता और उस युग के अनुपम योगदान से जनमानस को परिचित कराना है।

बाबा विश्वनाथ को समर्पित होगी वैदिक घड़ी 
भारतीय काल गणना की समृद्ध विरासत को पुनर्जीवित करने के इस प्रयास के अंतर्गत वाराणसी में सर्वप्रथम बाबा विश्वनाथ को वैदिक घड़ी समर्पित की जाएगी। इस घड़ी की विशेषता न केवल इसकी पारंपरिक गणना पद्धति है, बल्कि इसका डिजिटल विस्तार भी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार शाम करीब 5.30 बजे वाराणसी पहुंचेंगे। शाम करीब 7 बजे वह बीएलडब्ल्यू ग्राउंड पर इस महानाट्य को देखेंगे। इसके आयोजन की तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 4 अप्रैल (शनिवार) की सुबह काशी कोतवाल बाबा कालभैरव और बाबा विश्वनाथ के दर्शन भी करेंगे। 

3 से 5 अप्रैल तक होगा मंचन 
वाराणसी के बीएलडब्ल्यू मैदान में 3 से 5 अप्रैल तक भारत के स्वाभिमान और विकास की गाथा का भव्य उत्सव मनाया जाएगा। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश सरकार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में महानाट्य 'सम्राट विक्रमादित्य' का ऐतिहासिक मंचन किया जाएगा। आयोजन स्थल पर विभिन्न ज्ञानवर्धक प्रदर्शनियां भी लगाई जा रही हैं। सम्राट विक्रमादित्य आधारित महानाट्य की प्रस्तुति लगभग 1.45 घंटे की होगी। मंच पर 175 से अधिक कलाकार और सहयोगी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।

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