Lucknow : मुख्यमंत्री से भारतीय पुलिस सेवा के वर्ष 2023 और वर्ष 2024 बैच के प्रशिक्षु अधिकारियों ने भेंट की

मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद के विषय में कहा कि यह संवाद गरिमापूर्ण और संयत होना चाहिए। कैजुअल अप्रोच पुलिस अधिकारी के लिए उचित नहीं है। जनप्र

Dec 1, 2025 - 22:44
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Lucknow : मुख्यमंत्री से भारतीय पुलिस सेवा के वर्ष 2023 और वर्ष 2024 बैच के प्रशिक्षु अधिकारियों ने भेंट की
Lucknow : मुख्यमंत्री से भारतीय पुलिस सेवा के वर्ष 2023 और वर्ष 2024 बैच के प्रशिक्षु अधिकारियों ने भेंट की

  • मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षु अधिकारियों को सफल, प्रभावी और सिटीजन सेंट्रिक पुलिस अधिकारी बनने के लिए ’संवाद, संवेदनशीलता और सकारात्मकता’ का मंत्र दिया
  • पुलिस सेवा में सत्यनिष्ठा, अनुशासन और मानवीय दृष्टि ही सबसे बड़ी पूंजी : मुख्यमंत्री
  • प्रशिक्षण के दौरान यह सीखना सबसे आवश्यक कि वास्तविक समस्याओं का प्रभावी और संतुष्टिपरक समाधान कैसे किया जाए
  • प्रशिक्षु अधिकारी थाने का चार्ज, उसके प्रशासन, विवेचना, ड्यूटी मैनेजमेंट और स्थानीय विवादों की प्रकृति को बहुत बारीकी से समझें
  • ह्यूमन इंटेलिजेंस आज भी किसी भी पुलिस अधिकारी का सबसे बड़ा हथियार
  • स्थानीय लोगों से संवाद, फील्ड में उपस्थिति और विश्वास ही आपको मजबूत बनाते
  • महिलाओं के प्रति अपराध, साइबर क्राइम और अवैध ड्रग्स नेटवर्क के खिलाफ सतर्कता बढ़ाने पर बल 
  • सभी अधिकारी डिजिटल फॉरेंसिक, साइबर टूल्स और तकनीक का कुशल उपयोग सीखें

लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आज यहां उनके सरकारी आवास पर भारतीय पुलिस सेवा के वर्ष 2023 और वर्ष 2024 बैच के 23 प्रशिक्षु अधिकारियों ने भेंट की। मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षु अधिकारियों को सफल, प्रभावी और सिटीजन सेंट्रिक पुलिस अधिकारी बनने के लिए ’संवाद, संवेदनशीलता और सकारात्मकता’ का मंत्र देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश जैसा विशाल राज्य पुलिस के लिए अनेक चुनौतियाँ लेकर आता है, इसलिए प्रशिक्षु अधिकारी प्रशिक्षण की इस अवधि को सीखने, समझने और अपने पुलिसिंग मॉडल को मजबूत बनाने का सुनहरा अवसर मानें।मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपदों में प्रशिक्षण के दौरान यह सीखना सबसे आवश्यक है कि वास्तविक समस्याओं का प्रभावी और संतुष्टिपरक समाधान कैसे किया जाए। पुलिस हमेशा फर्स्ट रिस्पॉण्डर होती है। आपकी तत्परता, भाषा और प्राथमिकता पर ही पीड़ित का विश्वास टिका होता है।मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षु अधिकारियों को सलाह दी कि वह प्रशिक्षण अवधि में थाने का चार्ज, उसके प्रशासन, विवेचना, ड्यूटी मैनेजमेंट और स्थानीय विवादों की प्रकृति को बहुत बारीकी से समझें। थाना पुलिसिंग की नींव है। ह्यूमन इंटेलिजेंस आज भी किसी भी पुलिस अधिकारी का सबसे बड़ा हथियार है।स्थानीय लोगों से संवाद, फील्ड में उपस्थिति और विश्वास ही आपको मजबूत बनाते हैं। मुख्यमंत्री ने ’थाना, सर्किल तथा पुलिस लाइन’ तीनों की कार्यप्रणाली, संसाधनों और चुनौतियों को समझने पर बल देते हुए कहा कि इन तीनों स्तरों का सामंजस्य ही किसी जिले की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करता है।मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद के विषय में कहा कि यह संवाद गरिमापूर्ण और संयत होना चाहिए। कैजुअल अप्रोच पुलिस अधिकारी के लिए उचित नहीं है। जनप्रतिनिधि जनता की आवाज होते हैं। उनके साथ तालमेल कानून-व्यवस्था को और प्रभावी बनाता है।मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से महिलाओं के प्रति अपराध, साइबर क्राइम और अवैध ड्रग्स नेटवर्क के खिलाफ सतर्कता बढ़ाने पर बल देते हुए कहा कि अपराध की प्रकृति तेजी से बदल रही है, इसलिए आपकी प्रतिक्रिया और तैयारी भी उतनी ही आधुनिक और त्वरित होनी चाहिए। सभी अधिकारी डिजिटल फॉरेंसिक, साइबर टूल्स और तकनीक का कुशल उपयोग सीखें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस सेवा में सत्यनिष्ठा, अनुशासन और मानवीय दृष्टि ही सबसे बड़ी पूंजी है। आपका आचरण आने वाले वर्षों में न केवल कानून-व्यवस्था को दिशा देगा, बल्कि प्रदेश की सुरक्षा और जनता के विश्वास को भी मजबूत करेगा।

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