लखनऊ आम महोत्सव: उत्तर प्रदेश में सजेगा आमों का संसार, 800 से अधिक किस्में देखेंगी दुनिया
लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में उत्तर प्रदेश आम महोत्सव का आयोजन होने जा रहा है। बागवानों को बेहतर बाजार देने के लिए पहली बार क्रेता-विक्रेता सम्मेलन भी होगा।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के गोमतीनगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में तीन दिवसीय भव्य 'उत्तर प्रदेश आम महोत्सव' का आयोजन होने जा रहा है। इस विशेष आयोजन को लेकर प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार और कृषि निर्यात राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार दिनेश प्रताप सिंह ने एक प्रेस वार्ता में विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य राज्य के मेहनतकश किसानों और बागवानों को उचित सम्मान देना तथा उत्तर प्रदेश की बागवानी फसलों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में एक मजबूत पहचान दिलाना है। इस बार महोत्सव में सात अलग-अलग श्रेणियों और छप्पन वर्गों के तहत आम की 800 से अधिक अनूठी प्रजातियों का प्रदर्शन किया जाएगा, जो आम लोगों और बागवानों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेंगी।
उत्तर प्रदेश वर्तमान में आम उत्पादन के मामले में पूरे देश में पहले पायदान पर है। राज्य के एक बड़े क्षेत्रफल में लाखों मीट्रिक टन आम का रिकॉर्ड उत्पादन होता है, जो देश के कुल आम उत्पादन का एक बड़ा हिस्सा है। इस साल राज्य से होने वाले आम और पल्प के निर्यात में भी ऐतिहासिक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पिछले वर्षों की तुलना में इस बार करोड़ों रुपये मूल्य का हजारों मीट्रिक टन आम विदेशों में भेजा जा चुका है। उत्तर प्रदेश के स्वादिष्ट आमों की मांग आज यूनाइटेड किंगडम, यूएई, सऊदी अरब, मलेशिया, सिंगापुर, कुवैत, न्यूजीलैंड, बेल्जियम, जापान, इटली, कतर और रूस जैसे बड़े देशों के बाजारों में तेजी से बढ़ रही है।
इस अंतरराष्ट्रीय व्यापार और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से लखनऊ, सहारनपुर, वाराणसी और अमरोहा जैसे प्रमुख केंद्रों पर अत्याधुनिक मैंगो पैक हाउस बनाए गए हैं। इन आधुनिक केंद्रों पर अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार फलों की प्री-प्रोसेसिंग, हॉट वाटर ट्रीटमेंट और उनकी बेहतर ग्रेडिंग व पैकिंग की जाती है, ताकि फलों की गुणवत्ता वैश्विक मानकों पर खरी उतर सके। इसके अलावा महोत्सव में बच्चों के लिए आम खाने की मजेदार प्रतियोगिता और आम से तरह-तरह के स्वादिष्ट व्यंजन बनाने की प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी। साथ ही, बागवानों के कौशल को निखारने के लिए आधुनिक बागवानी तकनीक, फल तोड़ने के बाद के प्रबंधन, हानिकारक कीटों व बीमारियों से बचाव और विपणन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा विशेष कार्यशालाएं चलाई जाएंगी।
इस महोत्सव की एक और सबसे बड़ी खासियत यह है कि पहली बार लखनऊ के 'जन भवन' में एक विशेष 'आम क्रेता-विक्रेता सम्मेलन' का आयोजन किया जा रहा है। इस अनोखे सम्मेलन में देश-विदेश के बड़े निर्यातक, फूड प्रोसेसिंग सेक्टर से जुड़ी नामी कंपनियां और प्रगतिशील बागवान एक ही मंच पर सीधे संवाद कर सकेंगे। इस बड़े आयोजन में उत्तर प्रदेश के अलावा मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र के बागवानी विभागों के प्रतिनिधि, वैज्ञानिक, प्रगतिशील किसान और बड़े व्यापारी भी हिस्सा ले रहे हैं। इस सामूहिक प्रयास से न केवल पारंपरिक खेती को आधुनिक बनाने में मदद मिलेगी बल्कि किसानों को अपनी फसल का सीधा और अधिक मुनाफा कमाने का बेहतर अवसर भी मिल सकेगा।
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