दिल्ली के हौज़ खास में बड़ा हादसा: AC ब्लास्ट के कारण घर में लगी भीषण आग, झुलसने से पूर्व आईएएस अधिकारी की दर्दनाक मौत।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के पॉश इलाके हौज़ खास से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने
- गर्मी के सीजन में एयर कंडीशनर बना काल: दिल्ली में एक महीने के भीतर AC फटने की दूसरी बड़ी घटना से हड़कंप
- सावधान! आपकी एक छोटी सी लापरवाही दे सकती है जानलेवा हादसे को दावत, AC इस्तेमाल करते समय भूलकर भी न करें ये 5 बड़ी गलतियां
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के पॉश इलाके हौज़ खास से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे शहर में सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता पैदा कर दी है। यहां एक रिहायशी मकान में अचानक एयर कंडीशनर (AC) में जोरदार धमाका हुआ, जिसके बाद देखते ही देखते पूरे घर में भीषण आग लग गई। इस हादसे के वक्त घर के भीतर मौजूद एक सेवानिवृत्त भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी आग की लपटों और जहरीले धुएं के बीच फंस गए। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग और पुलिस की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और काफी मशक्कत के बाद पूर्व आईएएस अधिकारी को गंभीर हालत में बाहर निकालकर नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल में डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। इस दर्दनाक हादसे ने हर किसी को स्तब्ध कर दिया है और रिहायशी इलाकों में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर बहस छेड़ दी है।
दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में भीषण गर्मी के इस मौसम के दौरान एयर कंडीशनर की वजह से होने वाला यह कोई पहला हादसा नहीं है, बल्कि पिछले एक महीने के भीतर ही यह दूसरा ऐसा बड़ा मामला है जिसने किसी हंसते-खेलते परिवार को तबाह कर दिया है। इससे पहले दिल्ली के ही विवेक विहार इलाके में भी एक ऐसा ही दिल दहला देने वाला वाकया सामने आया था, जहां एक इमारत में लगे एयर कंडीशनर में हुए ब्लास्ट के बाद इतनी भयानक आग लगी थी कि उसने नौ मासूम लोगों की जान ले ली थी। एक ही महीने के अंतराल में दो बड़े और जानलेवा हादसों के सामने आने के बाद अब लोग अपने घरों में लगे AC को चालू करने से भी डरने लगे हैं। इन घटनाओं ने यह पूरी तरह साफ कर दिया है कि घरों को ठंडा रखने वाला यह उपकरण अगर सही तरीके से रखरखाव न किया जाए, तो किसी भी वक्त एक चलते-फिरते बम में तब्दील हो सकता है।
इस तरह के हादसों के पीछे मुख्य वजह एयर कंडीशनर को लेकर बरती जाने वाली कुछ बेहद आम और गंभीर लापरवाही होती हैं, जिन्हें समय रहते सुधारना बेहद जरूरी है। सबसे पहली और बड़ी गलती यह होती है कि लोग सालों-साल अपने AC की सर्विसिंग नहीं कराते हैं। जब एक लंबे समय तक AC के फिल्टर, कॉइल और वेंट में धूल, मिट्टी और जाले जमा हो जाते हैं, तो मशीन के भीतर हवा का प्रवाह पूरी तरह से रुक जाता है। हवा का वेंटिलेशन न होने के कारण कंप्रेसर पर बहुत ज्यादा दबाव पड़ता है और वह लगातार गर्म होने लगता है। लंबे समय तक बिना सर्विस के AC चलाने से कंप्रेसर का तापमान उसकी सहनशक्ति से बाहर चला जाता है, जिसके कारण गैस के अत्यधिक दबाव से उसमें बहुत तेज ब्लास्ट हो जाता है और आग लग जाती है। एयर कंडीशनर को कभी भी बिना सोचे-समझे लगातार 12 से 15 घंटे या उससे ज्यादा समय तक नॉन-स्टॉप नहीं चलाना चाहिए। लगातार चलने से मशीन के आंतरिक पुर्जों को ठंडा होने का समय नहीं मिलता, जिससे शॉर्ट-सर्किट और ओवरहीटिंग का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। हर 6 से 8 घंटे के इस्तेमाल के बाद AC को कम से कम एक घंटे का आराम जरूर देना चाहिए।
दूसरी सबसे बड़ी और जानलेवा गलती खराब या कमजोर वायरिंग और अनुपयुक्त क्षमता के स्टेबलाइजर का इस्तेमाल करना है। एयर कंडीशनर एक ऐसा उपकरण है जो चलते समय बहुत भारी मात्रा में बिजली के करंट (हाई लोड) का उपभोग करता है। कई बार लोग घर की पुरानी या कमजोर एल्युमिनियम वायरिंग पर ही भारी क्षमता का AC कनेक्ट कर देते हैं, जिससे तार लोड नहीं झेल पाते और पिघलने लगते हैं। इसके अलावा, बिजली के उतार-चढ़ाव (वोल्टेज फ्लक्चुएशन) को संभालने के लिए अच्छी गुणवत्ता वाले ऑटोमैटिक वोल्टेज स्टेबलाइजर का इस्तेमाल न करना भी घातक साबित होता है। जब अचानक से हाई वोल्टेज आता है, तो बिना स्टेबलाइजर के वह सीधा झटका AC के कंप्रेसर को लगता है, जिससे तुरंत शॉर्ट-सर्किट होकर धमाका हो जाता है।
इसके साथ ही तीसरी और चौथी सबसे बड़ी लापरवाही AC में गैस रिसाव को नजरअंदाज करना और लोकल मैकेनिकों से काम कराना है। एयर कंडीशनर के भीतर रेफ्रिजरेंट गैस होती है, जो हवा को ठंडा करने का काम करती है। अगर AC की पाइपलाइन में कहीं कोई छोटा सा भी छेद या क्रैक हो जाए, तो गैस का रिसाव होने लगता है। कई बार लोग कम कूलिंग होने पर भी AC को लगातार चलाते रहते हैं और गैस लीक की जांच नहीं कराते, जिससे कंप्रेसर खाली चलने के कारण अत्यधिक गर्म हो जाता है। वहीं, पैसे बचाने के चक्कर में अक्सर लोग किसी अप्रशिक्षित या लोकल मैकेनिक से गैस रिफिलिंग या मरम्मत करवा लेते हैं, जो घटिया क्वालिटी के पार्ट्स या गलत प्रेशर में गैस भर देते हैं, जो सीधे तौर पर ब्लास्ट का कारण बनता है।
पांचवीं सबसे महत्वपूर्ण गलती वेंटिलेशन और बाहरी यूनिट (आउटडोर यूनिट) के स्थान का सही चुनाव न करना है। घरों के बाहर या छतों पर लगाई जाने वाली आउटडोर यूनिट को अक्सर ऐसी जगहों पर रख दिया जाता है जहां सीधे तेज धूप पड़ती है या फिर उसके आसपास हवा के आने-जाने की बिल्कुल जगह नहीं होती। आउटडोर यूनिट का काम ही घर के भीतर की गर्मी को बाहर फेंकना होता है। यदि आउटडोर यूनिट को चारों तरफ से बंद जगह में रख दिया जाएगा या उसके ठीक सामने कोई दीवार या सामान रख दिया जाएगा, तो वह अपनी गर्मी बाहर नहीं निकाल पाएगी। ऐसी स्थिति में आउटडोर यूनिट के अंदर का तापमान बहुत तेजी से बढ़ेगा और वह आग पकड़ लेगी, जो धीरे-धीरे अंदर की इनडोर यूनिट तक पहुंच जाती है।
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