लखनऊ: आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के निर्देशानुसार प्रदेशवासियों को सुरक्षित, स्वच्छ एवं मानक गुणवत्ता के खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराए जाने के उद्देश्य से प्रदेश के विभिन्न मण्डलों में संचालित पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर निर्माण इकाइयों पर अंतर्जनपदीय विशेष प्रवर्तन अभियान संचालित किया गया।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार समस्त मण्डलों के मण्डलीय सहायक आयुक्त (खाद्य) के नेतृत्व में गठित विशेष प्रवर्तन टीमों द्वारा प्रदेश के विभिन्न जनपदों में संचालित 362 निर्माण इकाइयों का निरीक्षण किया गया। अभियान के दौरान 233 खाद्य नमूने संग्रहित किए गए तथा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 एवं उसके अधीन बनाए गए विनियमों के अनुपालन का गहन परीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान 56 निर्माण इकाइयों को सुधार सूचना (Improvement Notice) जारी की गई। जांच में 38 इकाइयाँ लम्बे समय से बंद, 21 इकाइयाँ स्थापना प्रक्रिया में तथा 38 इकाइयों द्वारा लाइसेंस सरेंडर किए जाने की स्थिति पाई गई। इसके अतिरिक्त 41 इकाइयों के लाइसेंस निलंबित किये गए। ऐसी 57 विनिर्माण इकाइयाँ, जिनके द्वारा निरीक्षण न करा कर अपितु इकाई को बंद किया गया, उन इकाइयों पर नोटिस चस्पाकर सील कर दिया गया कि बिना निरीक्षण कराये इकाई में निर्माण कार्य प्रारंभ न किया जाये तथा 37 इकाइयों को पाई गयी गंभीर कमियों के कारण उनमे उत्पादन बंद कराया गया। समग्र कार्यवाही में पाई गयी कमियों के आधार पर कुल 293 किलो लीटर च्क्ॅ को सीज किया गया, जिसका अनुमानित मूल्य 5.06 लाख रूपये है।
इस विशेष अभियान के दौरान निर्माण परिसर की स्वच्छता, खाद्य सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली, UV/Ozonation तथा RO की उपलब्धता तथा क्रियाशीलता, खाद्य संचालकों के स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र, विनिर्माण प्रक्रिया, उपकरणों की स्वच्छता, पैकेजिंग सामग्री, लेबलिंग, अभिलेखों का संरक्षण तथा खाद्य सुरक्षा एवं मानक विनियमों के अनुपालन का भी विस्तृत परीक्षण किया गया।