Lucknow : उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का जर्मनी दौरा- सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स में सहयोग पर जोर, हेसेन राज्य के साथ साझेदारी मजबूत
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि टेक्सटाइल, अपैरल, लेदर, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, ग्रेटर नोएडा के मेडिकल डिवाइस पार्क, मल्टी-लोकेशन केमिकल और फार्मा पार्क तथा डिफेंस कॉरिडो
उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने फ्रैंकफर्ट, जर्मनी में कई महत्वपूर्ण बैठकें कीं। इन बैठकों में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में भारत-जर्मनी सहयोग को मजबूत करने पर विस्तार से बात हुई। प्रतिनिधिमंडल ने ZVEI की ग्लोबल अफेयर्स एंड इकोनॉमिक्स अधिकारी सिल्के सिख्तर और EA Elektro Automatik GmbH के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्कस शिबोल से मुलाकात की। उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश केंद्र के रूप में पेश किया गया। Siemens और NXP Semiconductors के विस्तार, बढ़ते निवेशक भरोसे और भारत के बड़े उपभोक्ता बाजार पर जोर दिया। जर्मन कंपनियों को प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक्स आयोजनों में शामिल होने और लंबे समय तक औद्योगिक सहयोग का न्योता दिया। फ्रैंकफर्ट एयरपोर्ट के वरिष्ठ अधिकारियों, केल्स्टरबाख और राउनहाइम के महापौरों तथा इनोवेशन राइनमाइन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी से भी बैठक हुई। फ्रैंकफर्ट एयरपोर्ट और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बीच सहयोग, लॉजिस्टिक्स, डेटा सेंटर, नवाचार और औद्योगिक विकास पर सकारात्मक चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने समझौता ज्ञापन पर सहमति जताई और जर्मन प्रतिनिधिमंडल के उत्तर प्रदेश दौरे को आसान बनाने तथा लंबे समय की साझेदारी विकसित करने का फैसला लिया।
हेसेन राज्य सरकार के प्रतिनिधिमंडल से भी मुलाकात हुई, जिसकी अगुवाई राज्य सचिव करिन मुलर ने की। उत्तर प्रदेश की निवेशक-अनुकूल नीतियों और मेडिकल डिवाइस, वस्त्र, चमड़ा, फुटवियर, सेमीकंडक्टर, रक्षा, आईटी/आईटीईएस, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स तथा 660 मेगावाट से ज्यादा क्षमता वाले डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों की क्षमताओं को बताया। हेसेन की वित्त, रसायन, स्वास्थ्य सेवा, कृषि और लॉजिस्टिक्स में विशेषज्ञता की सराहना की। दोनों पक्षों ने क्षेत्र विशेष साझेदारी बढ़ाने, विशेषज्ञ स्तर की भागीदारी सुनिश्चित करने और राज्य-से-राज्य लंबे समय की सहयोग मजबूत करने के लिए आगे की बैठकों पर सहमति जताई।
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि टेक्सटाइल, अपैरल, लेदर, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, ग्रेटर नोएडा के मेडिकल डिवाइस पार्क, मल्टी-लोकेशन केमिकल और फार्मा पार्क तथा डिफेंस कॉरिडोर में जर्मन उद्योगों का स्वागत है। यहां दर्जनों बिलियन डॉलर के निवेश के अवसर हैं और उन्नत तकनीक वाली साझेदारी की संभावनाएं हैं। राज्य सेवा क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। आईटीईएस नीति के तहत वैश्विक कंपनियां काम कर रही हैं। डेटा सेंटर क्षमता बढ़ी है। जीसीसी नीति 2024 से उत्तर प्रदेश ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स का प्रमुख केंद्र बन रहा है। जर्मन कंपनियों के लिए यह सस्ता और प्रतिभा से भरपूर विकल्प है। भारत-यूरोप मुक्त व्यापार समझौता बड़ा अवसर है। उत्तर प्रदेश सबसे बड़ा राज्य, सबसे ज्यादा युवा और एमएसएमई आधार वाला है। जर्मन उद्योगों के लिए रणनीतिक साझेदार बन सकता है। केशव प्रसाद मौर्य ने जर्मन कंपनियों को निवेश, संयुक्त उपक्रम और तकनीक सहयोग के लिए आमंत्रित किया। यह व्यावसायिक अवसर से ज्यादा दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी की दिशा में कदम है। यह दौरा उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश मानचित्र पर मजबूत करने में महत्वपूर्ण साबित हो रहा है।
You May Read : फ्रैंकफर्ट में यूपी-हेसेन प्रतिनिधिमंडल की अहम बैठक में निवेश और द्विपक्षीय सहयोग पर जोर
What's Your Reaction?











