Artificial Intelligence: मुंबई में जुटेगा वैश्विक इंटरनेट समुदाय, APNIC 62 में AI और साइबर सुरक्षा पर होगा मंथन
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), साइबर सुरक्षा और डिजिटल सेवाओं की बढ़ती मांग के बीच इंटरनेट के भविष्य और उसकी सुरक्षा को लेकर
मुंबई। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), साइबर सुरक्षा और डिजिटल सेवाओं की बढ़ती मांग के बीच इंटरनेट के भविष्य और उसकी सुरक्षा को लेकर दुनिया भर के विशेषज्ञ मुंबई में जुटेंगे। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के सहयोग से आयोजित APNIC 62 सम्मेलन में 600 से अधिक इंटरनेट विशेषज्ञ, नीति निर्माता, नेटवर्क ऑपरेटर और तकनीकी क्षेत्र के दिग्गज हिस्सा ले रहे हैं। National Internet Exchange of India (NIXI) और Internet Service Providers Association of India (ISPAI) द्वारा महाराष्ट्र सरकार के सहयोग से आयोजित यह सम्मेलन 4 से 10 सितंबर 2026 तक मुंबई में हो रहा है। इसका आयोजन एशिया पैसिफिक नेटवर्क इंफॉर्मेशन सेंटर (APNIC) कर रहा है।
- AI और साइबर सुरक्षा पर रहेगा फोकस
सम्मेलन में AI-संचालित सेवाओं, नेटवर्क संचालन, साइबर सुरक्षा, रूटिंग सुरक्षा और इंटरनेट इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी। तेजी से बढ़ते डिजिटल इकोसिस्टम के बीच सुरक्षित, मजबूत और भविष्य के लिए तैयार इंटरनेट बुनियादी ढांचे को विकसित करना सम्मेलन का प्रमुख उद्देश्य है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के संयुक्त सचिव सुशील पाल ने कहा कि भारत के डिजिटल इकोसिस्टम के लगातार विस्तार के साथ सुरक्षित, सुदृढ़ और भविष्य के लिए तैयार इंटरनेट इंफ्रास्ट्रक्चर सुनिश्चित करना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में है। उन्होंने कहा कि APNIC 62 भारत को एशिया-प्रशांत तकनीकी समुदाय के साथ ज्ञान और अनुभव साझा करने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है।
- IPv6 और रूटिंग सुरक्षा को मिलेगा बढ़ावा
सम्मेलन के दौरान 8 सितंबर को NIXI और APNIC के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इसका उद्देश्य IPv6 और रूटिंग सुरक्षा जैसी प्रमुख इंटरनेट इंफ्रास्ट्रक्चर तकनीकों की तैनाती को बढ़ावा देना है। इससे भारत के इंटरनेट नेटवर्क की सुरक्षा, लचीलापन और दीर्घकालिक विकास को मजबूती मिलने की उम्मीद है। APNIC के महानिदेशक जिया रोंग लो ने कहा कि AI और अन्य तकनीकी बदलाव नेटवर्क पर अभूतपूर्व दबाव डाल रहे हैं। APNIC 62 का उद्देश्य क्षेत्र के इंटरनेट समुदाय की विशेषज्ञता को सुरक्षित, लचीले और स्केलेबल इंटरनेट के लिए व्यावहारिक कदमों में बदलना है। उन्होंने IPv6 को अपनाने में भारत की प्रगति की भी सराहना की और कहा कि तकनीकी क्षमता, निवेश और सहयोग के बेहतर तालमेल से बड़े बदलाव संभव हैं।
- NIXI ने बताया महत्वपूर्ण अवसर
NIXI के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. देवेश त्यागी ने कहा कि भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था और इंटरनेट इंफ्रास्ट्रक्चर में तेजी से हो रही प्रगति के बीच मुंबई में APNIC 62 की मेजबानी करना गौरव की बात है। सम्मेलन भारत के अनुभव साझा करने, क्षेत्रीय विशेषज्ञों से सीखने और सुरक्षित एवं समावेशी इंटरनेट के लिए सहयोग मजबूत करने का अवसर है। ISPAI के अध्यक्ष राजेश छारिया ने कहा कि विश्वसनीय, सुरक्षित और उच्च प्रदर्शन वाली कनेक्टिविटी की बढ़ती मांग को पूरा करने में भारतीय इंटरनेट सेवा प्रदाता महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। APNIC 62 के जरिए एशिया-प्रशांत क्षेत्र के ऑपरेटर अपने अनुभव साझा कर तकनीकी सहयोग को मजबूत कर सकेंगे।
- विशेषज्ञ देंगे मुख्य भाषण
सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में लाइटस्टॉर्म ग्रुप के CEO एवं प्रबंध निदेशक अमाजित गुप्ता AI-संचालित नेटवर्क संचालन पर मुख्य भाषण देंगे। वहीं JPCERT/CC की युकाको उचिडा साइबर सुरक्षा में विश्वास और सहयोग की भूमिका पर अपने विचार रखेंगी।
- क्या है APNIC?
APNIC यानी Asia Pacific Network Information Centre एशिया-प्रशांत क्षेत्र की 56 अर्थव्यवस्थाओं में इंटरनेट पते और नेटवर्क पहचानकर्ताओं जैसे महत्वपूर्ण इंटरनेट संसाधनों के प्रबंधन में मदद करने वाली गैर-लाभकारी संस्था है।
APNIC वैश्विक इंटरनेट को सुरक्षित और विश्वसनीय बनाए रखने के लिए हजारों नेटवर्क और संगठनों के साथ काम करता है। इसकी भूमिका नियामक या राजनीतिक नहीं, बल्कि तकनीकी है। यह सुनिश्चित करने में मदद करता है कि अलग-अलग नेटवर्क आपस में जुड़कर इंटरनेट को एक खुली और अंतरसंचालनीय प्रणाली के रूप में संचालित कर सकें। APNIC 62 भारत के लिए इंटरनेट इंफ्रास्ट्रक्चर, IPv6, साइबर सुरक्षा और AI आधारित नेटवर्क तकनीकों के क्षेत्र में वैश्विक विशेषज्ञता के आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण मंच साबित होगा।
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