Noida EV Charging Stations: नोएडा की 30 प्रमुख पार्किंग में लगेंगे नए ईवी चार्जिंग स्टेशन, नोएडा प्राधिकरण और UPRECIL में हुआ समझौता
नोएडा प्राधिकरण और UPRECIL के बीच हुए समझौते के तहत शहर की 30 प्रमुख पार्किंग में नए ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित होंगे। जानिए सभी चयनित 30 स्थानों की पूरी सूची।
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नोएडा। पर्यावरण संरक्षण और हरित ऊर्जा को प्रोत्साहन देने की दिशा में औद्योगिक नगरी नोएडा ने एक बड़ा कदम आगे बढ़ाया है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में लगातार बढ़ते वायु प्रदूषण की रोकथाम और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के उपयोग को व्यावहारिक बनाने के लिए नोएडा प्राधिकरण ने व्यापक बुनियादी ढांचा तैयार करने की योजना बनाई है। उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रिक वाहन नीति-2022 के लक्ष्यों को गति देते हुए नोएडा प्राधिकरण और यूपी रिन्यूएबल एंड चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (UPRECIL / UPREV) के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस साझेदारी के अंतर्गत नोएडा के 30 सबसे प्रमुख और अत्यधिक व्यस्त सार्वजनिक पार्किंग स्थलों पर अत्याधुनिक ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।
इस नई परियोजना की रूपरेखा इस तरह से तैयार की गई है कि शहर के प्रमुख बाजारों, मेट्रो स्टेशनों, संस्थागत और रिहायशी सेक्टरों में आने वाले वाहन चालकों को आसानी से चार्जिंग विकल्प मिल सके। प्रत्येक चयनित पार्किंग स्थल पर स्थापित होने वाले चार्जिंग स्टेशन पर आधुनिक चार्जर लगाए जाएंगे, जिनकी क्षमता एक ही समय में दो चार पहिया वाहनों (इलेक्ट्रिक कार) और एक दोपहिया वाहन को सुरक्षित व सुगमता से चार्ज करने की होगी।
- 10 वर्षों के लिए हुआ अनुबंध
प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों से मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, नोएडा प्राधिकरण और UPRECIL के बीच यह अनुबंध प्राथमिक रूप से 10 वर्षों की अवधि के लिए तय किया गया है। यदि परियोजना का संचालन संतोषजनक रहता है और भविष्य में मांग में वृद्धि होती है, तो आपसी सहमति से इस अनुबंध की अवधि को आगे भी बढ़ाया जा सकेगा।
इस व्यवस्था की सबसे बड़ी प्रशासनिक विशेषता यह है कि इन सभी 30 स्टेशनों को तैयार करने, हार्डवेयर लगाने, सुरक्षात्मक उपकरण बैठाने और ग्रिड कनेक्टिविटी का पूरा वित्तीय खर्च UPRECIL द्वारा वहन किया जाएगा। नोएडा प्राधिकरण केवल इन कंपनियों को पूर्व-चिन्हित पार्किंग स्थलों में निर्धारित स्थान (स्पेस) उपलब्ध कराएगा। प्राधिकरण पर इसका कोई सीधा वित्तीय भार नहीं पड़ेगा। प्रत्येक स्थान पर कम से कम दो आधुनिक तकनीक आधारित चार्जर लगाए जाएंगे, जिनमें सामान्य एसी चार्जिंग के साथ-साथ तेज गति से टॉप-अप देने वाले चार्जर की व्यवस्था भी शामिल रहेगी।
- जानिए कहां-कहां लगेंगे नए स्टेशन: 30 प्रमुख पार्किंग स्थलों की सूची
प्राधिकरण के यातायात एवं पार्किंग प्रबंधन विंग ने शहर के उन 30 प्रमुख स्थानों को अंतिम रूप दिया है, जहां प्रतिदिन हजारों की संख्या में वाहनों की आवाजाही होती है। इन स्थानों पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित होने से आम नागरिकों को पार्किंग के दौरान ही अपने वाहन को चार्ज करने की सुविधा मिल सकेगी:
सेक्टर-18: बहुमंजिला और सतही मार्केट पार्किंग क्षेत्र।
सेक्टर-38 (बॉटेनिकल गार्डन): व्यस्ततम मेट्रो इंटरचेंज पार्किंग स्थल।
सेक्टर-38: वाणिज्यिक परिसर व सामान्य पार्किंग स्थल।
सेक्टर-101: मेट्रो स्टेशन एवं स्थानीय बाजार पार्किंग।
सेक्टर-78: घनी आवासीय सोसायटियों से सटा पार्किंग क्षेत्र।
सेक्टर-76: मेट्रो स्टेशन और वाणिज्यिक परिसर क्षेत्र।
सेक्टर-51: एक्वा लाइन और ब्लू लाइन कनेक्टिविटी क्षेत्र।
सेक्टर-50: मुख्य सेक्टर मार्केट पार्किंग स्थल।
सेक्टर-119: आवासीय क्लस्टर की सार्वजनिक पार्किंग।
सेक्टर-21ए: नोएडा स्टेडियम परिसर के निकट पार्किंग क्षेत्र।
सेक्टर-81: मेट्रो स्टेशन व औद्योगिक क्षेत्र पार्किंग।
सेक्टर-122: आवासीय व बाजार क्षेत्र की पार्किंग।
सेक्टर-129: एक्सप्रेसवे से सटी सर्विस रोड पार्किंग।
सेक्टर-132: प्रमुख संस्थागत और कॉरपोरेट हब पार्किंग।
सेक्टर-144: एक्सप्रेसवे कॉरिडोर स्थित मेट्रो पार्किंग।
सेक्टर-145: मेट्रो स्टेशन के समीप स्थित पार्किंग स्थल।
सेक्टर-146: मेट्रो कॉरिडोर पार्किंग स्थल।
सेक्टर-150: नए रिहायशी और स्पोर्ट्स सिटी क्षेत्र की पार्किंग।
सेक्टर-154: औद्योगिक एवं वाणिज्यिक क्लस्टर पार्किंग।
NSEZ मेट्रो स्टेशन: स्पेशल इकोनॉमिक जोन के पास स्थित पार्किंग।
सेक्टर-27: व्यावसायिक व अस्पताल क्लस्टर पार्किंग क्षेत्र।
सेक्टर-29: गंगा शॉपिंग कॉम्प्लेक्स पार्किंग स्थल।
सेक्टर-1: औद्योगिक क्षेत्र की प्रमुख पार्किंग।
सेक्टर-2: उद्योग मार्ग स्थित पार्किंग स्थल।
सेक्टर-15: मेट्रो स्टेशन और नया बांस मार्केट पार्किंग।
सेक्टर-24: प्रशासनिक कार्यालय व अस्पताल क्षेत्र पार्किंग।
सेक्टर-94: दिल्ली सीमा से सटा हुआ एक्सप्रेसवे एंट्री पॉइंट।
सेक्टर-96: प्राधिकरण के नए प्रशासनिक परिसर के निकट पार्किंग स्थल।
सेक्टर-62: मुख्य आईटी पार्क और शैक्षणिक संस्थान पार्किंग (प्रस्तावित क्लस्टर)।
सेक्टर-16: फिल्म सिटी और कमर्शियल जोन पार्किंग (प्रस्तावित क्लस्टर)।
वाहन चालकों को 'रेंज एंग्जायटी' से मिलेगी मुक्ति
इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने को लेकर आम उपभोक्ताओं के मन में सबसे बड़ी हिचकिचाहट बैटरी डिस्चार्ज होने के डर यानी 'रेंज एंग्जायटी' (Range Anxiety) की रहती है। अब तक शहर में निजी सोसायटियों या चुनिंदा पेट्रोल पंपों पर ही चार्जिंग की सीमित सुविधाएं थीं।
- इस नई पहल से यह संशय काफी हद तक दूर होगा:
दैनिक कार्य के दौरान चार्जिंग: यदि कोई व्यक्ति सेक्टर-18 बाजार में खरीदारी के लिए आता है या बॉटेनिकल गार्डन से दिल्ली जाने के लिए मेट्रो पकड़ता है, तो वह अपना वाहन पार्किंग में लगाकर उसे चार्जिंग पर छोड़ सकेगा।
डिजिटल पेमेंट और रियल-टाइम ट्रैकिंग: चार्जिंग का भुगतान मोबाइल ऐप, क्यूआर कोड और डिजिटल वॉलेट के जरिए सुगम होगा, जहां उपयोगकर्ता चार्जिंग स्थिति और बिलिंग को लाइव मॉनिटर कर सकेंगे।
फास्ट चार्जिंग सपोर्ट: अधिकांश स्टेशनों पर आधुनिक मानकों (जैसे CCS2 और भारत एसी मानक) के अनुरूप उपकरण लगाए जाएंगे, जिससे वाहनों को कम समय में आवश्यक ऊर्जा मिल सके।
उत्तर प्रदेश सरकार की ईवी नीति का मूल उद्देश्य राज्य को देश में इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण और उपयोग का सबसे बड़ा केंद्र बनाना है। नोएडा जैसा अंतरराष्ट्रीय स्तर का आधुनिक शहर इस बदलाव की अगुवाई कर रहा है। चार्जिंग का ऐसा मजबूत नेटवर्क तैयार होने से पेट्रोल और डीजल चालित वाहनों पर निर्भरता घटेगी, जिससे शहर की वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में सकारात्मक सुधार देखने को मिलेगा। प्राधिकरण का लक्ष्य आने वाले महीनों में सिविल और इलेक्ट्रिकल कार्यों को तेजी से पूरा कर इन सभी 30 स्टेशनों को चरणबद्ध तरीके से जनता के लिए क्रियाशील बनाना है।
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