PM Modi Indonesia Highest Civilian Award: पीएम मोदी को मिला इंडोनेशिया का सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'बितांग आदिपूर्णा'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इंडोनेशिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'बितांग आदिपूर्णा' से नवाजा गया है। राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने उन्हें यह प्रतिष्ठित अवॉर्ड दिया।
- Bintang Adipurna Award to PM Modi: इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने प्रधानमंत्री मोदी को दिया सर्वोच्च सम्मान, जानें क्यों है खास
- पीएम मोदी को मिला इंडोनेशिया का सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'बितांग आदिपूर्णा', दोनों देशों के मजबूत रिश्तों की नई इबारत
- PM MODI HONORED: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इंडोनेशिया का सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'बितांग आदिपूर्णा', राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने सौंपा अवॉर्ड
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक और वैश्विक मंच पर ऐतिहासिक सम्मान मिला है। इंडोनेशिया सरकार ने पीएम मोदी को अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'बितांग आदिपूर्णा' (Bintang Adipurna) से नवाजा है। यह प्रतिष्ठित पुरस्कार उन्हें इंडोनेशिया के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने एक विशेष द्विपक्षीय कार्यक्रम के दौरान प्रदान किया। यह सम्मान प्रधानमंत्री मोदी के उस दूरदर्शी नेतृत्व को मान्यता देता है, जिसने भारत और इंडोनेशिया के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक संबंधों को आधुनिक रणनीतिक साझेदारी में बदल दिया है। दोनों देशों के बीच आपसी भरोसे को मजबूत करने और हिंद-प्रशांत (Indo-Pacific) क्षेत्र में स्थिरता को बढ़ावा देने में पीएम मोदी की भूमिका के लिए यह सम्मान दिया गया है। आगामी दिनों में इस सम्मान के बाद दोनों देशों के बीच व्यापारिक और सुरक्षा सहयोग और तेज होने की उम्मीद है।
वैश्विक कूटनीति के मोर्चे पर भारत की साख को एक बार फिर बड़ी मजबूती मिली है। इंडोनेशिया ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने देश के सबसे बड़े नागरिक पुरस्कार 'बितांग आदिपूर्णा' (Bintang Adipurna) से सम्मानित किया है। यह पुरस्कार किसी भी विदेशी शासनाध्यक्ष या वैश्विक नेता को दिया जाने वाला इंडोनेशिया का सर्वोच्च सम्मान है। भारत और इंडोनेशिया के बीच रणनीतिक संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जाने, द्विपक्षीय व्यापार को गति देने और रक्षा व समुद्री सुरक्षा में अभूतपूर्व सहयोग बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी को इस सम्मान के योग्य चुना गया। इंडोनेशियाई राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने खुद अपने हाथों से पीएम मोदी को यह मेडल पहनाया।
यह ऐतिहासिक क्षण भारत और इंडोनेशिया के शीर्ष नेतृत्व के बीच हुई एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान सामने आया। हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच कूटनीतिक सक्रियता काफी बढ़ी है। इसी कड़ी में आयोजित एक विशेष गरिमामयी समारोह में राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम की घोषणा की।
पुरस्कार सौंपे जाने के दौरान दोनों नेताओं के बीच गर्मजोशी साफ देखी गई। इस दौरान इंडोनेशियाई प्रशासन की तरफ से एक प्रशस्ति पत्र भी पढ़ा गया, जिसमें बीते एक दशक में भारत की 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' (Act East Policy) के तहत इंडोनेशिया के साथ बढ़ाए गए मजबूत कदमों की सराहना की गई। ऐतिहासिक रूप से देखें तो भारत और इंडोनेशिया के संबंध रामायण काल और समुद्री व्यापार के दौर से जुड़े हैं। प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में इन प्राचीन संबंधों को आधुनिक सुरक्षा, डिजिटल तकनीक और आर्थिक मोर्चे पर एक नई दिशा मिली, जिसके परिणामस्वरूप आज यह सम्मान भारत की झोली में आया है।
इस सर्वोच्च सम्मान को स्वीकार करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडोनेशिया की जनता और राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो का आभार व्यक्त किया। पीएम मोदी ने कहा, "यह सम्मान केवल मेरा नहीं, बल्कि भारत के 140 करोड़ नागरिकों का सम्मान है। यह दोनों देशों के बीच सदियों पुरानी दोस्ती और साझा लोकतांत्रिक मूल्यों की ताकत को दर्शाता है। भारत और इंडोनेशिया मिलकर वैश्विक दक्षिण (Global South) की आवाज को मजबूत करते रहेंगे।"
दूसरी ओर, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने न केवल भारत को आर्थिक महाशक्ति बनाया है, बल्कि दक्षिण-पूर्व एशिया (ASEAN) के देशों के साथ भारत के एक नए युग की शुरुआत की है। आपसी विश्वास का जो स्तर आज दोनों देशों के बीच है, वह ऐतिहासिक है और यह सम्मान इसी अटूट रिश्ते का प्रतीक है।
पीएम मोदी को मिले इस सम्मान के गहरे कूटनीतिक और भू-राजनीतिक निहितार्थ हैं, जिनका असर आने वाले समय में स्पष्ट दिखेगा:
रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती: इस पुरस्कार के बाद रक्षा, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई और समुद्री सुरक्षा (Maritime Security) के क्षेत्र में दोनों देश और करीब आएंगे।
हिंद-प्रशांत क्षेत्र में संतुलन: भारत और इंडोनेशिया दोनों ही हिंद महासागर और प्रशांत महासागर के मुहाने पर स्थित महत्वपूर्ण देश हैं। दोनों के बीच बढ़ता तालमेल इस क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव को संतुलित करने में मददगार होगा।
आर्थिक और व्यापारिक लाभ: साझा भरोसे के कारण व्यापारिक बाधाएं दूर होंगी, जिससे द्विपक्षीय व्यापार को नए पंख मिलेंगे। विशेषकर फार्मा, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में निवेश बढ़ने की उम्मीद है।
इस सर्वोच्च नागरिक सम्मान के आदान-प्रदान के बाद अब दोनों देशों की राजनयिक टीमें कई महत्वपूर्ण समझौतों को अंतिम रूप देने में जुट गई हैं। आने वाले हफ्तों में भारत और इंडोनेशिया के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास के विस्तार और समुद्री गश्त (Joint Patrol) को लेकर ब्लूप्रिंट तैयार किया जा सकता है। इसके साथ ही, भारत के डिजिटल पेमेंट सिस्टम (UPI) को इंडोनेशिया के बैंकिंग नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में भी बातचीत तेजी से आगे बढ़ रही है, जिससे दोनों देशों के नागरिकों और व्यापारियों को सीधा फायदा होगा।
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