Prayagraj : माघ मेला सामाजिक समरसता और जन जागरूकता का बड़ा मंच- डॉ शिशिर सोमवंशी

मुख्य वक्ता डॉ संजय सिंह (शिशिर कुमार सोमवंशी) ने कहा कि माघ मेला प्रयागराज केवल धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि भारत की अटूट आस्था, सांस्कृतिक विरासत औ

Jan 8, 2026 - 23:41
 0  18
Prayagraj : माघ मेला सामाजिक समरसता और जन जागरूकता का बड़ा मंच- डॉ शिशिर सोमवंशी
Prayagraj : माघ मेला सामाजिक समरसता और जन जागरूकता का बड़ा मंच- डॉ शिशिर सोमवंशी

प्रयागराज में उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र द्वारा आयोजित साहित्य एवं संस्कृति संगोष्ठी में विद्वानों ने माघ मेले की आध्यात्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम की शुरुआत केंद्र निदेशक सुदेश शर्मा और उपस्थित वक्ताओं द्वारा दीप प्रज्वलन से हुई। संगोष्ठी का विषय था 'माघ मेला: सांस्कृतिक सरोकारों का महापर्व'।

मुख्य वक्ता डॉ संजय सिंह (शिशिर कुमार सोमवंशी) ने कहा कि माघ मेला प्रयागराज केवल धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि भारत की अटूट आस्था, सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक चेतना का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने बताया कि आज के समय में यह महाजुटान राष्ट्रहित के कार्यों, सामाजिक समरसता और पर्यावरण जागरूकता बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहा है। डॉ संदीप मिश्र ने वैदिक मान्यताओं का जिक्र करते हुए कहा कि पवित्र नदियों में स्नान से मनुष्य निष्काम और शांत होकर धर्म की ओर बढ़ता है। माघ मास में स्नान विशेष फलदायी माना जाता है, इसलिए देश-विदेश से श्रद्धालु त्रिवेणी संगम पर इकट्ठा होते हैं। माघ मास में संगम तट पर नियम और संयम से रहने वाले श्रद्धालु कल्पवासी कहलाते हैं, जो तपस्वी जीवन का उदाहरण देते हैं।

प्रो कुमार वीरेंद्र ने कहा कि हिंदी पंचांग के अनुसार माघ मास में सूर्य का मकर राशि में प्रवेश सनातन धर्मावलंबियों के लिए खास महत्व रखता है। यह समय जप, तप और साधना से मनुष्यता की अनुभूति का होता है। उन्होंने बताया कि सनातन परंपरा में नदियों को माता का दर्जा दिया गया है, क्योंकि वे शुद्धता और सहनशीलता का प्रतीक हैं। ब्रह्मनाद कला प्रतियोगिता के तहत चित्रकला में 13, मूर्तिकला में 3 और गायन में 12 प्रतिभागियों ने अपनी कलात्मक प्रतिभा दिखाई। कार्यक्रम के अंत में केंद्र निदेशक सुदेश शर्मा ने सभी वक्ताओं को अंगवस्त्र और पौधा देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम सलाहकार कल्पना सहाय ने प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान कर उनका उत्साह बढ़ाया। इस अवसर पर डॉ श्लेष गौतम, मनोज गुप्ता, संगीत रॉय, रविंद्र कुशवाहा (सदस्य, राज्य ललित कला अकादमी), डॉ सचिन सैनी, कावेरी विज सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

Also Click : Rae Bareli : रायबरेली के परिषदीय विद्यालयों में तीन हजार बच्चों को अब तक नहीं मिली डीबीटी की राशि, आधार सीडिंग की कमी से लटकी प्रक्रिया

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow