राहुल गांधी के काफिले की दुर्घटना पर यूपी सरकार का एक्शन, 3 सदस्यीय SIT गठित, IG किरण एस करेंगे जांच
सुल्तानपुर में राहुल गांधी के काफिले में हुए हादसे पर यूपी पुलिस ने 3 सदस्यीय एसआईटी गठित की। आईजी किरण एस के नेतृत्व में सुरक्षा और एस्कॉर्ट चूक की जांच होगी।
लखनऊ। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के सुलतानपुर दौरे के दौरान उनके काफिले में शामिल वाहनों के साथ हुई सड़क दुर्घटना को गंभीरता से लेते हुए उत्तर प्रदेश शासन ने त्वरित कार्रवाई की है। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्ण के निर्देश पर पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और गहन पड़ताल के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। यह दल दुर्घटना के मूल कारणों, एस्कॉर्ट व्यवस्था और संभावित सुरक्षा चूक की विस्तृत समीक्षा करेगा।
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए डीजीपी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि हादसे से जुड़ी प्रत्येक परिस्थिति, तात्कालिक यातायात प्रबंधन और सुरक्षा प्रोटोकॉल की सूक्ष्मता से जांच की जाए। जांच दल यह भी सुनिश्चित करेगा कि वीआईपी मूवमेंट के दौरान रूट क्लीयरेंस और वाहनों के संचालन में किसी भी स्तर पर प्रक्रियात्मक अथवा व्यावहारिक लापरवाही तो नहीं हुई।
आईजी किरण एस के नेतृत्व में बनी उच्चस्तरीय टीम
गठित विशेष जांच दल का नेतृत्व लखनऊ परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) किरण एस को सौंपा गया है। दल में सुलतानपुर के अपर पुलिस अधीक्षक बृज नारायण सिंह और पुलिस उपाधीक्षक (यातायात) राम कृष्ण चतुर्वेदी को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। तीनों वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से जांच प्रक्रिया प्रारंभ कर तथ्यात्मक साक्ष्य जुटाने के निर्देश दिए गए हैं।
सुरक्षा प्रबंधन और एस्कॉर्ट प्रणाली की होगी विस्तृत समीक्षा
एसआईटी दुर्घटनास्थल का भौतिक निरीक्षण करने के साथ-साथ काफिले के पीछे चल रहे वाहनों के मूवमेंट, उनके बीच की दूरी और तत्कालीन गति सीमा का तकनीकी विश्लेषण करेगी। इसके अतिरिक्त एस्कॉर्ट व्यवस्था की प्रभावशीलता और स्थानीय यातायात पुलिस के समन्वय की भी पड़ताल की जाएगी। यदि जांच में किसी भी स्तर पर सुरक्षा संबंधी चूक अथवा कर्तव्य में लापरवाही उजागर होती है, तो उसके आधार पर विधिक व प्रशासनिक जवाबदेही तय की जाएगी।
डीजीपी ने जांच दल को संपूर्ण घटनाक्रम की समग्र रिपोर्ट शीघ्रातिशीघ्र मुख्यालय को सौंपने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही एसआईटी को भविष्य में वीआईपी दौरों के दौरान इस प्रकार की दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए ठोस सुझाव और मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) में सुधार से जुड़ी सिफारिशें प्रस्तुत करने को भी कहा गया है।
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