युवाओं के लिए नए अवसर सृजित करना ही नए यूपी का संकल्प, बिठूर को 411 करोड़ की सौगात देंगे सीएम योगी
सीएम योगी आदित्यनाथ ने महर्षि वाल्मीकि जयंती पर बिठूर-बिल्हौर को 411 करोड़ रुपये की 48 विकास परियोजनाओं की सौगात दी और लखनऊ में जीसीसी इनोवेशन समिट का शुभारंभ किया।
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि जनसुविधाओं का विस्तार, निवेश को प्रोत्साहन और नवाचार के माध्यम से युवाओं के लिए नए अवसरों का सृजन ही नए उत्तर प्रदेश के विकास का मूल संकल्प है। राज्य सरकार गौरवशाली विरासत के संरक्षण के साथ-साथ आधुनिक तकनीक और निवेशोन्मुख नीतियों के जरिए प्रदेश को ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था का सशक्त केंद्र बनाने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ा रही है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर विचार साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिकवि महर्षि वाल्मीकि की पावन जयंती पर उनकी तपोभूमि बिठूर में लोकमंगल और जनकल्याण के इसी संकल्प को गति दी जाएगी। इस पावन अवसर पर कानपुर नगर के बिठूर में बिल्हौर एवं बिठूर विधानसभा क्षेत्रों की 411 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली कुल 48 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया जाएगा। साथ ही विभिन्न लोक-कल्याणकारी योजनाओं के पात्र लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र भी वितरित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक ओर जहां जनजीवन को सुगम बनाने वाली आधारभूत विकास परियोजनाएं धरातल पर उतर रही हैं, वहीं दूसरी ओर युवाओं के स्वर्णिम भविष्य के लिए निवेश और नवाचार के नए रास्ते तैयार हो रहे हैं। इसी दृष्टि को आगे बढ़ाते हुए राजधानी लखनऊ में 'जीसीसी इनोवेशन समिट 2026' का शुभारंभ किया जा रहा है। इस समिट के दौरान वैश्विक कंपनियों और प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के मध्य होने वाले समझौते तकनीकी अनुसंधान, नवाचार और उच्च-कौशल आधारित रोजगार की व्यापक संभावनाओं के द्वार खोलेंगे। डबल इंजन सरकार का लक्ष्य है कि विकास की किरण समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और उत्तर प्रदेश की युवा प्रतिभाओं को अपने ही गृह राज्य में वैश्विक पहचान प्राप्त हो सके।
प्रदेश के चौमुखी कायाकल्प का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान उत्तर प्रदेश अपनी सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक विज्ञान के उत्कृष्ट समन्वय का प्रतीक बन चुका है। आदिकवि महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण केवल सांस्कृतिक धरोहर नहीं, बल्कि लोक-कल्याण और मर्यादा का ऐसा प्रकाशस्तंभ है जिसने युगों-युगों तक मानव समाज को सही दिशा दिखाई है। आज उसी ज्ञान-परंपरा को आगे बढ़ाते हुए प्रदेश तकनीकी क्रांति का नेतृत्व कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि वर्ष 2017 से पूर्व राज्य में न तो सांस्कृतिक विरासत का सम्मान था और न ही औद्योगिक विकास को उचित स्थान प्राप्त था। आज सुदृढ़ कानून व्यवस्था, बेहतर होती कनेक्टिविटी, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के दम पर उत्तर प्रदेश देश के सबसे पसंदीदा निवेश गंतव्यों में गिना जा रहा है। भारत जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 'जीसीसी कैपिटल ऑफ द वर्ल्ड' के रूप में स्थापित हुआ है, वहीं उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी के वैश्विक तंत्र का मजबूत स्तंभ बनकर उभर रहा है।
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