Raksha Jha Parliament Speech: संसद के संविधान सदन में गूंजी बिहार की रक्षा झा की आवाज, पीएम मोदी के सामने ओजस्वी भाषण से जीता दिल
संसद के संविधान सदन में बिहार की बेटी रक्षा झा ने पीएम मोदी और लोकसभा अध्यक्ष के सामने महात्मा गांधी पर ओजस्वी भाषण दिया। "हाथों में न बंदूक थी न तलवार..." बयान खूब सराहा गया।
- Bihar News: "हाथों में न बंदूक थी न तलवार..." रक्षा झा ने महात्मा गांधी पर दिया ऐसा भाषण, संसद में बजीं लगातार तालियां
- संसद में बिहार की बेटी का जलवा: बांका की रक्षा झा के गांधी जयंती भाषण ने खींचा सबका ध्यान, पीएम मोदी भी हुए प्रभावित
- Raksha Jha Speech on Gandhi: संसद के केंद्रीय कक्ष में युवा वक्ता रक्षा झा का दमदार संबोधन, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
नई दिल्ली: संसद के ऐतिहासिक संविधान सदन (पुराने संसद भवन के सेंट्रल हॉल) में आयोजित राष्ट्रीय स्तर के एक गरिमामय समारोह में बिहार की युवा वक्ता रक्षा झा ने अपने प्रखर और ओजस्वी भाषण से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित देश के शीर्ष नीति-निर्माताओं और सांसदों का दिल जीत लिया। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के उपलक्ष्य में संसदीय अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (प्राइड) तथा युवा मामले एवं खेल मंत्रालय द्वारा आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में रक्षा झा को देश के चुनिंदा युवा प्रतिनिधियों के रूप में संसद के पोडियम से अपने विचार रखने का दुर्लभ अवसर प्राप्त हुआ था।
सफेद और लाल पारंपरिक परिधान में चश्मा लगाए जब रक्षा झा ने आत्मविश्वास के साथ बोलना शुरू किया, तो उनके शब्दों के चयन, उच्चारण की शुद्धता और वैचारिक गहराई ने पूरे हॉल को मंत्रमुग्ध कर दिया। जब उन्होंने महात्मा गांधी के अहिंसा के सिद्धांतों को रेखांकित करते हुए कहा "हाथों में न बंदूक थी, न तलवार थी, सिर्फ सत्य और अहिंसा की धार थी..." तो सामने बैठे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और केंद्रीय मंत्रियों ने मेज थपथपाकर उनका उत्साहवर्धन किया।
- बिहार के बांका जिले से संसद तक का प्रेरणादायक सफर
रक्षा झा मूल रूप से बिहार के बांका जिले की रहने वाली हैं। एक मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने वाली रक्षा अपनी प्रारंभिक शिक्षा से ही वाद-विवाद, भाषण प्रतियोगिताओं और साहित्यिक विमर्श में सक्रिय रही हैं।
कड़े चयन से गुजरीं: संसद में बोलने का यह अवसर किसी सिफारिश से नहीं, बल्कि त्रिस्तरीय राष्ट्रीय प्रतियोगिता के जरिए मिला था। जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित 'नेशनल यूथ पार्लियामेंट फेस्टिवल' (NYPF) में अपने उत्कृष्ट वक्तृत्व कौशल के दम पर उन्होंने पूरे देश में शीर्ष स्थान हासिल किया था।
संविधान सदन में प्रतिनिधित्व: राष्ट्र के महापुरुषों को पुष्पांजलि अर्पित करने के लिए देश भर से चुने गए सर्वश्रेष्ठ युवा वक्ताओं में बिहार का प्रतिनिधित्व करते हुए रक्षा झा ने मंच संभाला था।
- भाषण के वे अंश जिन्होंने बांधा समां
रक्षा झा ने अपने भाषण में महात्मा गांधी के विचारों को केवल ऐतिहासिक संदर्भ में रखने के बजाय आज की आधुनिक वैश्विक चुनौतियों और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प से जोड़ा।
उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि जब दुनिया प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध की विनाशकारी विभीषिका में झुलस रही थी और तोपों व बंदूकों को ही विजय का पैमाना माना जाता था, तब एक दुबले-पतले व्यक्ति ने गुजरात की धरती से उठकर दुनिया की सबसे बड़ी साम्राज्यवादी ताकत की चूलें हिला दीं। उन्होंने कहा कि बापू का चरखा केवल सूत कातने का साधन नहीं, बल्कि भारत की आर्थिक स्वावलंबन और स्वदेशी की पहली क्रांति थी।
रक्षा ने लाल बहादुर शास्त्री के सादा जीवन और 'जय जवान, जय किसान' के अमर नारे को भी याद करते हुए कहा कि आज का भारत जब तकनीकी और अंतरिक्ष के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है, तो उसकी जड़ें बापू और शास्त्री जी के नैतिक मूल्यों में ही समाहित हैं।
- पीएम मोदी और गणमान्य अतिथियों की प्रतिक्रिया
रक्षा झा के लगभग तीन मिनट के भाषण के दौरान कई बार सदन तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। दर्शक दीर्घा में बैठे सांसद और अन्य राज्यों के युवा प्रतिनिधि उनकी वक्तृत्व कला की सराहना करते दिखे।
भाषण समाप्त होने के बाद जब युवा प्रतिभागी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समीप पहुंचे, तो प्रधानमंत्री ने रक्षा झा के आत्मविश्वास और स्पष्ट अभिव्यक्ति की विशेष रूप से प्रशंसा की। प्रधानमंत्री ने युवाओं से संवाद करते हुए कहा कि लोकतंत्र की असली ताकत इसी तरह के युवा विचारों में बसती है, जो देश की मिट्टी और इतिहास से जुड़कर विकसित भारत का खाका खींचते हैं।
- सोशल मीडिया पर वीडियो हुआ वायरल
कार्यक्रम का सीधा प्रसारण होने के बाद रक्षा झा के इस भाषण का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स एक्स (पूर्व में ट्विटर), यूट्यूब, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर तेजी से वायरल हो गया।
बिहार के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और प्रबुद्ध नागरिकों ने वीडियो साझा करते हुए इसे 'बिहार की प्रतिभा का राष्ट्रीय गौरव' करार दिया। यूजर्स ने टिप्पणी करते हुए लिखा कि जिस सदन में देश के बड़े-बड़े दिग्गज नेता भाषण देते हैं, वहां एक युवा छात्रा ने बिना किसी झिझक के जिस शालीनता और ओज से अपनी बात रखी, वह देश की भावी पीढ़ी के नेतृत्व की सुखद तस्वीर है।
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