सहारनपुर में तेजी से फैल रहा वायरल बुखार और खांसी, वरिष्ठ चिकित्सक ने बताए बचाव के जरूरी उपाय

सहारनपुर में मौसम बदलते ही वायरल बुखार और खांसी के मामलों में भारी उछाल। वरिष्ठ चिकित्सक ने दी बिना परामर्श एंटीबायोटिक दवाओं से बचने की सलाह।

By INA News Desk
Oct 20, 2026 - 22:40
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सहारनपुर में तेजी से फैल रहा वायरल बुखार और खांसी, वरिष्ठ चिकित्सक ने बताए बचाव के जरूरी उपाय

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तापमान में आ रहे बदलाव के कारण मौसमी बीमारियों का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। जनपद सहारनपुर के सरकारी चिकित्सालयों और निजी औषधालयों की बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) में पहुंचने वाले कुल मरीजों में से लगभग 40 प्रतिशत लोग तेज बुखार, गले में खराश और अत्यधिक खांसी की समस्या से पीड़ित पाए जा रहे हैं। वरिष्ठ फिजिशियन डॉक्टर कलीम के अनुसार इस समय सक्रिय संक्रामक तत्व मुख्य रूप से मौसमी विषाणु हैं, जिसके प्रभाव से व्यक्ति को दो से चार दिनों तक तीव्र ज्वर, मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द, नाक बंद होना, छींकें और शारीरिक दुर्बलता का सामना करना पड़ रहा है।

अनेक मामलों में देखा जा रहा है कि बुखार शांत होने के पश्चात भी मरीजों को लगभग दो सप्ताह तक लगातार सूखी या बलगम वाली खांसी परेशान कर रही है, जिसे चिकित्सीय भाषा में पोस्ट वायरल कफ कहा जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मौसमी संक्रमणों में बिना डॉक्टरी परामर्श के स्वयं से एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन करना स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक हो सकता है। यह विषाणु जनित समस्या आमतौर पर तीन से चार दिनों के भीतर शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता से स्वतः नियंत्रित होने लगती है, इसलिए अनाप-शनाप दवाइयों के बजाय शरीर में जल स्तर बनाए रखना अधिक आवश्यक है।

बीमारी से बचाव और त्वरित राहत के लिए दिन में तीन से चार बार हल्के गर्म जल से गरारे करने और भाप लेने का सुझाव दिया गया है। साठ वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों और दस वर्ष से कम आयु वाले छोटे बच्चों के मामले में विशेष सतर्कता अपेक्षित है, क्योंकि प्रतिरोधक क्षमता कम होने की स्थिति में सामान्य संक्रमण फेफड़ों के गंभीर विकार यानी निमोनिया का रूप ले सकता है। सार्वजनिक स्थानों पर खांसते या छींकते समय चेहरे पर मास्क लगाना और पीड़ित व्यक्तियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखना संक्रमण के प्रसार को रोकने में मददगार साबित होता है।

चिकित्सकों ने आगाह किया है कि यदि बुखार 102 डिग्री से ऊपर पहुंच जाए, सांस लेने में अत्यधिक कठिनाई महसूस हो, सीने में तेज दर्द उठे या खांसी के साथ रक्त आने की शिकायत हो, तो इसे कतई नजरअंदाज न करें। बुखार के तीन दिनों से अधिक समय तक लगातार बने रहने पर तुरंत नजदीकी योग्य चिकित्सक से संपर्क कर विधिवत जांच करानी चाहिए। इस संक्रमण काल में ठंडा पानी, बासी भोजन और खुले में बिकने वाली खाद्य सामग्रियों से दूरी बनाकर सुरक्षित रहा जा सकता है।

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