पत्रकार नसीम की हत्या पर देवबंद में रोष, हत्यारों पर रासुका और आश्रितों को एक करोड़ मुआवजे की मांग
हापुड़ में वरिष्ठ पत्रकार नसीम की हत्या पर प्रेस क्लब देवबंद में आक्रोश। हत्यारों पर रासुका लगाने, आश्रितों को एक करोड़ मुआवजा व नौकरी देने की मांग उठाई।
हापुड़ जिले में वरिष्ठ मीडियाकर्मी नसीम सिद्दीकी की नृशंस हत्या की घटना को लेकर पत्रकारों में भारी आक्रोश फैल गया है। इस कायराना कृत्य के विरोध में सहारनपुर जनपद के देवबंद स्थित मोहल्ला टाकान सभागार में प्रेस क्लब देवबंद की एक आपात बैठक आयोजित की गई। सभा में उपस्थित सभी पत्रकारों ने इस जघन्य हत्याकांड की कड़े शब्दों में भर्त्सना की और शासन से मीडियाकर्मियों की जान-माल की हिफाजत सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने की पुरजोर मांग की। बैठक में पत्रकारों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और संकट की इस घड़ी में शोकाकुल परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की।
बैठक की अगुवाई करते हुए प्रेस क्लब के अध्यक्ष मुमताज अहमद मलिक ने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर लगातार बढ़ते हमले बेहद गंभीर और भयावह स्थिति पैदा कर रहे हैं। समाज में निर्भीक और निष्पक्ष आवाज उठाने वाले कलमकारों को निशाना बनाया जाना स्वतंत्र अभिव्यक्ति के लिए खुला खतरा है। उन्होंने कहा कि नसीम सिद्दीकी की नृशंस हत्या ने समूचे पत्रकार बिरादरी को भीतर तक हिलाकर रख दिया है। अपराधियों के मन में कानून का खौफ पैदा करने के लिए इस मामले में संलिप्त सभी हत्यारों को अविलंब सलाखों के पीछे भेजा जाए और उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून यानी रासुका के तहत कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाए।
प्रेस क्लब ने शासन से मांग की है कि दिवंगत पत्रकार के बेसहारा परिजनों को संबल देने के लिए तत्काल एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की जाए। साथ ही परिवार के एक योग्य सदस्य को सरकारी सेवा में नियुक्ति प्रदान की जाए ताकि उनका भविष्य सुरक्षित रह सके। वक्ताओं ने इस बात पर विशेष बल दिया कि जब तक राज्य में कठोर पत्रकार सुरक्षा कानून प्रभावी नहीं होगा, तब तक फील्ड में काम करने वाले संवाददाताओं का भयमुक्त होकर कार्य कर पाना अत्यंत कठिन रहेगा। इस अवसर पर राजकुमार जाटव, ओमवीर सिंह, असद सिद्दीकी, डॉक्टर महताब आजाद और सिकंदर अली सहित बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे।
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