Ghaziabad Swine Flu Alert: गाजियाबाद में स्वाइन फ्लू का बढ़ा खतरा, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी
Ghaziabad Swine Flu Alert: गाजियाबाद में स्वाइन फ्लू (H1N1) का खतरा बढ़ा। स्वास्थ्य विभाग ने बच्चों और बुजुर्गों के लिए विशेष सावधानी बरतने के निर्देश जारी किए।
- Swine Flu in Ghaziabad: गाजियाबाद में H1N1 संक्रमण की दस्तक, बच्चों और बुजुर्गों के लिए विशेष अलर्ट जारी
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- Ghaziabad Health Alert: गाजियाबाद में स्वाइन फ्लू के मामलों को लेकर अलर्ट, अस्पतालों में निगरानी तेज
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से सटे गाजियाबाद जिले में मौसमी बदलाव और संक्रामक वायरसों के प्रसार के बीच स्वाइन फ्लू (H1N1) का खतरा लगातार बढ़ता नजर आ रहा है। जिला स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय चिकित्सा अधिकारियों ने अस्पतालों में बुखार, सर्दी-जुकाम और सांस से जुड़े मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए निगरानी तंत्र को सक्रिय कर दिया है। कमजोर प्रतिरोधक क्षमता के कारण बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को इस संक्रमण का सबसे अधिक जोखिम है। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सीय परामर्श लेने और भीड़भाड़ वाली जगहों पर एहतियात बरतने की अपील की है ताकि संक्रमण के किसी भी बड़े प्रसार को समय रहते रोका जा सके।
गाजियाबाद जिले में इन्फ्लूएंजा ए वायरस के उप-प्रकार H1N1 यानी स्वाइन फ्लू के संदिग्ध मामलों में वृद्धि के संकेत मिले हैं। मौसम में आ रहे उतार-चढ़ाव और नमी के कारण वायरस के प्रसार के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला स्तरीय अस्पतालों की ओपीडी में तेज बुखार, बदन दर्द, गले में खराश और लगातार खांसी से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ रही है। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए स्वास्थ्य प्रशासन ने पूरे जिले में मेडिकल सर्विलांस को कड़ा करने और संदिग्ध मामलों की त्वरित सैंपलिंग कराने के निर्देश जारी किए हैं।
बीते कुछ दिनों में गाजियाबाद के सरकारी और निजी अस्पतालों में मौसमी फ्लू के लक्षणों वाले मरीजों की आमद में इजाफा देखा गया। इनमें से कई मरीजों में सामान्य फ्लू की तुलना में अधिक गंभीर श्वसन संबंधी लक्षण पाए गए हैं। चिकित्सकों की प्राथमिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि यह मौसमी इन्फ्लूएंजा के साथ-साथ H1N1 वायरस के सक्रिय होने का संकेत हो सकता है।
अस्पतालों में आने वाले मरीजों में विशेष रूप से पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चे और साठ वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग शामिल हैं, जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता स्वाभाविक रूप से संवेदनशील होती है। इसके अलावा डायबिटीज, अस्थमा और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को भी संक्रमण से अतिरिक्त जोखिम का सामना करना पड़ रहा है। जिले के मुख्य अस्पतालों में आइसोलेशन बेड और जरूरी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आंतरिक समीक्षा बैठकें आयोजित की गई हैं।
स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि स्वाइन फ्लू एक संक्रामक श्वसन रोग है जो खांसने, छींकने या संक्रमित सतहों को छूने से फैलता है। डॉक्टरों ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के वायरल लक्षण दिखने पर खुद से दवा (सेल्फ-मेडिकेशन) न लें और तुरंत निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर जांच कराएं।
चिकित्सकों के अनुसार, समय पर पहचान होने पर एंटीवायरल उपचार से मरीज बहुत जल्द स्वस्थ हो जाता है, लेकिन देरी होने पर यह निमोनिया या सांस लेने में भारी तकलीफ जैसी जटिलताओं का रूप ले सकता है। स्थानीय स्वास्थ्य अमले ने स्कूलों और सार्वजनिक संस्थानों को भी स्वच्छता संबंधी दिशानिर्देशों का पालन कराने की सलाह दी है।
स्वाइन फ्लू के बढ़ते खतरे ने आम जनता के साथ-साथ स्वास्थ्य महकमे की भी चिंताएं बढ़ा दी हैं। कार्यस्थलों और स्कूलों में बच्चों व कर्मचारियों की उपस्थिति प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए लोग निजी स्तर पर भी मास्क और सैनिटाइजर के इस्तेमाल को प्राथमिकता दे रहे हैं। अस्पतालों पर मौसमी बीमारियों का दबाव पहले से ही रहता है, ऐसे में स्वाइन फ्लू की आशंका ने आपातकालीन सेवाओं और पैथोलॉजी लैबों पर कार्यभार बढ़ा दिया है।
सार्वजनिक स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से यह जरूरी हो गया है कि लोग हाथ धोने की आदत बनाए रखें, बिना हाथ धोए मुंह, नाक या आंखों को छूने से बचें और खांसी या छींक आने पर रुमाल अथवा टिश्यू का उपयोग करें।
स्वास्थ्य विभाग आने वाले दिनों में निगरानी व्यवस्था को और सख्त करेगा। जिला प्रशासन की ओर से शहरी और ग्रामीण इलाकों में जन-जागरूकता अभियान चलाए जाने की योजना है ताकि लोग समय पर लक्षणों की पहचान कर सकें। संदिग्ध नमूनों को निर्धारित लैब्स में जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया तेज की जा रही है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और आवश्यक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है, बशर्ते नागरिक बुनियादी एहतियाती नियमों का कड़ाई से पालन करें।
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