Dehradun H1N1 Influenza Cases: देहरादून में H1N1 इन्फ्लुएंजा के 9 नए मरीज, आंकड़ा 49 पहुंचा; अस्पताल अलर्ट पर

देहरादून में इन्फ्लुएंजा H1N1 के 9 नए मामले सामने आए हैं, जिसके बाद कुल संक्रमितों की संख्या 49 पहुंच गई है। स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी और निजी अस्पतालों को अलर्ट जारी किया है।

Aug 26, 2026 - 16:10
13 Views
Dehradun H1N1 Influenza Cases: देहरादून में H1N1 इन्फ्लुएंजा के 9 नए मरीज, आंकड़ा 49 पहुंचा; अस्पताल अलर्ट पर
  • Uttarakhand Swine Flu Update: देहरादून में स्वाइन फ्लू H1N1 के मामलों में उछाल, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी
  • देहरादून में H1N1 इन्फ्लुएंजा का बढ़ता दायरा: एक ही दिन में 9 नए मामले मिलने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप
  • देहरादून में इन्फ्लुएंजा H1N1 के 9 नए मरीज मिले, कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 49 हुई; अस्पताल अलर्ट

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में मौसमी बदलाव और मानसूनी नमी के बीच इन्फ्लुएंजा H1N1 (H1N1) संक्रमण के मामलों में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। जिले में मंगलवार को हुई जांच में 9 नए मरीजों में H1N1 वायरस की पुष्टि हुई है, जिसके बाद कुल संक्रमितों का आंकड़ा बढ़कर 49 पर पहुंच गया है। मामलों की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय और स्वास्थ्य विभाग ने सभी सरकारी और निजी चिकित्सालयों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों ने अस्पतालों में पर्याप्त आइसोलेशन, ऑक्सीजन और आईसीयू बेड आरक्षित रखने के साथ-साथ गंभीर सांस रोगियों की नियमित निगरानी और समय पर इलाज सुनिश्चित करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। 

देहरादून जिले में मौसमी इन्फ्लुएंजा H1N1 का प्रसार चिंता का विषय बनता जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा हाल ही में एकत्रित किए गए नमूनों की जांच रिपोर्ट में नौ और व्यक्तियों में इस वायरस की पुष्टि हुई है। इन नए मरीजों के सामने आने के बाद जिले में कुल संक्रमितों की संख्या 49 हो गई है। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, प्रभावित मरीजों में से अधिकांश स्थानीय निवासी हैं और कुछ आसपास के पर्वतीय व मैदानी जिलों से बेहतर उपचार के लिए दून के अस्पतालों में पहुंचे हैं। इस स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य तंत्र ने संक्रामक रोगों से निपटने के लिए प्रोटोकॉल सक्रिय कर दिया है। 

विभागीय आंकड़ों के अनुसार, जिले में अब तक 118 से अधिक संदिग्ध नमूनों की प्रयोगशाला जांच की जा चुकी है, जिनमें से 49 मामलों में H1N1 संक्रमण पाया गया है। इनमें से 34 मरीज देहरादून जिले के रहने वाले हैं, जबकि 15 मरीज अन्य जनपदों से उपचार कराने आए हैं। राहत की बात यह है कि 30 मरीज उपचार के बाद पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं, जबकि 10 मरीजों का इलाज अभी विभिन्न अस्पतालों के आइसोलेशन वार्ड में चल रहा है।

विभागीय रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि अब तक जिले में दर्ज हुईं 5 मौतों में सभी मरीज पहले से ही अन्य गंभीर बीमारियों (को-मॉर्बिडिटी) से पीड़ित थे। H1N1 के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग कोविड संक्रमण की भी समानांतर निगरानी कर रहा है, ताकि किसी भी स्थिति में श्वसन संबंधी बीमारियों का सामूहिक प्रकोप न फैले।

H1N1 एक श्वसन तंत्र को प्रभावित करने वाला वायरल संक्रमण है। इसमें तेज बुखार, लगातार खांसी, गले में खराश, सांस लेने में असहजता और बदन दर्द जैसे लक्षण प्रकट होते हैं। सांस और फेफड़ों की पुरानी बीमारी वाले मरीजों, बच्चों व बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और अस्पतालों में मरीजों की भारी भीड़ या पैनिक की स्थिति नहीं है। उन्होंने सभी चिकित्सा अधीक्षकों को मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का कड़ाई से पालन करने को कहा है। अस्पतालों को निर्देश दिया गया है कि वे 'इन्फ्लुएंजा लाइक इलनेस' (ILI) और 'सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी इलनेस' (SARI) के लक्षणों वाले प्रत्येक मरीज का रिकॉर्ड एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (IDSP) पोर्टल पर अनिवार्य रूप से दर्ज करें।

वरिष्ठ चिकित्सकों ने नागरिकों से अपील की है कि वे बिना चिकित्सकीय परामर्श के कोई भी एंटीबायोटिक या खुद से दवाएं न लें। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क का प्रयोग और हाथों की नियमित स्वच्छता ही इससे बचाव का सबसे कारगर तरीका है। 

संक्रमण के प्रसार को देखते हुए राजधानी के प्रमुख सरकारी चिकित्सालयों दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल और कोरोनेशन अस्पताल में अतिरिक्त बेड आरक्षित किए गए हैं। इसके साथ ही निजी अस्पतालों को भी जीवनरक्षक दवाओं और वेंटिलेटर की निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने के लिए पाबंद किया गया है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर फ्लू क्लीनिकों को सक्रिय कर दिया गया है ताकि शुरुआती स्तर पर ही मरीजों की पहचान की जा सके और उन्हें तत्काल आइसोलेट कर संक्रमण की श्रृंखला तोड़ी जा सके। 

स्वास्थ्य विभाग की त्वरित प्रतिक्रिया टीमें (RRT) प्रभावित क्षेत्रों में एक्टिव सर्विलांस और कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग पर काम कर रही हैं। यदि किसी विशेष मोहल्ले या क्षेत्र में संक्रमण का क्लस्टर मिलता है, तो वहां त्वरित रोकथाम अभियान चलाया जाएगा। मौसम के बदलते रुख को देखते हुए आगामी हफ्तों में सैंपलिंग का दायरा और बढ़ाने की योजना है ताकि हाई-रिस्क आबादी को समय रहते चिकित्सकीय सुरक्षा प्रदान की जा सके।

Also Read- योगी सरकार की मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि, 16 जिलों में तीन महीनों में सभी प्रसव स्वास्थ्य संस्थानों में

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow