Hardoi Election Boycott: हरदोई में 61 लाख के विकास कार्यों में धांधली का आरोप: कहीं घटिया निर्माण तो कहीं ग्रामीणों ने किया चुनाव बहिष्कार

हरदोई जिले में ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अंतर्गत चल रहे निर्माण कार्यों और गांवों की बुनियादी समस्याओं को लेकर स्थानीय

Aug 26, 2026 - 16:00
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Hardoi Election Boycott: हरदोई में 61 लाख के विकास कार्यों में धांधली का आरोप: कहीं घटिया निर्माण तो कहीं ग्रामीणों ने किया चुनाव बहिष्कार

हरदोई जिले में ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अंतर्गत चल रहे निर्माण कार्यों और गांवों की बुनियादी समस्याओं को लेकर स्थानीय स्तर पर असंतोष बढ़ता जा रहा है। एक तरफ जहां भारी-भरकम बजट के स्वीकृत कार्यों में तय मानकों की अनदेखी के आरोप लग रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ लंबे समय से उपेक्षित ग्रामीण रास्तों को लेकर जनता ने मतदान प्रक्रिया से दूरी बनाने का ऐलान कर दिया है।

जिले में ग्रामीण विकास योजना के तहत अटवा कटैया संपर्क मार्ग से पिपरौधा पुलिया तक इंटरलॉकिंग रोड और नाली निर्माण के लिए 61 लाख 29 हजार 384 रुपये की लागत से कार्य स्वीकृत किया गया है। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, लखनऊ मंडल की ओर से जारी स्वीकृति पत्र के तहत सरिता गुप्ता कांट्रैक्टर को इस निर्माण कार्य की जिम्मेदारी सौंपी गई है। विभाग ने कार्य शुरू करने से पहले तकनीकी कर्मचारियों की तैनाती, कार्य योजना और जरूरी सुरक्षा मानकों को पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

इस बीच टड़ियावां विकास खंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत सिकरोहरी के मजरा सिकरहना में नाली निर्माण में भारी लापरवाही का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का कहना है कि मौके पर हो रहे काम में घटिया सामग्री लगाई जा रही है। तय तकनीकी मानकों को दरकिनार कर तीसरे दर्जे की पीली ईंटों और सीमेंट के मुकाबले अत्यधिक बालू के मिश्रण का उपयोग किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि गुणवत्ता विहीन निर्माण की वजह से सरकारी बजट की बर्बादी हो रही है और यह नाली थोड़े ही समय में क्षतिग्रस्त हो जाएगी। ग्रामीणों ने विभागीय उच्च अधिकारियों से मौके पर पहुंचकर तकनीकी परीक्षण कराने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग उठाई है।

दूसरी ओर, संडीला तहसील क्षेत्र के ग्राम अजरायल खेड़ा (गोसवा डोंगा) में लंबे समय से बदहाल पड़ी सड़क की सुध न लिए जाने पर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। मुख्य रास्ते पर गहरे गड्ढों, कीचड़ और भीषण जलभराव के चलते लोगों का आवागमन पूरी तरह बाधित है। लगातार मांग के बाद भी समाधान न होने से नाराज ग्रामीणों ने लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। ग्रामीणों ने क्षेत्र में पोस्टर लगाकर स्पष्ट संदेश दिया है कि जब तक उनके गांव की सड़क का पक्का निर्माण और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं होगी, तब तक वे मतदान में भाग नहीं लेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि बुनियादी सुविधाएं उनका अधिकार हैं और जब तक व्यवस्था दुरुस्त नहीं होगी, विरोध जारी रहेगा।

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