सम्भल में मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का आगाज: मंत्री धर्मपाल सिंह ने बांटे 15 शिक्षकों को प्रमाण पत्र
सम्भल कलेक्ट्रेट में मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के शुभारंभ का सजीव प्रसारण हुआ। कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह ने 15 शिक्षकों को प्रमाण पत्र दिए।
सम्भल जिले के बहजोई स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में वाराणसी से मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के राज्य स्तरीय शुभारंभ समारोह का सीधा सजीव प्रसारण देखा गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों के अभिभावकों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से प्रति छात्र 1200 रुपये की धनराशि भेजने की शुरुआत की गई। साथ ही, शिक्षकों और संविदा कर्मियों को सामाजिक सुरक्षा कवच देने के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए और राष्ट्रीय स्तर पर चुने गए स्वच्छ व हरित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को सम्मानित किया गया।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश सरकार के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह, जिलाधिकारी अंकित खण्डेलवाल, मुख्य विकास अधिकारी गोरखनाथ भट्ट, भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष हरेंद्र सिंह रिंकू और पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्री मंजू दिलेर सहित जिले के कई आला अधिकारी और बड़ी संख्या में शिक्षक व शिक्षा विभाग के कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान भाजपा जिला अध्यक्ष हरेंद्र सिंह रिंकू ने इस स्वास्थ्य योजना के लागू होने पर जिले के सभी शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और अन्य कर्मियों को बधाई दी।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि धर्मपाल सिंह और जिलाधिकारी अंकित खण्डेलवाल ने संयुक्त रूप से जिले के माध्यमिक शिक्षा विभाग के 5 और बेसिक शिक्षा विभाग के 10 शिक्षक-शिक्षिकाओं, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों व रसोइयों को मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत लाभ मिलने से संबंधित प्रतीकात्मक प्रमाण पत्र प्रदान किए। इस कार्ड की मदद से सभी लाभार्थी पांच लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।
अपने संबोधन में मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में देश के शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। शिक्षक ही राष्ट्र के आने वाले नागरिकों का निर्माण करते हैं, इसीलिए प्रदेश सरकार उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा और सम्मान के लिए पूरी जिम्मेदारी के साथ काम कर रही है। इस योजना से लाखों शिक्षकों के साथ-साथ कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के स्टाफ, अनुदेशकों और स्कूलों में भोजन बनाने वाले रसोइयों को भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सकेगा। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे समय पर स्कूल पहुंचे और बच्चों को संस्कारयुक्त, आधुनिक व राष्ट्र भावना से भरी उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा दें, ताकि हर स्कूल एक उत्कृष्ट केंद्र बन सके। कार्यक्रम के अंत में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अलका शर्मा ने उपस्थित सभी अतिथियों और शिक्षकों का आभार जताया।
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