Sara Ali Khan Fatwa Row - केदारनाथ दर्शन पर सारा अली खान के खिलाफ फतवा, बरेलवी मौलाना ने बताया 'शरीयत में गुनाह'
केदारनाथ मंदिर के दर्शन करने पर अभिनेत्री सारा अली खान के खिलाफ मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने फतवा जारी कर अल्लाह से तौबा करने को कहा है।
- Mufti Shahabuddin Razvi - 'अल्लाह से माफी मांगें और तौबा करें', सारा अली खान की केदारनाथ यात्रा पर इस्लामिक धर्मगुरु की आपत्ति
- Sara Ali Khan Kedarnath Visit - 4 साल से लगातार जा रही थीं बाबा केदार के दर, अब धर्मगुरु ने जारी किया फतवा
- Bollywood Fatwa Controversy - कड़ाके की ठंड में कतार में लगकर किए थे दर्शन, सारा अली खान के मंदिर जाने पर विवाद
बॉलीवुड अभिनेत्री सारा अली खान के हालिया केदारनाथ मंदिर दौरे को लेकर एक नया धार्मिक विवाद खड़ा हो गया है। उत्तर प्रदेश के प्रमुख इस्लामिक धर्मगुरु और ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने अभिनेत्री के खिलाफ फतवा जारी किया है। धर्मगुरु का कहना है कि एक मुस्लिम परिवार में जन्म लेने के बावजूद मंदिर में जाकर गैर-इस्लामिक रीति-रिवाजों से पूजा-अर्चना करना इस्लामी शरीयत के सिद्धांतों के खिलाफ है।
- कड़ाके की ठंड में कतार में लगकर किए थे दर्शन
सैफ अली खान और अमृता सिंह की बेटी सारा अली खान की भगवान शिव और केदारनाथ धाम के प्रति गहरी आस्था रही है। वह विगत चार वर्षों से लगातार केदारनाथ की यात्रा करती रही हैं। इस वर्ष भी 25 अक्टूबर को वह उत्तराखंड स्थित केदारनाथ धाम पहुंची थीं। सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों और वीडियो में वह कड़ाके की ठंड के बीच आम श्रद्धालुओं के साथ लंबी कतार में खड़ी होकर मंदिर में दर्शन का इंतजार करती नजर आई थीं। दर्शन के उपरांत उन्होंने माथे पर चंदन का लेप भी लगाया हुआ था।
- 'शरीयत की नजर में गुनहगार, अल्लाह से मांगें माफी'
बरेली स्थित दरगाह आला हजरत से जुड़े मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी ने अपने फतवे और बयान में कहा कि सारा अली खान का यह आचरण शरीयत के नियमों का खुला उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि इस्लाम एकेश्वरवाद (तौहीद) पर आधारित है और किसी भी मुसलमान का दूसरे धर्मों के पूजा स्थलों पर जाकर धार्मिक अनुष्ठान करना वर्जित माना गया है। मौलाना ने अभिनेत्री को सलाह दी कि वे अपने इस कृत्य के लिए अल्लाह की बारगाह में एक गुनहगार की तरह तौबा करें और भविष्य में इस तरह की गतिविधियों से परहेज करें।
- आस्था और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर बहस
सारा अली खान पहले भी कई मौकों पर काशी विश्वनाथ, उज्जैन के महाकालेश्वर और केदारनाथ धाम के दर्शन करने जाती रही हैं और हमेशा इसे अपनी व्यक्तिगत आस्था और सर्वधर्म सद्भाव का प्रतीक बताती रही हैं। उनके प्रशंसक और कई सामाजिक संगठन जहां इसे व्यक्तिगत धार्मिक स्वतंत्रता और विविधता का सम्मान मानते हैं, वहीं कट्टरपंथी हलकों में इसे लेकर अक्सर सवाल उठाए जाते रहे हैं।
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