Jabalpur Karwa Chauth - पहले दी किडनी, फिर ICU में पति के लिए रखा करवा चौथ का व्रत; छलनी से देखा चेहरा
मध्य प्रदेश के जबलपुर में पत्नी ने पति दीपक गुप्ता को किडनी डोनेट करने के बाद अस्पताल के आईसीयू में करवा चौथ का व्रत रखा और छलनी से उनका चेहरा देखकर पूजा की।
- Emotional Karwa Chauth - अस्पताल के आईसीयू में दिखा पत्नी का अटूट समर्पण, किडनी दान के बाद विधि-विधान से की पूजा
- Jabalpur Hospital News - जीवन भी दिया और लंबी उम्र की दुआ भी, आईसीयू बेड पर दीपक गुप्ता के लिए पत्नी ने खोला व्रत
- Karwa Chauth Kidney Donation - जबलपुर में आस्था और प्रेम की अनूठी मिसाल, किडनी ट्रांसप्लांट के बाद अस्पताल में मनी करवा चौथ
मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित एक निजी अस्पताल से करवा चौथ के पावन अवसर पर वैवाहिक प्रेम, त्याग और अटूट समर्पण की एक अत्यंत भावुक कर देने वाली घटना सामने आई है। अस्पताल के इंटेंसिव केयर यूनिट (आईसीयू) में भर्ती अपने बीमार पति की लंबी उम्र के लिए एक पत्नी ने न केवल पारंपरिक निर्जला व्रत रखा, बल्कि विधि-विधान के साथ आईसीयू के भीतर ही छलनी से पति का दीदार कर पूजा संपन्न की। इस जोड़े की पहचान दीपक गुप्ता और उनकी धर्मपत्नी के रूप में हुई है।
- पति को दान की किडनी, खुद भी रिकवरी के दौर में रखा व्रत
मिली जानकारी के अनुसार, दीपक गुप्ता गंभीर किडनी रोग से पीड़ित थे और उनके जीवन की रक्षा के लिए डॉक्टरों ने तत्काल किडनी ट्रांसप्लांट की सलाह दी थी। ऐसे कठिन समय में उनकी पत्नी ने स्वयं आगे आकर अपनी एक किडनी पति को दान करने का साहसिक निर्णय लिया। अस्पताल में दोनों का सफल किडनी प्रत्यारोपण ऑपरेशन संपन्न हुआ। सर्जरी के बाद दीपक गुप्ता को डॉक्टरों की विशेष निगरानी में आईसीयू बेड पर रखा गया था, जबकि खुद भी ऑपरेशन के दर्द और रिकवरी प्रक्रिया से गुजर रहीं पत्नी ने करवा चौथ का व्रत रखने का संकल्प निभाया।
- आईसीयू के भीतर छलनी से देखा पति का चेहरा
करवा चौथ की शाम जब पूजा का समय हुआ, तो डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन की विशेष अनुमति के बाद पत्नी हाथ में पूजा की थाली और पारंपरिक छलनी लेकर आईसीयू वार्ड में पहुंचीं। विभिन्न मेडिकल मॉनिटर्स और ड्रिप स्टैंड के बीच बेड पर लेटे पति के सामने खड़ी होकर उन्होंने पूरे विधि-विधान से प्रार्थना की। इसके बाद छलनी के जरिए अपने पति का चेहरा देखा और ईश्वर से उनके शीघ्र पूर्ण स्वस्थ होने की कामना की।
- अस्पताल कर्मियों और समाज में बनी प्रेरणा
आईसीयू के भीतर घटे इस दृश्य ने अस्पताल के ड्यूटी डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और अन्य मरीजों के परिजनों को भी भावविभोर कर दिया। चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि जहां अंगदान अपने आप में जीवन देने वाला सर्वोच्च मानवीय कदम है, वहीं सर्जरी के तुरंत बाद इस तरह का आत्मबल और समर्पण भारतीय पारिवारिक परंपराओं और पति-पत्नी के रिश्ते की गहराई को प्रदर्शित करता है। सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर इस दंपती की तस्वीरें और यह प्रसंग सकारात्मक चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
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