जौनपुर में पुलिस एनकाउंटर से सनसनी, चर्चित दूल्हे आजाद बिंद हत्याकांड का मुख्य आरोपी रवि यादव ढेर।
उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से अपराध और कानून व्यवस्था को लेकर एक बेहद ही सनसनीखेज और बड़ी खबर सामने आई है। पूरे राज्य
- एक लाख के इनामी बदमाश को पुलिस और एसटीएफ ने संयुक्त कार्रवाई में घेरा, मुठभेड़ में लगी गोली
- शादी की रात हुए जघन्य हत्याकांड के बाद से फरार चल रहे थे नामजद आरोपी, अन्य दो की तलाश में ताबड़तोड़ छापेमारी जारी
उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से अपराध और कानून व्यवस्था को लेकर एक बेहद ही सनसनीखेज और बड़ी खबर सामने आई है। पूरे राज्य में चर्चा का विषय बने प्रसिद्ध दूल्हे आजाद बिंद हत्याकांड के मुख्य नामजद आरोपियों में से एक, रवि यादव को पुलिस ने एक भीषण मुठभेड़ के दौरान मार गिराया है। यह बड़ी सफलता घटना के ठीक पच्चीस दिन बाद पुलिस और विशेष जांच टीमों के संयुक्त अभियान के दौरान हाथ लगी है। मारे गए आरोपी रवि यादव पर प्रशासन की तरफ से एक लाख रुपये का भारी-भरकम इनाम घोषित किया गया था, और वह लगातार अपनी लोकेशन बदलकर पुलिस को चकमा दे रहा था। सोमवार की भोर में खेतासराय थाना क्षेत्र के सोंधी इलाके के पास जब सुरक्षा बलों ने उसे घेरने का प्रयास किया, तो उसने आत्मसमर्पण करने के बजाय फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद आत्मरक्षार्थ की गई जवाबी कार्रवाई में वह ढेर हो गया।
इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश शासन और पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा अपराधियों की धरपकड़ के लिए विशेष रणनीति तैयार की गई थी। इस हत्याकांड के बाद से ही जिला पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) और स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की आजमगढ़ इकाई संयुक्त रूप से आरोपियों की तलाश में रात-दिन एक किए हुए थी। इस मामले में कुल तीन मुख्य आरोपी नामजद थे, जिनमें आजमगढ़ जिले के बरदह थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले चिकसांवा गांव का निवासी प्रदीप बिंद, खेतासराय थाना क्षेत्र के सोंधी गांव का रवि यादव और सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के जपटापुर का रहने वाला भोले राजभर शामिल थे। इन तीनों शातिर अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की आधा दर्जन से अधिक टीमें अलग-अलग ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही थीं, जिसके बाद सोमवार को रवि यादव के बारे में एक बेहद ही सटीक इनपुट प्राप्त हुआ।
इस खूनी वारदात की पृष्ठभूमि बेहद ही दर्दनाक और झकझोर देने वाली है, जिसने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियों को पल भर में मातम में बदल दिया था। सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के बड़उर गांव के रहने वाले चौबीस वर्षीय युवक आजाद बिंद का विवाह बड़े ही धूमधाम के साथ खेतासराय थाना क्षेत्र के बीबीपुर (जमदहां) निवासी मोरख नाथ बिंद की सुपुत्री सोनी बिंद के साथ तय हुआ था। दोनों परिवारों में उत्सव का माहौल था और शादी की सभी रस्में बेहद आनंदमयी माहौल में पूरी की जा रही थीं। दूल्हा बने आजाद बिंद के सिर पर सेहरा सज चुका था और वह अपनी जिंदगी के एक नए सफर की शुरुआत करने के लिए पूरी तरह से तैयार थे, लेकिन उन्हें इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि मौत रास्ते में उनका इंतजार कर रही है।
यह दुखद और भयावह घटना पहली मई की रात को घटित हुई थी, जब दूल्हा आजाद बिंद अपने परिवार और रिश्तेदारों के साथ कार में सवार होकर बरात लेकर वधु पक्ष के घर जा रहे थे। कार जब अपने प्रस्थान बिंदु यानी दूल्हे के घर से लगभग सात किलोमीटर दूर खेतासराय के बादशाही बाजार के पास पहुंची, तभी समय करीब साढ़े आठ बजे मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए कुछ नकाबपोश हमलावरों ने अचानक उनकी गाड़ी को जबरन रोक लिया। इससे पहले कि कार में सवार लोग कुछ समझ पाते, हमलावरों ने हथियारों से लैस होकर दूल्हे आजाद बिंद को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। गोली लगने के कारण आजाद बिंद लहूलुहान होकर गाड़ी के भीतर ही गिर पड़े, और वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर हवा में हथियार लहराते हुए मौके से बड़ी ही आसानी से फरार हो गए।
इस दुस्साहसिक हत्याकांड के बाद पूरे इलाके में कोहराम मच गया और शादी समारोह का माहौल पूरी तरह से चीख-पुकार में तब्दील हो गया। आनन-फानन में घायल दूल्हे को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया, जिसके बाद पीड़ित परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। घटना के बाद मृतक आजाद बिंद के पिता राम लखन बिंद ने अत्यंत दुखी मन से स्थानीय पुलिस थाने में लिखित तहरीर दी, जिसके आधार पर पुलिस ने तीनों मुख्य आरोपियों के विरुद्ध हत्या और अन्य गंभीर धाराओं में नामजद मुकदमा पंजीकृत किया। इस जघन्य अपराध को लेकर स्थानीय जनता में भी भारी आक्रोश व्याप्त था, जिसके कारण कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस प्रशासन के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती बन गया था।
पुलिस प्रशासन ने जन आक्रोश और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए शुरू से ही अपराधियों के मददगारों पर भी कड़ा शिकंजा कसना शुरू कर दिया था। मुख्य आरोपियों को छिपने के लिए जगह देने, उन्हें आर्थिक मदद पहुंचाने और पुलिस की गतिविधियों की जानकारी उन तक लीक करने के आरोप में पुलिस अब तक कुल तेरह लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। इन शरणदाताओं से पूछताछ के दौरान ही पुलिस को मुख्य आरोपियों के भागने के तौर-तरीकों और उनके संभावित ठिकानों के बारे में कई महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे थे। इसी कड़ी में सोमवार की सुबह पुलिस और एसटीएफ की टीम को खुफिया तंत्र से सूचना मिली कि रवि यादव किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने या जिला छोड़ने की फिराक में खेतासराय क्षेत्र में देखा गया है, जिसके बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए उसकी घेराबंदी की गई।
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