Shanno Khurana Monograph: पद्मा विभूषण शन्नो खुराना के जीवन पर मोनोग्राफ 'शब्दों में शताब्दी स्वर' का लोकार्पण
विदुषी शन्नो खुराना के जीवन व संगीत यात्रा पर केंद्रित राजेंद्र शर्मा के मोनोग्राफ 'शब्दों में शताब्दी स्वर' का दिल्ली में लोकार्पण।
हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की सुप्रसिद्ध विदुषी 99 वर्षीया पद्मा विभूषण शन्नो खुराना के गरिमामयी सांगीतिक सफर और बहुआयामी व्यक्तित्व पर केंद्रित विशेष मोनोग्राफ 'शब्दों में शताब्दी स्वर' का नई दिल्ली में भव्य लोकार्पण किया गया। सहारनपुर के प्रख्यात कवि व कला-संस्कृति समीक्षक राजेंद्र शर्मा द्वारा रचित इस कृति का विमोचन खुद शन्नो खुराना ने एक विशेष गरिमामय समारोह में किया।
राजधानी दिल्ली स्थित इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में रज़ा फाउंडेशन और आईआईसी के संयुक्त तत्वावधान में इस खास कार्यक्रम की रूपरेखा रची गई। 23 दिसंबर 1927 को जन्मीं शन्नो खुराना का 100वां वर्ष 23 दिसंबर 2026 से शुरू होने जा रहा है। उनके जन्मशताब्दी वर्ष के पूर्वाभ्यास और सम्मान स्वरूप तैयार किए गए इस ग्रंथ का संपादन संगीत अध्येता राजेश गनोतवाले ने किया है। इसमें लेखक राजेंद्र शर्मा द्वारा विगत एक दशक में उनके साथ किए गए गूढ़ संवादों, राष्ट्रीय पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित शोधपरक आलेखों और उनके जीवन पर रची गई सात कविताओं को पिरोया गया है।
इस संग्रहणीय मोनोग्राफ में शन्नो खुराना की स्मृतियों, दुर्लभ एलबमों, सम्मान पत्रों और ऐतिहासिक छायाचित्रों को शामिल किया गया है। इसके साथ ही ख्यात कला इतिहासकार प्रोफेसर नमन आहूजा, संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित छायाकार अविनाश पसरीचा तथा संगीत समीक्षक मंजरी सिन्हा के समीक्षात्मक विचार भी इस संकलन का प्रमुख हिस्सा हैं, जो भारतीय शास्त्रीय संगीत परंपरा में शन्नो खुराना के ऐतिहासिक योगदान को रेखांकित करते हैं।
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