सीतापुर में वृक्षारोपण महायज्ञ को लेकर कलेक्ट्रेट में बड़ी बैठक, विधायकों ने दिए नदियों के किनारे और गौशालाओं में पौधे लगाने के सुझाव
सीतापुर कलेक्ट्रेट में वृक्षारोपण महायज्ञ की तैयारियों को लेकर विधायकों और विधान परिषद सदस्यों की बैठक हुई। इसमें नदियों के किनारे और सरकारी जमीनों पर पौधे लगाने के निर्देश दिए गए।
Report : संदीप चौरसिया INA NEWS सीतापुर
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पर्यावरण को बेहतर बनाने के उद्देश्य से शुरू किए जा रहे बड़े हरित अभियान के अंतर्गत सीतापुर जिले में प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी गई हैं। कलेक्ट्रेट सभागार में स्थानीय विधायकों और विधान परिषद सदस्यों की मौजूदगी में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य तय किए गए लक्ष्यों के अनुसार बड़े पैमाने पर पौधे लगाना और इस पूरे अभियान में आम जनता की भागीदारी सुनिश्चित करना था। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष में राज्य सरकार ने पूरे प्रदेश में 35 करोड़ पौधे लगाने का एक बड़ा लक्ष्य तय किया है, जिसकी शुरुआत मुख्यमंत्री द्वारा की जाएगी।
बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों ने जिले को हरा-भरा बनाने और सरकारी जमीनों को सुरक्षित रखने के लिए कई जरूरी और व्यावहारिक सुझाव दिए। विधान परिषद सदस्य अवनीश कुमार सिंह ने अधिकारियों से कहा कि वे जिले की नदियों के किनारे पड़ी खाली जमीनों को चिन्हित करें और वहां बड़े पैमाने पर बांस के पौधे लगाने की एक ठोस कार्ययोजना तैयार करें। इसके साथ ही सेवता क्षेत्र के विधायक ज्ञान तिवारी ने धार्मिक स्थल नैमिषारण्य के आश्रमों, महर्षि दधीचि कुंड के आस-पास के क्षेत्रों और ग्रामीण इलाकों में बनी गौशालाओं में पीपल, बरगद, पाकड़ और नीम जैसे बड़े व छायादार पेड़ लगाने की बात कही।
महोली क्षेत्र के विधायक शशांक त्रिवेदी ने स्थानीय पर्यावरण को मजबूत करने के लिए कठिना नदी के दोनों तटों पर सघन रूप से पौधे लगाने का प्रस्ताव रखा। वहीं विधान परिषद सदस्य पवन सिंह चौहान ने एक महत्वपूर्ण बिंदु पर ध्यान दिलाते हुए कहा कि विभिन्न सरकारी विभागों के पास जो भी खाली जमीनों के टुकड़े मौजूद हैं, उन पर तुरंत पौधे लगाए जाएं, जिससे पर्यावरण को लाभ मिलने के साथ-साथ उन जमीनों पर होने वाले अवैध कब्जों को भी रोका जा सकेगा। इसके अतिरिक्त बैठक में चहलारी घाट के पास सिंचाई विभाग की जमीन, गोमती नदी के तटवर्ती क्षेत्रों और सभी विकास खंडों की ग्राम पंचायतों में सामूहिक रूप से हरिशंकरी और सहजन के पौधे रोपने के निर्देश दिए गए। जनप्रतिनिधियों ने इस बात पर विशेष बल दिया कि केवल पौधे लगाना ही काफी नहीं है, बल्कि उनके बड़े होने तक उनकी नियमित देखरेख और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाने चाहिए।
जिलाधिकारी डॉक्टर राजा गणपति आर ने बैठक में मौजूद सभी सरकारी विभागों के प्रमुखों को कड़े निर्देश दिए कि वे आपसी तालमेल और समन्वय के साथ काम करें ताकि इस अभियान को पूरी तरह सफल बनाया जा सके। सामाजिक वानिकी के प्रभागीय निदेशक नवीन खंडेलवाल ने आश्वस्त किया कि शासन की मंशा और दिशा-निर्देशों के अनुरूप जिले में व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जा रहा है और आम जनता के सहयोग से इस बड़े वृक्षारोपण कार्यक्रम को पूरी भव्यता के साथ संपन्न कराया जाएगा।
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