सीतापुर में संदिग्ध मौत पर हंगामा: ग्रामीणों ने थाने का घेराव कर सड़क पर लगाया जाम, हत्या के केस की मांग

सीतापुर थाना क्षेत्र के असईपुर गांव में युवक की संदिग्ध मौत पर ग्रामीणों ने थाने का घेराव कर सड़क जाम की। पुलिस निष्पक्ष जांच के आश्वासन में जुटी है।

Jul 3, 2026 - 22:38
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सीतापुर में संदिग्ध मौत पर हंगामा: ग्रामीणों ने थाने का घेराव कर सड़क पर लगाया जाम, हत्या के केस की मांग

Report : संदीप चौरसिया INA NEWS सीतापुर

सीतापुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले असईपुर गांव में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा भड़क उठा। पुलिस कार्रवाई में देरी से नाराज मृतक के परिजनों और सैकड़ों ग्रामीणों ने स्थानीय थाने का घेराव कर मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए इसे सामान्य हादसा मानने से इनकार कर दिया और मामले को हत्या बताते हुए संबंधित धाराओं में केस दर्ज करने की मांग पर अड़े रहे। इस विरोध प्रदर्शन के चलते सड़क पर लंबा जाम लग गया और वाहनों की कतारें लग गईं। बाद में क्षेत्राधिकारी ने मौके पर पहुंचकर कानून के अनुसार कार्रवाई करने और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया, जिसके बाद ही प्रदर्शन समाप्त हो सका।

प्राप्त विवरण के अनुसार असईपुर गांव के रहने वाले पैंतीस वर्षीय तिलक राम की रात के समय रहस्यमयी हालात में मौत हो गई थी। परिवार के सदस्यों का कहना है कि तिलक राम रोजाना की तरह रात को घर की छत पर सोने के लिए गए थे, जबकि बाकी लोग नीचे कमरों में सो रहे थे। सुबह के समय उनका शव घर के पिछले हिस्से में जमीन पर पड़ा हुआ मिला, जिसके बाद हड़कंप मच गया। घटना की शुरुआती सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस टीम ने मौके पर आकर शव को कब्जे में लिया था और जांच शुरू की थी।

इस मामले में मृतक के भाई रामसेवक ने पुलिस के सामने कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका स्पष्ट कहना है कि तिलक राम की मौत सिर्फ छत से गिरने के कारण नहीं हो सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि जब शव को देखा गया तो मृतक के गले पर सूजन के निशान थे और एक कान भी बुरी तरह फटा हुआ था। इन निशानों को देखते हुए परिवार को हत्या की पूरी आशंका है। दूसरी तरफ पुलिस का कहना है कि घटना के तुरंत बाद पीड़ित पक्ष की ओर से कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी, जिसके कारण आगे की कार्रवाई रुकी हुई थी।

शुक्रवार को जब बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन इंसाफ की मांग को लेकर थाने पहुंच गए, तो माहौल पूरी तरह गरमा गया। सड़क जाम होने की सूचना पर क्षेत्राधिकारी वेद प्रकाश श्रीवास्तव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने उग्र हो रहे ग्रामीणों को शांत कराया और परिजनों को आश्वस्त किया कि उनकी तहरीर के आधार पर उचित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर पूरी पारदर्शिता के साथ मामले की गहराई से जांच की जाएगी। इस ठोस आश्वासन के बाद ही ग्रामीणों ने अपना धरना खत्म किया, जिसके बाद पुलिस ने सड़क पर यातायात को दोबारा सुचारू रूप से बहाल कराया।

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