Sitapur News: सीतापुर में लखनऊ जा रहे कृषि व्यापारियों का पैदल मार्च रोका, लालबाग चौराहे पर प्रशासन से तीखी नोकझोंक
Sitapur Traders Protest: खुदरा कृषि व्यापारी वेलफेयर एसोसिएशन का लखनऊ मार्च लालबाग चौराहे पर रोका गया। व्यापारियों और अधिकारियों के बीच हुई तीखी बहस।
Report : संदीप चौरसिया INA NEWS सीतापुर
सीतापुर जिले में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की तरफ पैदल मार्च कर रहे खुदरा कृषि व्यापारियों को स्थानीय प्रशासन ने बीच रास्ते में ही रोक दिया। खुदरा कृषि व्यापारी वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले एकजुट होकर निकले इन व्यापारियों को सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर शहर के प्रमुख लालबाग चौराहे पर रोका गया। इस दौरान प्रदर्शनकारी व्यापारियों और मौके पर तैनात प्रशासनिक अधिकारियों के बीच काफी देर तक तीखी नोकझोंक हुई। इस टकराव के कारण चौराहे पर कुछ समय के लिए माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया और राहगीरों को भी आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
आंदोलन में शामिल व्यापारियों का कहना है कि वे अपनी जायज मांगों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से आगे बढ़ रहे थे। उनका आरोप है कि प्रशासन ने न केवल उन्हें लखनऊ जाने से जबरन रोका, बल्कि जब उन्होंने लोकतांत्रिक मर्यादा के तहत सड़क किनारे शांतिपूर्वक धरने पर बैठने की इच्छा जताई, तो उसकी भी अनुमति नहीं दी गई। प्रदर्शनकारियों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि अपनी समस्याओं को शांतिपूर्ण तरीके से उठाना उनका संवैधानिक अधिकार है, लेकिन अधिकारियों द्वारा की गई यह कार्रवाई उनके अधिकारों को दबाने जैसी है। व्यापारियों के अनुसार, उनकी समस्याओं का बातचीत के जरिए कोई ठोस हल निकालने के बजाय पुलिस और प्रशासन बलपूर्वक उनकी आवाज को शांत कराने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने साफ लहजे में चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ही कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो इस आंदोलन को पूरे प्रदेश में और अधिक व्यापक रूप दिया जाएगा।
दूसरी तरफ, मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा, कानून व्यवस्था और शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए यह कदम उठाना बेहद जरूरी था। अधिकारियों ने तर्क दिया कि बिना पूर्व अनुमति के मुख्य मार्ग पर इतनी बड़ी संख्या में लोगों के मार्च करने से आम जनता को भारी असुविधा हो रही थी और सुरक्षा संबंधी खतरे भी उत्पन्न हो सकते थे। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में रखने और शांति बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए हैं। फिलहाल व्यापारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और धरना स्थल के आसपास भारी सुरक्षा बल तैनात है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन और व्यापारियों के बीच होने वाली आगामी बातचीत से कोई समाधान निकलता है या यह विरोध प्रदर्शन आने वाले दिनों में और उग्र रूप धारण करता है।
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