Sonu Nigam Breaking Silence On NEET Row: 'जिंदगी में काफी स्टैंड ले चुका हूं', नीट प्रोटेस्ट पर आलोचना झेलने के बाद सोनू निगम का बयान
Sonu Nigam On NEET Protest: नीट परीक्षा विवाद पर टिप्पणी न करने के कारण आलोचना का सामना कर रहे मशहूर गायक सोनू निगम ने अब अपनी सफाई पेश की है।
- Sonu Nigam On NEET Protest: नीट विरोध पर चुप्पी तोड़ने पर ट्रोल होने के बाद बोले सोनू निगम, दी अपनी सफाई
- नीट प्रोटेस्ट पर टिप्पणी न करने पर ट्रोल हुए सोनू निगम ने तोड़ी चुप्पी: कहा- जिंदगी में कई मुद्दों पर ले चुका हूं स्टैंड, प्रेस कॉन्फ्रेंस के शिष्टाचार पर भी दी प्रतिक्रिया
- Sonu Nigam Clarification On NEET Protest: नीट परीक्षा विवाद पर बयान न देने पर सोनू निगम ने रखी अपनी बात, आलोचकों को दिया जवाब
मशहूर पार्श्व गायक सोनू निगम ने नीट (NEET) परीक्षा विवाद और छात्रों के विरोध प्रदर्शन पर टिप्पणी न करने के कारण सोशल मीडिया पर हो रही अपनी आलोचना पर अब चुप्पी तोड़ी है। हाल ही में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में जब उनसे छात्रों के जारी आंदोलन पर राय मांगी गई थी, तो उन्होंने कथित तौर पर 'अब बस हो गया' कहकर सवाल को टाल दिया था, जिसके बाद इंटरनेट पर उन्हें तीखी प्रतिक्रियाओं का सामना करना पड़ा था। बॉम्बे टाइम्स को दिए एक हालिया साक्षात्कार में सोनू निगम ने स्पष्ट किया कि उन्होंने उस समय इस विषय पर बात करने से क्यों परहेज किया था। गायक ने याद दिलाया कि वे अपने जीवन में कई महत्वपूर्ण और संवेदनशील मुद्दों पर खुलकर स्टैंड ले चुके हैं, लेकिन किसी कार्यक्रम की गरिमा और उसके मूल विषय पर ध्यान केंद्रित रखना भी बुनियादी शिष्टाचार का हिस्सा होता है।
राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) में हुई कथित अनियमितताओं और धांधली के खिलाफ देश भर के छात्र सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। इसी माहौल के बीच एक इवेंट में पहुंचे गायक सोनू निगम से मीडियाकर्मियों ने छात्रों के आंदोलन को लेकर उनका रुख जानना चाहा था। उस वक्त सोनू निगम ने विषय से अलग सवाल होने के कारण प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया था। उनका यह रुख सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और लोगों के एक वर्ग ने उन पर छात्रों के गंभीर मुद्दे के प्रति उदासीन रहने का आरोप लगाते हुए उन्हें निशाना बनाना शुरू कर दिया था। अब गायक ने इस पूरी स्थिति पर अपना पक्ष रखा है।
पूरे विवाद की शुरुआत उस वक्त हुई जब एक सार्वजनिक समारोह के दौरान संवाददाताओं ने सोनू निगम से देश में चल रहे नीट प्रोटेस्ट पर उनका वक्तव्य मांगा। वायरल वीडियो के अनुसार, गायक ने अवांछित सवाल पर थोड़ी असहमति जताते हुए बातचीत को विराम देने के अंदाज में टिप्पणी की थी। इसके तुरंत बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर उन्हें आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। यूजर यह सवाल उठाने लगे कि देश के इतने बड़े और संवेदनशील छात्र मुद्दे पर एक सार्वजनिक हस्ती होकर वे चुप क्यों हैं।
इस लगातार हो रही ट्रोलिंग और विवाद के बीच बॉम्बे टाइम्स से बातचीत करते हुए सोनू निगम ने अपनी मंशा साफ की। उन्होंने बताया कि मीडिया और सार्वजनिक जीवन में लगभग तीन दशक बिताने के बाद उन्होंने यह बुनियादी शिष्टाचार सीखा है कि जब कोई प्रेस कॉन्फ्रेंस या कार्यक्रम किसी विशिष्ट उद्देश्य या प्रोजेक्ट के लिए आयोजित किया जाता है, तो बातचीत को उसी विषय तक सीमित रखा जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यक्रम का माहौल और उसका उद्देश्य किसी अन्य असंबंधित विषय पर गंभीर टिप्पणी करने के लिए उचित नहीं था।
इसी संदर्भ में अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए सोनू निगम ने आलोचकों को याद दिलाया कि वे कभी भी सामाजिक या राष्ट्रीय मुद्दों पर अपनी आवाज उठाने से पीछे नहीं हटे हैं। उन्होंने कहा कि अपने अब तक के करियर और जीवन में वे कई ऐसे मौकों पर बेबाकी से अपना स्टैंड ले चुके हैं, जहां कई अन्य लोग चुप रहना पसंद करते हैं। इसलिए किसी एक कार्यक्रम में विषय से अलग हटकर टिप्पणी न करने का अर्थ यह बिल्कुल नहीं निकाला जाना चाहिए कि वे संवेदनशील मुद्दों के प्रति असंवेदनशील हैं।
सोनू निगम की इस सफाई के बाद मनोरंजन जगत और मीडिया गलियारों में एक नई बहस शुरू हो गई है। कई वरिष्ठ पत्रकारों और जनसंपर्क विशेषज्ञों ने सोनू निगम के इस तर्क का समर्थन किया है कि किसी भी प्रेस कॉन्फ्रेंस का एक तय प्रोटोकॉल होता है और सेलेब्रिटीज को हर मुद्दे पर तुरंत ऑन-द-स्पॉट प्रतिक्रिया देने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए।
दूसरी ओर, सोशल मीडिया पर छात्रों का समर्थन कर रहे कई लोगों का मानना है कि जब देश का युवा वर्ग इतने बड़े संकट से गुजर रहा हो, तो जाने-माने कलाकारों को अपनी बात रखनी चाहिए। हालांकि, सोनू निगम के प्रशंसकों का कहना है कि किसी कलाकार को अपनी राय व्यक्त करने की स्वतंत्रता होनी चाहिए और उन्हें हर मंच पर राजनीतिक या सामाजिक बयान देने के लिए बाध्य करना उचित नहीं है।
सोनू निगम के इस ताजा बयान ने बॉलीवुड और संगीत उद्योग के कलाकारों पर समसामयिक मुद्दों पर बोलने के बढ़ते जन-दबाव को एक बार फिर उजागर कर दिया है। इस वाकये से यह बात स्पष्ट हुई है कि आज के डिजिटल युग में किसी सेलिब्रिटी द्वारा किसी मुद्दे पर दिया गया बयान या उस पर साधी गई चुप्पी दोनों ही समान रूप से चर्चा का केंद्र बन जाते हैं। इस वाकये ने सार्वजनिक कार्यक्रमों में मीडिया प्रोटोकॉल और विषय-सीमा को बनाए रखने के महत्व पर भी बहस छेड़ दी है।
सोनू निगम द्वारा स्थिति स्पष्ट किए जाने के बाद अब इस विवाद के शांत होने की उम्मीद जताई जा रही है। गायक अपने आगामी संगीत प्रोजेक्ट्स और लाइव शो पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। वहीं, मनोरंजन उद्योग से जुड़े अन्य कलाकार भी सार्वजनिक मंचों पर मीडिया के सवालों का सामना करते समय अधिक सतर्कता बरत रहे हैं ताकि उनके बयानों या प्रतिक्रियाओं का गलत अर्थ न निकाला जा सके।
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