Lucknow News: केंद्रीय ऊर्जा राज्य मंत्री की अध्यक्षता में विद्युत वितरण कंपनियों की व्यवहार्यता पर मंत्री समूह की तीसरी बैठक हुई। 

कोयले आधारित विद्युत उत्पादन में निर्भरता को कम करने के लिए नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन पर देना होगा अधिक जोर - केंद्रीय ऊर्जा राज्य मंत्री 

By INA News Desk
Mar 29, 2025 - 21:06
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Lucknow News: केंद्रीय ऊर्जा राज्य मंत्री की अध्यक्षता में विद्युत वितरण कंपनियों की व्यवहार्यता पर मंत्री समूह की तीसरी बैठक हुई। 
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लखनऊ: केंद्रीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपद येसो नायक की अध्यक्षता में देश के विद्युत वितरण एवं आपूर्ति व्यवस्था को और बेहतर बनाने, लाइन हानियों को कम करने, डिस्काम को हानियों से बचाने, उपभोक्ताओं को सस्ती दरों में कैसे बिजली मिले, विद्युत दरों में कमी लाने, निर्बाध विद्युत आपूर्ति, उपभोक्ताओं की समस्याओं का त्वरित समाधान, नई तकनीक के प्रयोग, उपकेंद्रों की व्यवस्था में सुधार, नवीकरणीय ऊर्जा आदि को लेकर लखनऊ में मंत्री समूह की योजना भवन, लखनऊ में बैठक हुई।

इस बैठक में आंध्र प्रदेश के ऊर्जा मंत्री गोट्टीपति रवि कुमार, मध्य प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर, महाराष्ट्र के ऊर्जा राज्य मंत्री मेघना साकोरे बोर्डीकर के साथ भारत सरकार और संबंधित राज्यों के ऊर्जा मंत्रालयों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव, डायरेक्टर एवं निजी सेक्टर के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग कर विद्युत् के सुदृढ़ीकरण पर चर्चा की।

केंद्रीय ऊर्जा राज्य मंत्री ने मंत्री समूह की उत्तर प्रदेश में आयोजित तीसरी बैठक की अध्यक्षता अध्यक्षता करते कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत विद्युत के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन रहा है। मोदी जी के संकल्पों को पूरा करने के लिए विद्युत व्यवस्था में सुधार की अति आवश्यकता है। साथ ही कोयले आधारित विद्युत उत्पादन में निर्भरता कम करने के लिए नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन पर भी अधिक से अधिक जोर देना होगा। उपभोक्ताओं को सस्ती दरों में बिजली मिल सके, उन्हें अपनी बिजली जरूरत को पूरा करने के लिए नुकसान न उठाना पड़े और वे समय से अपना बिल भी जमा कर सकें इसके भी प्रयास करना होगा। साथ ही विद्युत व्यवस्था में सुधार के लिए नई तकनीकी का प्रयोग कर विद्युत वितरण एवं आपूर्ति में कैसे सुधार किया जा सके। विद्युत हानियों को काम करने के प्रयासों के साथ उपभोक्ताओं को 24 घंटे विद्युत आपूर्ति कैसे मिले इस पर कार्य हो।  डिस्कॉम को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने तथा उन्हें हानिया से बचाने के लिए भी प्रयास करना होगा।

बैठक में मंत्री समूह में शामिल राज्यों महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, राजस्थान, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश के ऊर्जा विभाग ने अपने राज्यों में ऊर्जा के क्षेत्र में हो रहे सुधार कार्यों को लेकर प्रजेंटेशन भी प्रस्तुत किया और विद्युत व्यवस्था में सुधार के लिए जरूरी सुझाव भी दिए। मानव संसाधन की पर्याप्त उपलब्धता, स्किल्ड स्टाफ, नेट मीटरिंग, बैटरी स्टोरेज, पंप स्टोरेज, सोलर और विंड एनर्जी तथा पीपीपी मॉडल को अपनाने पर भी बल दिया गया।

मंत्री समूह की बैठक में प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्री ए.के. शर्मा ने बताया कि उत्तर प्रदेश में विद्युत सुधार के कार्यों में युद्ध स्तर पर कार्य किया जा रहा है। पिछली गर्मी में 30,618 मेगावाट की ऐतिहासिक आपूर्ति कर हमारा प्रदेश पूरे देश में प्रथम स्थान पर रहा था। विद्युत चोरी को नियंत्रित कर तथा विद्युत व्यवस्था में सुधार कर प्रदेश में लाइन हानियों को धीरे-धीरे काम किया जा रहा है। इसी प्रकार उपभोक्ताओं की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए भी सम्भव पोर्टल आधारित जनसुनवाई कर लोगों को न्याय दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विद्युत के क्षेत्र में हमारा देश आत्मनिर्भर ही नहीं बल्कि सुदृढ़ और व्यवस्थित होकर सरप्लस स्टेट बनेगा और हमेशा के लिए बिजली की इस ऐतिहासिक समस्या से मुक्ति मिलेगी।

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मंत्री समूह में की बैठक में ऊर्जा मंत्री ने प्रदेश की ओर से विद्युत सुधार को लेकर कई सुझाव दिए और कहा कि विद्युत के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश दिन प्रतिदिन सुधार कर रहा है, जिन क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था नहीं थी, ऐसे 1.21 लाख मजरों का विद्युतीकरण किया गया। बायो कंप्रेस्ड गैस का 213 टन प्रतिदिन उत्पादन किया जा रहा, कुसुम सी-1, आरडीएसएस, ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर बनाने के क्षेत्र में हमारा प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। प्रदेश में चल रहे अनुरक्षण कार्यो से ट्रांसफार्मर जलने की स्थिति में कमी आई है। ऊर्जा के क्षेत्र में प्रदेश में जो भी नवाचार और सुधार के कार्य हो रहे हैं तथा केस्को कानपुर में बिल संबंधी समस्याओं को लेकर कंप्यूटराइज्ड आधारित टेस्ट लेस सर्विस की नई व्यवस्था शुरू करने की मंत्री समूह ने प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बिजली की बढ़ती हुई मांग को लेकर विद्युत व्यवस्था में सुधार किया जा रहा है। नए उपकेंद्रों का निर्माण, विद्युत उत्पादन की नई परियोजनाएं बनाना, सौर ऊर्जा की परियोजनाओ का निर्माण हो रहा है।

ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने मंत्री समूह की बैठक में आए ऊर्जा मंत्रियों को राम मंदिर का नमूना,  गुलदस्ता और साल भेंटकर स्वागत किया एवं सम्मान दिया तथा सभी से अयोध्या भ्रमण के लिए आग्रह किया। उन्होंने बताया कि अयोध्या को सोलर सिटी के रूप में विकसित किया गया है। वहां पर 40 मेगावाट सोलर पावर का उत्पादन हो रहा है। सभी चौराहे, मुख्य सड़के व पार्क सोलर से प्रकाशित हैं।

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