यूपी में मंडियों की व्यवस्था पर कड़ा एक्शन: छह जिलों में निरीक्षण, लापरवाही पर अफसरों की जवाबदेही तय, प्रभार छीने
राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के निदेशक ने छह जिलों की मंडियों का औचक निरीक्षण किया। खामियों पर अधिकारियों पर कार्रवाई और व्यवस्था दुरुस्त करने के कड़े आदेश।
प्रदेश के किसानों और व्यापारियों को मंडियों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद ने निगरानी व्यवस्था तेज कर दी है। मंडी परिषद के निदेशक जितेंद्र प्रताप सिंह ने दो दिवसीय सघन दौरे के तहत छह जनपदों की प्रमुख मंडियों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान लखनऊ के मलिहाबाद, हरदोई के संडीला व मुख्य मंडी स्थल, शाहजहांपुर, तिलहर, लखीमपुर के मैंगलगंज और सीतापुर की मंडियों में बुनियादी सुविधाओं की गहन पड़ताल की गई। 'स्वच्छ मंडी-शुभ मंडी' अभियान के तहत परिसरों के कायाकल्प, स्वच्छता और रखरखाव पर जोर देते हुए स्पष्ट किया गया कि व्यवस्थाओं में शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

मलिहाबाद फल मंडी के भ्रमण के दौरान निदेशक ने अव्यवस्थाओं पर असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह मंडी देश भर में विशेष पहचान रखती है, इसलिए यहां साफ-सफाई और अनुशासन का स्तर उच्च होना चाहिए। परिसर में पड़े अनुपयोगी सामान, अतिक्रमण और आम के पिछले सीजन के टेंटों के अवशेषों को तत्काल हटाने तथा परिसर का सौंदर्यीकरण कराने के निर्देश दिए गए। आगामी आम सीजन के मद्देनजर व्यापारियों और आढ़तियों की सुविधा के लिए अभी से अग्रिम कार्ययोजना बनाने पर बल दिया गया।

हरदोई के संडीला नवीन मंडी स्थल में पेयजल की टंकी और कई हाईमास्ट लाइटें खराब मिलने पर कड़ी नाराजगी जताई गई। संबंधित अधिकारियों और कर्मियों से स्पष्टीकरण तलब कर विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। सड़कों के क्षतिग्रस्त हिस्सों की तुरंत मरम्मत कराने, अधूरे अभिलेखों को ठीक करने और धान खरीद केंद्र पर लोडिंग-अनलोडिंग के काम में आ रही बाधा को दूर करने के लिए तत्काल अनुबंध प्रक्रिया पूरी कराने को कहा गया।
हरदोई मुख्य मंडी में वित्तीय अनियमिता का मामला सामने आने पर उपनिदेशक निर्माण से स्पष्टीकरण मांगा गया। यहां लगभग एक करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृत सीसी सड़क निर्माण की धनराशि को बिना सक्षम स्तर की अनुमति के अन्य कार्यों में व्यय कर दिया गया था, जिस पर विधिक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। उधर बरेली मंडी में एक माह पूर्व दिए गए आदेश के बाद भी हाईमास्ट और स्ट्रीट लाइटें ठीक न कराने पर उपनिदेशक विद्युत एवं यांत्रिक का कार्यभार तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया गया।

लखीमपुर जनपद की मैंगलगंज मंडी में गंदगी और अवैध कब्जों को तुरंत हटाने के आदेश दिए गए। परिसर स्थित आवासीय भवनों में अनाधिकृत बिजली उपयोग और बकाया बिलों की वसूली का निर्देश दिया गया। साथ ही नीलामी चबूतरे की टूटी शेड की मरम्मत न होने पर विस्तृत जांच के आदेश दिए गए। शाहजहांपुर में सुरक्षा दीवार दुरुस्त करने, तिलहर में खाली भूमि पर पार्क विकसित करने और सीतापुर गल्ला मंडी में किसान प्रतीक्षालय व अतिरिक्त शौचालयों के निर्माण पर जोर दिया गया।
धान खरीद की समीक्षा करते हुए क्रय केंद्रों पर ढुलाई कार्य के लिए ठेकेदारों के चयन की लंबित प्रक्रिया को दो दिनों के भीतर पूरा करने के कड़े निर्देश जारी किए गए। संबंधित अभियंताओं और उपनिदेशकों को अपने क्षेत्रों में नियमित भ्रमण कर व्यवस्थाओं की निगरानी करने को कहा गया है। निरीक्षण के दौरान किसानों और व्यापारियों से सीधे संवाद कर उनकी स्थानीय समस्याओं के त्वरित समाधान का आश्वासन भी दिया गया।
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