यूपी में घटतौली और ओवररेटिंग पर सख्त एक्शन: मिठाई, एलपीजी और सर्राफा दुकानों पर विधिक माप विज्ञान का छापा
त्योहारी सीजन में घटतौली और एमआरपी से अधिक वसूली रोकने के लिए यूपी में विधिक माप विज्ञान विभाग का बड़ा अभियान। 6 प्रमुख सेक्टरों पर विभागीय टीमों का कड़ा पहरा।
दीपावली, गोवर्धन पूजा, भैयादूज और छठ जैसे प्रमुख त्योहारों के दौरान बाजारों में उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा और अनुचित व्यापारिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए विधिक माप विज्ञान विभाग ने प्रदेशव्यापी जांच अभियान तेज कर दिया है। खरीदारी की भारी भीड़ का लाभ उठाकर सामान की तौल में हेराफेरी करने और डिब्बाबंद वस्तुओं पर तय अधिकतम खुदरा मूल्य यानी एमआरपी से अधिक दाम वसूलने वालों के खिलाफ विभाग की टीमें लगातार सक्रिय हैं। यह सघन जांच अभियान दो चरणों में संचालित किया जा रहा है, जिसका पहला दौर 31 अक्टूबर तक चलेगा, जबकि दूसरा चरण 2 नवंबर से 5 नवंबर तक प्रभावी रहेगा।
विधिक माप विज्ञान विभाग के नियंत्रक अमनदीप डुली के निर्देश पर सभी जनपदों में उपनियंत्रकों, सहायक नियंत्रकों और वरिष्ठ निरीक्षकों के नेतृत्व में सचल दल गठित किए गए हैं। ये टीमें अपने-अपने अधिकार क्षेत्रों में नियमित पड़ताल के साथ-साथ बाजारों में औचक छापेमारी कर रही हैं। विभाग ने इस विशेष अभियान के लिए छह ऐसे प्रमुख व्यापारिक क्षेत्रों को चिन्हित किया है, जहां त्योहारी मांग अधिक होने के कारण उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी की आशंका सर्वाधिक रहती है।
जांच के दायरे में सबसे पहले मिठाई और उपहारों के पैकेट शामिल हैं। दुकानों पर मिठाई के वजन के साथ भारी डिब्बों की तौल करने की प्रवृत्ति पर सख्ती से नजर रखी जा रही है, साथ ही गिफ्ट हैंपर्स पर शुद्ध मात्रा और मूल्य की घोषणाओं की पड़ताल हो रही है। इसके अतिरिक्त घरेलू और व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों में गैस की वास्तविक मात्रा की जांच की जा रही है, ताकि उपभोक्ताओं को कम गैस मिलने की समस्या न झेलनी पड़े।
खाद्य तेल, वनस्पति और घी के टिनों व पैकेटों पर अंकित शुद्ध मात्रा और तय मूल्य का मिलान कराया जा रहा है। इसी प्रकार आटा, मैदा और सूजी के पैकेटों व बोरों के वास्तविक वजन का सत्यापन भी टीमें मौके पर कर रही हैं। सराफा बाजार में आभूषणों की तौल के लिए उपयोग किए जा रहे इलेक्ट्रॉनिक कांटों और तराजू के आधिकारिक सत्यापन तथा उन पर लगी सुरक्षा सील की सूक्ष्मता से जांच की जा रही है। गृह सज्जा और रंगाई-पुताई में इस्तेमाल होने वाले पेंट के डिब्बों पर दर्ज मात्रा और मूल्य के नियमों के अनुपालन की भी सघन पड़ताल की जा रही है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन कर उपभोक्ताओं के अधिकारों का हनन करने वाले व्यापारियों और प्रतिष्ठानों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे।
What's Your Reaction?

