यूपी में खुली मिठाइयों पर भी लागू होगा नया नियम, 15 अक्टूबर से तय करनी होगी इस्तेमाल की आखिरी तारीख

उत्तर प्रदेश में 15 अक्टूबर से मिठाइयों पर यूज बाय डेट लिखना अनिवार्य हो गया है। खुली और पैक दोनों तरह की मिठाइयों पर अब ताजगी और गुणवत्ता की समय सीमा बतानी होगी।

By INA News Desk
Oct 12, 2026 - 21:08
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यूपी में खुली मिठाइयों पर भी लागू होगा नया नियम, 15 अक्टूबर से तय करनी होगी इस्तेमाल की आखिरी तारीख
प्रतीकात्मक चित्र

उत्तर प्रदेश में त्योहारों के सीजन के बीच खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और शुद्धता को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। राज्य में अब मिठाइयों पर उपयोग की अंतिम तारीख यानी यूज बाय डेट प्रदर्शित करना अनिवार्य कर दिया गया है। यह व्यवस्था पैकेट बंद मिठाइयों के साथ-साथ खुली मिठाइयों पर भी लागू होगी, जिन्हें दुकानों पर बिक्री के लिए सजाकर रखा जाता है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की ओर से इस संबंध में पहले ही विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं।

त्योहारी सीजन में ग्राहकों को मिलने वाली मिठाइयां कितनी ताजी हैं और उनका सेवन कब तक किया जाना सुरक्षित है, इस बात की जानकारी अब आसानी से मिल सकेगी। इस नई व्यवस्था के तहत दुकानदारों को अपनी दुकान पर बेची जाने वाली हर तरह की मिठाई के आगे उसकी उपयोग अवधि लिखनी होगी। अधिकारियों का मानना है कि इससे ग्राहकों को यह तय करने में मदद मिलेगी कि वे जो उत्पाद खरीद रहे हैं, उसकी गुणवत्ता और ताजगी का स्तर क्या है।

सभी मिठाइयों की शेल्फ लाइफ एक जैसी नहीं होगी। खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि मिठाई किस चीज से बनी है, उसे बनाने की प्रक्रिया क्या है और उसे किस तरह से रखा गया है, इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए कारोबारी खुद उसकी उपयोग अवधि तय करेंगे। अलग-अलग प्रकार की मिठाइयों की यह अवधि एक दिन से लेकर तीस दिन तक हो सकती है। दुकानदारों को इस अवधि को अपने बिक्री केंद्र पर बहुत साफ शब्दों में लिखना होगा ताकि आने वाले ग्राहकों को इसकी पूरी जानकारी मिल सके।

यह नियम केवल एक सूचना मात्र नहीं है, बल्कि इसके साथ कारोबारियों की जवाबदेही भी तय की गई है। यदि किसी मिठाई की उपयोग अवधि पांच दिन तय की गई है, तो विक्रेता की यह जिम्मेदारी होगी कि उन पांच दिनों के दौरान उस उत्पाद की गुणवत्ता और मानक हर हाल में सुरक्षित बने रहें। यदि जांच के दौरान कोई भी मिठाई मानक के विपरीत पाई जाती है, तो संबंधित कारोबारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विभाग का यह कदम उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा करने और बाजार में पारदर्शिता लाने की दिशा में एक प्रभावी प्रयास माना जा रहा है।

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